Act of War : जब ये शब्द बन जाते हैं युद्ध का ऐलान
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पहलगाम के जवाब में भारत ने सिंधु जल समझौते (Indus waters treaty) को निलंबित किया तो पाकिस्तान (Pakistan) चीख पड़ा - यह Act of War है। आखिर क्या है इसका मतलब?
पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में सिंधु जल समझौते (Indus waters treaty) को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान (Pakistan) ने इसे एक्ट ऑफ वार बताया है। आखिर इसका मतलब क्या है?
Act of War - सिर्फ तीन शब्द, लेकिन इनमें छिपी है पूरी इंसानियत की त्रासदी, कूटनीति की चुनौती और युद्ध के पीछे की वैधता का संकट। यह वाक्यांश कोई सामान्य कानूनी या सैन्य शब्द नहीं, बल्कि वो सीमारेखा है जहां शब्द खत्म हो जाते हैं और बंदूकें बोलने लगती हैं।
Act of War का अर्थ
इसका सीधा अनुवाद किया जाए तो मतलब होता है, युद्ध की कार्रवाई। लेकिन असल में यह इससे कहीं ज्यादा जटिल और बहुआयामी है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में यह वो बिंदु होता है, जब किसी देश की कोई आक्रामक कार्रवाई इतनी गंभीर हो जाती है कि उसे युद्ध की शुरुआत माना जा सकता है।
यह सिर्फ टैंकों के चलने या मिसाइल के गिरने तक सीमित नहीं है। Act of War आज साइबर हमलों से लेकर आर्थिक नाकेबंदी और सीमा पर उकसावे तक, किसी भी रूप में सामने आ सकता है।
इतिहास की धूल में दबा यह शब्द कैसे बना एक अवधारणा?
Act of War का जन्म उस समय हुआ जब युद्ध एक 'संस्थान' हुआ करता था। प्राचीन रोमन साम्राज्य में अगर कोई युद्ध करना चाहता था, तो उसे पहले 'Declaratio Belli' यानी युद्ध की औपचारिक घोषणा करनी पड़ती थी। यह सिर्फ तलवारों की लड़ाई नहीं, बल्कि विधि और धर्म के साथ जुड़ी एक प्रक्रिया थी।
मध्यकाल में यह विचार और गहराया। युद्ध तभी न्यायसंगत माना जाता था, जब उसके पीछे नैतिक कारण हो, जैसे धर्म की रक्षा या उत्पीड़न के विरुद्ध खड़ा होना। यह वही दौर था, जब Just War Theory अस्तित्व में आई।
फिर आया 19वीं सदी का यूरोप। वियना कांग्रेस (1815) के बाद शक्तियों ने तय किया कि युद्ध अनियंत्रित नहीं हो सकता। Act of War अब सिर्फ तलवार चलाने का नाम नहीं रह गया, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय कानून की परिभाषाओं में कैद करने की कोशिश हुई।
20वीं सदी में जैसे ही दो विश्व युद्धों ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने तय किया कि अब शांति को प्राथमिकता दी जाएगी। United Nations Charter (1945) ने साफ कर दिया कि अब किसी देश को बल प्रयोग की इजाजत नहीं है, जब तक वह आत्मरक्षा में न हो। यहीं से एक्ट ऑफ वॉर (Act of War) की परिभाषा और भी जटिल हो गई।
Legal definition of Act of War यह मानती है कि अगर कोई सैन्य कार्रवाई निम्नलिखित परिस्थितियों में होती है तो वह युद्ध की कार्रवाई मानी जा सकती है :
- अगर दो या अधिक देशों के बीच घोषित या अघोषित युद्ध हो।
- अगर किसी देश की सीमा में सैन्य बल का प्रयोग हो।
- अगर किसी देश की संप्रभुता पर जानबूझकर हमला किया जाए।
इतिहास के Act of War
- 1837 का Caroline Affair। ब्रिटेन ने अमेरिका की सीमा में घुसकर एक जहाज को नष्ट किया। अमेरिका ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे युद्ध की कार्रवाई कहा था।
- 1937-1941, जब जापान ने मंचूरिया पर हमला किया। जापान ने युद्ध घोषित नहीं किया, लेकिन चीन और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस कार्रवाई को Act of War माना था।
- 1982 में अर्जेंटीना ने बिना युद्ध की घोषणा किए Falkland Islands पर कब्जा कर लिया। ब्रिटेन ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया और एक्ट ऑफ वॉर मानते हुए सशस्त्र जवाब दिया।
- 2013 में सोनी कंपनी पर साइबर अटैक हुआ। उत्तर कोरिया पर अमेरिकी कंपनी को हैक करने का आरोप लगा। उस समय अमेरिकी प्रशासन के भीतर बहस छिड़ गई - क्या यह साइबर हमला भी Act of War माना जाए?
आज जब दुनिया Hybrid Warfare, साइबर अटैक और आर्थिक प्रतिबंधों के दौर में है, तब Act of War की परिभाषा और भी जरूरी, और कहीं ज्यादा जटिल हो चुकी है।
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