जिन्ना से इतना चिढ़ता क्यों है पाकिस्तान?
https://uplive24.com/why-do-pakistans-hardliners-dislike-jinnah/ मोहम्मद अली जिन्ना ने बहुत लड़-झगड़कर भारत का बंटवारा कराया था, लेकिन जब पाकिस्तान (Pakistan) नक्शे पर वजूद में आया भी नहीं था, तब उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई। 'आप स्वतंत्र हैं, पाकिस्तान में आप अपने मंदिरों में जाने के लिए स्वतंत्र हैं, आप अपनी मस्जिदों या अन्य पूजास्थलों में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। जाति-धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। सबको नागरिकता के समान अधिकार प्राप्त होंगे।' जिन्ना बोलते जा रहे थे और सुनने वालों का जायका बिगड़ता जा रहा था। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके कायदेआजम यह कौन-सी भाषा बोल रहे हैं। अगर पाकिस्तान (Pakistan News) में दूसरे धर्मों को भी जगह देनी है और सभी को एक नजर से देखना है, तो फिर पाकिस्तान की जरूरत ही क्यों? जिन्ना अपनी धुन में मगन थे, उत्साह से लबरेज। उन्हें यकीन था कि वह जो कुछ भी कह रहे हैं, उस पर सभी दिलोजान से अमल करेंगे। 11 अगस्त 1947 की तारीख थी, जब कराची में पाकिस्तान की संविधान सभा की प्रथम बैठक का उद्घाटन हुआ। जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) ने इसमें...