Aurangzeb : एलोरा की गुफाएं देख औरंगजेब को क्यों याद आए जिन्न
https://uplive24.com/why-did-aurangzeb-remember-jinn-after-seeing-the-ellora-caves/ औरंगजेब (Aurangzeb) लंबे समय तक औरंगाबाद (अब संभाजी नगर) में रहा। इस दौरान उसने जब एलोरा की गुफाएं देखीं, तो चौंक उठा। छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) के साथ औरंगजेब (Aurangzeb) का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। कह सकते हैं कि औरंगजेब आखिरी प्रभावशाली मुगल शासक था और उसकी विरासत पर प्रभाव पड़ा इस शहर का। इतिहास से पता चलता है कि उसने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा औरंगाबाद में बिताया। पहले एक सूबेदार के रूप में और फिर शासक के रूप में। औरंगजेब (Aurangzeb) का असर यहां आज भी दिखता है। फिर चाहें वे महल हों, बाजार, झील, मस्जिद या फिर मंदिर। अतीत के ये अवशेष पूरे शहर में बिखरे हुए हैं, जिसे द्वारों का शहर कहते हैं। औरंगाबाद का एक प्रमुख स्थल है बीबी का मकबरा। यहां औरंगजेब (Aurangzeb) की पत्नी दिलरस बानो की कब्र है। बादशाहनामा के मुताबिक, इसका निर्माण 1652 से 1660 ईसवी के बीच कराया गया। आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि औरंगजेब को पहली बार 1636 में सूबेदार की जिम्मेदारी देकर दक्कन भेजा गया था। वह यह...