क्या है फितरा, जकात और सदका?
रमजान में तीन शब्द ज्यादा सुनाई देते हैं - फितरा, जकात और सदका। रमजान में इनकी बड़ी अहमियत है। जानते हैं कि ये तीनों हैं क्या? क्या होता है फितरा? इसका पूरा नाम सदका-ए-फित्र है। इसे आम जबान में फितरा या फितराना भी कहा जाता है। इसकी व्यवस्था इसलिए बनाई गई, ताकि गरीब भी ईद मना सकें। इसी वजह से ईद से पहले फितरा अदा किया जाता है। पैगंबर मोहम्मद ने फरमाया कि हर किसी पर फितरा वाजिब है। ईद की नमाज होने से पहले इसे हर हाल में अदा करना जरूरी है। (Ramzan me Fitra Zakat aur sadka) ईद के बाद फितरे का कोई मतलब नहीं होता। जब त्योहार बीत गया, तब गरीब फितरा लेकर क्या करेंगे। इस्लाम के मुताबिक, फितरे पर पहला हक गरीब रिश्तेदार का है। उसके बाद आस-पास के गरीब लोगों का और फिर बाहर के लोगों का। Alevi Muslim in Turkey : नमाज न रमजान, फिर भी मुसलमान, कौन हैं अलेवी? यह समझना भी जरूरी है कि कितना फितरा अदा करना चाहिए। कहते हैं कि पैगंबर मोहम्मद ने जितना फितरा अदा किया था, आज उसी की कैलकुलेशन के हिसाब से लोग फितरा अदा करते है। उन्होंने एक स्वा खजूर, किशमिश, गेहूं या जौ अदा की थी। स्वा मापने का एक तरीका था, ...