जब भारतीय फुटबॉल से डरने लगा था यूरोप
Golden Era of Indian Football : आज भारतीयों की जुबान पर मेसी और रोनाल्डो हैं। लोगों ने विदेशी टीमों में से अपनी टीमें चुन रखी हैं। लेकिन एक समय भारतीय फुटबॉल टीम सबकी चहेती थी। uplive24.com पर स्पेशल रिपोर्ट। Golden Era of Indian Football : जब भी फुटबॉल विश्व कप शुरू होता है, तो भारत में यह सवाल उठने लगता है कि हमारी टीम क्यों नहीं? कब तक अर्जेंटीना या ब्राजील में भारतीय अपनी टीम और पसंदीदा खिलाड़ी चुनते रहेंगे? हालांकि एक वक्त देश फुटबॉल की बड़ी उभरती ताकत था। बहुत कम लोग जानते हैं कि तब भारतीय फुटबॉल टीम को एशिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता था। भारत को एशियाई फुटबॉल का ब्राजील तक कहा जाने लगा था। आज यह सुनकर हैरानी हो सकती है कि भारत ने 1951 और 1962 के एशियाई खेलों में फुटबॉल का स्वर्ण पदक जीता था। 1951 में दिल्ली में भारत ने फाइनल में ईरान को हराया, जबकि 1962 के जकार्ता एशियाई खेलों में दक्षिण कोरिया को मात देकर दूसरा गोल्ड अपने नाम किया (Golden Era of Indian Football)। 1962 के टूर्नामेंट में भारत ने जापान जैसी मजबूत टीम को भी हराया था। आज यही जापान, दक्षिण कोरिया और ईरान लगात...