इस तरह खोजा गया केप वर्डे और फिर बना गुलामों का सबसे बड़ा केंद्र
फीफा फुटबॉल विश्व कप (Fifa World Cup) में केप वर्डे ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया। इसके पहले कई लोगों ने इस देश का नाम तक नहीं सुना था। uplive24.com पर जानिए इस देश का इतिहास। History of Cape Verde : अटलांटिक महासागर के बीचों-बीच बसा केप वर्डे आज अफ्रीका के सबसे शांत, स्थिर और लोकतांत्रिक देशों में गिना जाता है। लेकिन इस छोटे से द्वीपीय देश की कहानी संघर्ष, गुलामी, अकाल, उपनिवेशवाद और आजादी के लंबे सफर से होकर गुजरती है। कभी यह द्वीप ट्रांस-अटलांटिक दास व्यापार का बड़ा केंद्र था। यहां राजनीतिक कैदियों को निर्वासित किया जाता था और धार्मिक उत्पीड़न से भागे लोगों को शरण भी मिलती थी। इतिहासकारों के अनुसार 1456 में जब पुर्तगाली नाविक यहां पहुंचे तो उन्होंने इन द्वीपों को पूरी तरह निर्जन बताया। अब तक ऐसा कोई पुरातात्विक प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि यहां पहले कोई मानव बस्ती थी (History of Cape Verde)। उस समय पुर्तगाल नई समुद्री व्यापारिक राहों की तलाश में था। यूरोप से भारत और पश्चिमी अफ्रीका तक पहुंचने के लिए उसे नया समुद्री मार्ग चाहिए था, क्योंकि मसालों, सोने और...