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क्या चूना और नमक वाली बर्फ से कूलर AC जैसा ठंडा होता है?

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  सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे दावे वायरल होते हैं कि अगर कूलर की टंकी पर चूना लगा दिया जाए या उसमें नमक वाले पानी की बर्फ डाल दी जाए, तो कूलर AC जैसी ठंडी हवा देने लगता है। लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ इंटरनेट पर फैले लाखों फर्जी दावों में से एक (Cooler vs AC fact)? आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इन तरीकों में कितना दम है और कूलर को सही मायनों में ज्यादा ठंडा कैसे किया जा सकता है। क्या चूना और बर्फ से कूलर ज्यादा ठंडा होता है? सीधा जवाब है हां, थोड़ी बहुत ठंडक बढ़ सकती है, लेकिन कूलर कभी AC जैसी ठंडी हवा नहीं देगा। इन उपायों के पीछे थोड़ा विज्ञान जरूर है, लेकिन असर सीमित और अस्थायी होता है (Cooler vs AC fact)। How to fix slow mobile phone easily : फोन स्लो हो गया है? ये काम कीजिए टंकी पर चूना लगाने से क्या फायदा होता है? अगर कूलर की बाहरी बॉडी या टंकी पर सफेद चूना या सफेद पेंट लगाया जाए, तो वह धूप की गर्मी कम सोखता है। सफेद रंग सूरज की किरणों को ज्यादा परावर्तित करता है, इसलिए कूलर कम गर्म होता है। इसका फायदा यह हो सकता है धूप में रखा कूलर कम गर्म होगा, टंकी का पानी जल्दी गर्म नहीं हो...

Who are Houthis : क्या है हूतियों का इतिहास

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  Who are Houthis : मध्य पूर्व की राजनीति में हूती नाम बार-बार सुनाई पड़ता है - हूती। कभी यमन के एक स्थानीय विद्रोही समूह के रूप में उभरे ये लोग आज वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति को प्रभावित करने वाली ताकत बन चुके हैं। सवाल यह है कि आखिर हूती हैं कौन, कैसे इतने शक्तिशाली बने और क्यों पूरी दुनिया इन पर नजर रखे हुए है, जवाब uplive24.com पर? हूती दरअसल यमन के जैदी शिया मुस्लिम समुदाय से जुड़े एक सशस्त्र और राजनीतिक समूह हैं। इनकी जड़ें 1990 के दशक के अंत में पड़ीं, लेकिन 2000 के आसपास इन्हें असली समर्थन मिलना शुरू हुआ। उस समय यमन में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कमजोर शासन के खिलाफ लोगों में गुस्सा बढ़ रहा था। इसी माहौल में हूती एक विरोध आंदोलन से धीरे-धीरे सैन्य ताकत में बदल गए (Who are Houthis)। Saudi Arabia wants more attacks on iran : ईरान के खिलाफ ट्रंप को उकसाने वाला कौन है? जब हूती ने राजधानी पर कब्जा किया हूती आंदोलन का सबसे बड़ा मोड़ साल 2014 में आया, जब उन्होंने यमन की राजधानी सना (Sana’a) पर कब्जा कर लिया। इसके बाद 2015 में उन्होंने पश्चिम समर्थित राष्ट्रपति अबद-रब्बू...

गैस सिलेंडर या इंडक्शन, किस पर खाना बनाना सस्ता?

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  पश्चिम एशिया संकट के बीच LPG सिलेंडर महंगे हो रहे हैं। ऐसे में क्या इंडक्शन पर खाना बनाना सस्ता है? uplive24.com पर जानिए LPG और इंडक्शन कुकिंग का पूरा खर्च और तुलना। LPG vs induction cooking cost : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत की रसोई तक महसूस होने लगा है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में आई बाधाओं के कारण कई शहरों में LPG की आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। कुछ जगहों पर रेस्टोरेंट्स को अपना मेनू सीमित करना पड़ा है, जबकि कई घरों में लोग खाना बनाने के दूसरे विकल्पों पर विचार करने लगे हैं।  ऐसे माहौल में एक सवाल बार-बार सामने आ रहा है, क्या मौजूदा हालात में गैस सिलेंडर पर खाना बनाना सस्ता है या इंडक्शन का इस्तेमाल ज्यादा किफायती पड़ता है (LPG vs induction cooking cost)? भारत अपनी घरेलू रसोई गैस का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए जब भी वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल होती है, उसका असर सीधे देश में गैस की कीमतों और उपलब्धता पर पड़ता है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण समुद्री शिपिंग मार्गों पर दबाव बढ़ा है और ऊर्जा कीमतों में तेजी देखी गई है।  Jay Shah slammed P...

क्या है फितरा, जकात और सदका?

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रमजान में तीन शब्द ज्यादा सुनाई देते हैं - फितरा, जकात और सदका। रमजान में इनकी बड़ी अहमियत है। जानते हैं कि ये तीनों हैं क्या? क्या होता है फितरा? इसका पूरा नाम सदका-ए-फित्र है। इसे आम जबान में फितरा या फितराना भी कहा जाता है। इसकी व्यवस्था इसलिए बनाई गई, ताकि गरीब भी ईद मना सकें। इसी वजह से ईद से पहले फितरा अदा किया जाता है। पैगंबर मोहम्मद ने फरमाया कि हर किसी पर फितरा वाजिब है। ईद की नमाज होने से पहले इसे हर हाल में अदा करना जरूरी है। (Ramzan me Fitra Zakat aur sadka) ईद के बाद फितरे का कोई मतलब नहीं होता। जब त्योहार बीत गया, तब गरीब फितरा लेकर क्या करेंगे। इस्लाम के मुताबिक, फितरे पर पहला हक गरीब रिश्तेदार का है। उसके बाद आस-पास के गरीब लोगों का और फिर बाहर के लोगों का।  Alevi Muslim in Turkey : नमाज न रमजान, फिर भी मुसलमान, कौन हैं अलेवी? यह समझना भी जरूरी है कि कितना फितरा अदा करना चाहिए। कहते हैं कि पैगंबर मोहम्मद ने जितना फितरा अदा किया था, आज उसी की कैलकुलेशन के हिसाब से लोग फितरा अदा करते है। उन्होंने एक स्वा खजूर, किशमिश, गेहूं या जौ अदा की थी। स्वा मापने का एक तरीका था, ...

जोड़ियां क्या वाकई ऊपर से बनकर आती हैं?

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valentines day Love Marriage Astrology : क्या आपकी कुंडली में लव मैरिज योग है? uplive24.com पर जानें प्रेम विवाह के लिए कौन-से ग्रह जिम्मेदार होते हैं, पंचम और सप्तम भाव का क्या महत्व है और ज्योतिष के अनुसार प्रेम सफल होगा या नहीं। जोड़ियां तो ऊपर से बनकर आती हैं! जिससे संयोग होगा, उससे रिश्ता जुड़ ही जाएगा! बचपन से हम यह सुनते आए हैं, लेकिन क्या सच में शादी पहले से तय होती है? क्या कुंडली देखकर यह जाना जा सकता है कि आपकी शादी लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज? और अगर प्रेम होगा, तो कैसा होगा - सच्चा, निस्वार्थ या सिर्फ आकर्षण? ज्योतिष शास्त्र दावा करता है कि इन सवालों के जवाब जाने जा सकते हैं। बशर्ते ज्योतिष विद्या का गहरा जानकार आपकी कुंडली जानता हो। प्यार मोहब्बत जैसे मामलों पर से भी पर्दा उठा सकता है ज्योतिष शास्त्र (valentines day Love Marriage Astrology)।  किसी की कुंडली के जरिए उसके वर्तमान ही नहीं, बल्कि भूत और भविष्य के बारे में भी जाना जा सकता है। सिर्फ उस व्यक्ति के जन्म स्थान, जन्म तिथि और जन्म के समय का पता होना चाहिए। यह जानकारी जितनी सटीक होगी, उतनी ही सटीक होगी भविष्यवाण...

कभी 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाते थे, फिर गणतंत्र दिवस कैसे बना?

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  Republic Day history : भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन लागू 26 जनवरी 1950 को हुआ। uplive24.com पर जानिए 26 जनवरी की तारीख क्यों चुनी गई, पूर्ण स्वराज संकल्प और 1930 के स्वाधीनता दिवस का इतिहास। Republic Day history : भारत का संविधान बनने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे। संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया, लेकिन इसे लागू करने के लिए देश ने करीब दो महीने इंतजार किया। सवाल उठता है कि जब संविधान तैयार हो चुका था, तो फिर 26 जनवरी 1950 को ही लागू क्यों किया गया? इसका जवाब भारत के उस इतिहास में छिपा है, जहां 26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के संकल्प और राष्ट्रीय आत्मसम्मान का प्रतीक बन चुकी थी। यही वजह है कि भारत का स्वतंत्रता दिवस आगे चलकर गणतंत्र दिवस में बदल गया। Republic Day Wishes : हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है… गणतंत्र दिवस के शुभकामना संदेश संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन लागू 26 जनवरी 1950 को क्यों हुआ (Republic Day history)? जब संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को स्वीकार किया, तब देश के...

अमेरिकियों से इतने अलग क्यों दिखते हैं लैटिन अमेरिका के लोग?

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  Why Latin Americans look different : लैटिन अमेरिका के साथ अमेरिका फिर टकराव के रास्ते पर चल पड़ा है। एक ही महाद्वीप में होने के बावजूद दोनों दो दूर दुनिया के हिस्से लगते हैं। इस अंतर की वजह जानिए uplive24.com पर।  Why Latin Americans look different : जब भी अमेरिका और लैटिन अमेरिका की चर्चा होती है, तो एक सवाल बार-बार उभरता है - एक ही महाद्वीप में रहने वाले लोग इतने अलग क्यों दिखते हैं? उनकी भाषा अलग क्यों है, संस्कृति अलग क्यों है और सबसे अहम, अमेरिका के साथ उनके रिश्तों में हमेशा तनाव क्यों रहता है? इस सवाल का जवाब सिर्फ रंग-रूप या चेहरे-मोहरे में नहीं छिपा है। इसकी जड़ें इतिहास, उपनिवेशवाद, नस्लीय संरचना और अमेरिका की विदेश नीति में गहराई तक फैली हुई हैं। वेनेजुएला संकट हो, क्यूबा से दशकों पुरानी तनातनी हो या ब्राजील के साथ बढ़ता रणनीतिक तनाव - हर घटना इसी बड़े फ्रेम का हिस्सा है (Why Latin Americans look different)। History of Diego Garcia : अमेरिका-ब्रिटेन के लालच में जब एक द्वीप से उसके लोग छीन लिए गए उपनिवेशवाद ने दो अलग-अलग अमेरिका बनाए आज जिसे हम संयुक्त राज्य अमेरिक...