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कभी 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस मनाते थे, फिर गणतंत्र दिवस कैसे बना?

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  Republic Day history : भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन लागू 26 जनवरी 1950 को हुआ। uplive24.com पर जानिए 26 जनवरी की तारीख क्यों चुनी गई, पूर्ण स्वराज संकल्प और 1930 के स्वाधीनता दिवस का इतिहास। Republic Day history : भारत का संविधान बनने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे। संविधान सभा ने इसे 26 नवंबर 1949 को अपनाया, लेकिन इसे लागू करने के लिए देश ने करीब दो महीने इंतजार किया। सवाल उठता है कि जब संविधान तैयार हो चुका था, तो फिर 26 जनवरी 1950 को ही लागू क्यों किया गया? इसका जवाब भारत के उस इतिहास में छिपा है, जहां 26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के संकल्प और राष्ट्रीय आत्मसम्मान का प्रतीक बन चुकी थी। यही वजह है कि भारत का स्वतंत्रता दिवस आगे चलकर गणतंत्र दिवस में बदल गया। Republic Day Wishes : हम लहराएंगे हर जगह ये तिरंगा, नशा ये हिंदुस्तान की शान का है… गणतंत्र दिवस के शुभकामना संदेश संविधान 26 नवंबर 1949 को अपनाया गया, लेकिन लागू 26 जनवरी 1950 को क्यों हुआ (Republic Day history)? जब संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को संविधान को स्वीकार किया, तब देश के...

अमेरिकियों से इतने अलग क्यों दिखते हैं लैटिन अमेरिका के लोग?

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  Why Latin Americans look different : लैटिन अमेरिका के साथ अमेरिका फिर टकराव के रास्ते पर चल पड़ा है। एक ही महाद्वीप में होने के बावजूद दोनों दो दूर दुनिया के हिस्से लगते हैं। इस अंतर की वजह जानिए uplive24.com पर।  Why Latin Americans look different : जब भी अमेरिका और लैटिन अमेरिका की चर्चा होती है, तो एक सवाल बार-बार उभरता है - एक ही महाद्वीप में रहने वाले लोग इतने अलग क्यों दिखते हैं? उनकी भाषा अलग क्यों है, संस्कृति अलग क्यों है और सबसे अहम, अमेरिका के साथ उनके रिश्तों में हमेशा तनाव क्यों रहता है? इस सवाल का जवाब सिर्फ रंग-रूप या चेहरे-मोहरे में नहीं छिपा है। इसकी जड़ें इतिहास, उपनिवेशवाद, नस्लीय संरचना और अमेरिका की विदेश नीति में गहराई तक फैली हुई हैं। वेनेजुएला संकट हो, क्यूबा से दशकों पुरानी तनातनी हो या ब्राजील के साथ बढ़ता रणनीतिक तनाव - हर घटना इसी बड़े फ्रेम का हिस्सा है (Why Latin Americans look different)। History of Diego Garcia : अमेरिका-ब्रिटेन के लालच में जब एक द्वीप से उसके लोग छीन लिए गए उपनिवेशवाद ने दो अलग-अलग अमेरिका बनाए आज जिसे हम संयुक्त राज्य अमेरिक...

Diego Garcia के साथ इतिहास की नाइंसाफी

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  History of Diego Garcia : ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का गुस्सा अब Diego Garcia पर उतर रहा है। हिंद महासागर में मौजूद इस द्वीप का इतिहास क्या है? क्यों है अमेरिका की इसमें दिलचस्पी और ब्रिटेन का क्या है लेना-देना, जानिए uplive24.com पर। History of Diego Garcia : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक बयानबाजी की आग अब हिंद महासागर तक पहुंच गई है। ट्रंप ने अचानक ब्रिटेन पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि वह Diego Garcia द्वीप को मॉरिशस को क्यों लौटा रहा है, जबकि वहां अमेरिका का एक अहम सैन्य अड्डा मौजूद है। ट्रंप ने इसे ब्रिटेन की कमजोरी बताया और दावा किया कि चीन और रूस इस पर नजर रखे हुए हैं।  यहीं से Diego Garcia एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। लेकिन यह द्वीप सिर्फ एक सैन्य ठिकाना नहीं है। इसके पीछे उपनिवेशवाद, विस्थापन, टूटी जिंदगियां और भूली-बिसरी संस्कृतियों की एक लंबी और दर्दनाक कहानी छिपी हुई है (History of Diego Garcia)। ‘Tomorrow Island’ और ‘Yesterday Island’, जहां पैदल चल कर सकते हैं टाइम ट्रैवल एक द्वीप, जो कभी घर हुआ करता था (His...

दुनिया के 10 सबसे पुराने धर्म कौन हैं?

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  Worlds 10 oldest religions : दुनिया के 10 सबसे प्राचीन धर्म कौन-से हैं? हिंदू धर्म से लेकर ताओ, शिंतो और कन्फ्यूशियसवाद तक - जानिए मानव सभ्यता के सबसे पुराने विश्वासों का इतिहास, दर्शन और आज की दुनिया में उनकी मौजूदगी। Worlds 10 oldest religions : मानव इतिहास जितना पुराना है, उतनी ही पुरानी उसकी आध्यात्मिक जिज्ञासा भी है। जब इंसान ने प्रकृति, मृत्यु और जीवन के अर्थ पर सवाल पूछने शुरू किए, तभी से आध्यात्मिक सोच का जन्म हुआ। हालांकि संगठित धर्म बाद में विकसित हुए, लेकिन विश्वास, पूजा और नैतिक नियम मानव सभ्यता के साथ-साथ आगे बढ़ते रहे। दुनिया के प्राचीन धर्म न सिर्फ पूजा-पद्धतियां हैं, बल्कि वे कानून, संस्कृति, दर्शन और सामाजिक ढांचे की नींव भी रहे हैं। आइए जानते हैं मानव इतिहास के कुछ सबसे पुराने धर्मों के बारे में और यह भी कि इनमें से कौन-कौन से धर्म आज भी जीवित हैं (Worlds 10 oldest religions)। Herod palace history in hindi : वह राजा जो स्वर्ग के करीब बनाना चाहता था महल, बाइबल में आया नाम हिंदू धर्म (Hinduism) : सनातन परंपरा हिंदू धर्म, जिसे सनातन धर्म (Sanatana Dharma) कहा जाता ...

क्या नास्त्रेदमस ने वाकई भविष्य देखा था?

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नास्त्रेदमस (Nostradamus) कौन थे, उनकी कौन-सी भविष्यवाणियां सच हुईं और साल 2026 को लेकर युद्ध, ड्रोन हमले व पश्चिमी ताकत के पतन की डरावनी भविष्यवाणियां क्या कहती हैं, uplive24.com पर पढ़िए पूरी रिपोर्ट। Who was Nostradamus : इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनका जिक्र होते ही रहस्य, डर और जिज्ञासा एक साथ जाग उठती है। नास्त्रेदमस उन्हीं नामों में से एक हैं। सैकड़ों साल पहले लिखी गई उनकी भविष्यवाणियां आज भी लोगों को हैरान करती हैं। खास बात यह है कि नास्त्रेदमस ने भविष्य को सीधे शब्दों में नहीं, बल्कि रहस्यमय दोहों और प्रतीकों के जरिए बताया, जिनका अर्थ हर दौर में नए सिरे से निकाला जाता रहा है। अब जब दुनिया 2026 के दरवाज़े पर खड़ी है, तो एक बार फिर नास्त्रेदमस की डरावनी भविष्यवाणियां चर्चा में हैं। सवाल वही है - क्या नास्त्रेदमस ने सच में आने वाले समय की झलक देख ली थी? 1600 year old Roman wine factory : तुर्की के पहाड़ों में मिली सदियों पुरानी शराब फैक्ट्री नास्त्रेदमस (Nostradamus) कौन थे और क्यों इतने प्रसिद्ध हैं? नास्त्रेदमस का पूरा नाम माइकल दि नास्त्रेदमस (Michel de Nostredame) था। ...

भारत के 'नागराज', जिनसे अमेरिका ने मांगी मदद

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  भारतीय जनजाति इरुला का गुजर बसर लगभग सांपों पर ही टिका है। एक समय था, जब इन पर सरकार ने प्रतिबंध लगाया था, लेकिन अब सांपों के जहर की काट तैयार करने में इनका योगदान अहम है। पूरी रिपोर्ट पढ़िए uplive24.com पर। 1960 के दशक की शुरुआत में अमेरिका में वायरल टीवी प्रोग्राम बनाने का चलन शुरू हो गया था। ऐसे कार्यक्रमों में लोग खतरनाक वन्य जीवों के साथ करतब दिखाते थे। खतरनाक वन्य जीवों में पहले स्थानीय जानवार ही थे, लेकिन फिर मामला पहुंच गया विदेशी जानवरों तक। यही वजह थी कि अमेरिका में दूर देशों से दुलर्भ जानवरों की खेप पहुंचाई जाने लगी। शौक, सर्कस, रिसर्च और दिखावे के लिए लोगों ने बाघ, अजगर, शेर जैसे जानवर भी पालने शुरू किए।  लेकिन, 1980 के दशक में यह शौक कुछ लोगों के लिए सिरदर्द साबित होने लगा। बाकी जानवरों तक तो ठीक था, लेकिन अजगर को लेकर परेशानी ज्यादा बढ़ी। आजिज आकर कुछ लोगों ने अजगरों को जंगल में छोड़ दिया। ऐसा करके उन्होंने अपनी मुश्किल तो हल कर ली, लेकिन पूरे फ्लोरिडा की मुसीबत बढ़ा दी।  फ्लोरिडा के एवरग्लेड्स नैशनल पार्क का मौसम और नमी अजगरों को रास आने लगे और उनकी तादाद...

क्या परमाणु बम भी खो सकते हैं?

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  अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य हस्तक्षेप किया है तो लोग इतिहास याद कर रहे कि वॉशिंगटन ने कब-कब इस तरह की गुस्ताखियां की हैं। लेकिन, कुछ घटनाएं ऐसी भी हैं, जो आती तो गुस्ताखी की श्रेणी में हैं, लेकिन उन्हें छिपाया गया। परमाणु बम को खो देना, क्या सुना है कभी? क्या परमाणु बम भी खो सकते हैं, किसने और कैसे खोए परमाणु बम, क्या ये बम अब भी फट सकते हैं, क्या है ब्रोकन ऐरो - इन सवालों के जवाब में पढ़िए इतिहास से एक रोचक कहानी uplive24.com पर। फ्रांसिस्को सिमो ऑर्ट्स हर दिन अपनी छोटी-सी नाव में बैठकर उतर जाते भूमध्य सागर में, मछलियां पकड़ने। स्पेन के जिस टाउन पालोमारेस (Palomares) में घर था उनका, वहां का मुख्य काम ही यही था। मछलियां पकड़ना और खेती। 17 जनवरी 1966 की सुबह भी वह नाव में बैठे जाल में मछलियों को फंसाने का इंतजाम कर रहे थे। ठीक उसी समय, उनके ऊपर आसमान में करीब साढ़े 9 हजार मीटर की ऊंचाई पर एक घटना घटने जा रही थी। सोवियत संघ के खिलाफ शीत युद्ध को देखते हुए अमेरिकी सेना हर समय अलर्ट पर रहती थी तब। उसकी एयरफोर्स भी, जिसके विमान हर वक्त आकाश में चक्कर काटा करते, ताकि जंग के हालात मे...