Rana Sanga : अपनों ने दगा दिया, वरना बाबर में कहां दम था
https://uplive24.com/rana-sanga-was-betrayed-by-his-own-people-in-the-war-against-mughal-babur/ सपा सांसद रामजी सुमन के राणा सांगा (Ramji Lal Suman on Rana Sanga) पर दिए बयान पर बवेला मचा हुआ है। रामजी सुमन के मुताबिक, राणा सांगा ने ही इब्राहिम लोदी (Rana Sanga and Ibrahim Lodhi) को हराने के लिए बाबर को बुलाया था। अगर इतिहास देखें तो पता चलता है कि हिंदुस्तान में कदम जमाने की कोशिश कर रहे बाबर को असली टक्कर राणा सांगा ने ही दी थी। बाबर (Babur) के पहले जो भी आक्रांता भारत आए थे, उन्होंने देश को लूटा, मारकाट की और चले गए। लेकिन बाबर ने फैसला किया कि वह हिंदुस्तान में मुगल सल्तनत की नींव रखेगा। इसमें सबसे बड़ा रोड़ा राणा सांगा ही थे। राणा सांगा (Rana Sanga) उस समय मेवाड़ के सबसे शक्तिशाली शासक थे और उनकी सेनाएं उत्तरी और पश्चिमी भारत में फैली हुई थीं। उनकी शक्ति सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनका प्रभाव गुजरात, मालवा, दिल्ली और आगरा तक था। उनके नेतृत्व में मारवाड़, अंबर, ग्वालियर, अजमेर और चंदेरी जैसे राज्यों के राजपूत शासक एकजुट थे। सांगा के रहते बाबर का सपना कभी पूरा नहीं हो सक...