Sawan : सावन पर कजरी सुनते काशी विश्वनाथ
https://uplive24.com/sawan-tradition-in-varanasi-kashi-vishwanath-temple/ सावन (Sawan) में काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा को रोज सुनाई जाती है कजरी, चढ़ाया जाता है बनारसी पान। जानिए इस अद्भुत परंपरा और भक्तिभाव से भरे व्यंजनों की खास कहानी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में विशिष्ट स्थान रखने वाले श्री काशी विश्वनाथ (Sri Kashi Vishwanath) मंदिर में वर्ष भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है, लेकिन सावन (Sawan) का महीना आते ही यहां भक्ति की बयार कुछ अलग ही रंग में बहने लगती है। इस पावन मास में बाबा विश्वनाथ (Baba Vishwanath) के दरबार में सिर्फ दर्शन-पूजन ही नहीं होता, बल्कि उन्हें रोज कजरी (Kajri) गीत सुनाया जाता है, जो एक अनोखी और प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। कजरी (Kajri) उत्तर भारत, विशेष रूप से मिर्जापुर और बनारस (Varanasi) की लोक-गायन परंपरा है, जिसे महिलाएं सावन (Sawan) में झूले पर झूलते हुए गाती हैं। लेकिन, काशी (Kashi) में यह परंपरा अद्भुत रूप ले लेती है। यहां बाबा विश्वनाथ को हर सुबह मंगला आरती से पहले विशेष कजरी गीतों से जगाया जाता है, और रात्रि शयन आरती में गीतों से सुलाया जाता है। ऐ...