56 Bhog : भगवान को 56 भोग क्यों लगते हैं? जानिए इसकी पौराणिक कथा
https://uplive24.com/why-56-bhog-are-offered-to-lord-krishna/ प्रभु को 56 भोग ही क्यों अर्पित किए जाते हैं? जानिए मां यशोदा, गोवर्धन पूजा और राधा-कृष्ण से जुड़ी रोचक कथाएं और छप्पन भोग का रहस्य। कभी सोचा है कि मंदिरों में या त्योहारों के दिन भगवान को 56 प्रकार के व्यंजन क्यों अर्पित किए जाते हैं? क्यों एक-दो नहीं, पूरे छप्पन भोग (56 Bhog) ही बनाए जाते हैं? क्या भगवान केवल इन्हीं व्यंजनों से प्रसन्न होते हैं? क्या इसमें कोई रहस्य छिपा है? इन सवालों के जवाब हमें सीधे भारतीय संस्कृति की उस मिट्टी में मिलते हैं, जिसमें कथा, भक्ति और भावनाओं की जड़ें बहुत गहरी हैं। कथा जहां से छप्पन भोग (56 Bhog) की परंपरा शुरू हुई इस कथा की शुरुआत होती है द्वापर युग के उस मधुर प्रसंग से, जब नन्हे कृष्ण, मां यशोदा की गोदी के लाल थे। बाल्यकाल में श्रीकृष्ण दिनभर आठ बार भोजन करते थे। हर प्रहर में कुछ न कुछ मां के हाथों से पाते थे। यानि चौबीस घंटे में आठ पहर और हर पहर एक भोग। अब दृश्य बदलता है - एक दिन ब्रज में देवराज इंद्र की पूजा का आयोजन हो रहा था। कान्हा ने पूछा, 'इंद्र को खुश करने के लिए पूजा क्यों? ज...