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Shri Ram : श्रीराम के जन्म पर क्या कहता है इतिहास?

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https://uplive24.com/when-was-shri-ram-born-what-are-the-historical-facts/ आस्था संदेह से परे होती है और श्रीराम (Shri Ram) का नाम तो वैसे भी सारे संदेह मिटाने वाला है। रामनवमी पर देखते हैं कि धार्मिक के अलावा ऐतिहासिक संदर्भों में कहां-कब आए हैं भगवान राम। राम (Shri Ram) कौन थे? वह एक ऐतिहासिक पुरुष थे या ईश्वर के अवतार? क्या रामायण (Ramayan) की घटनाएं उसी रूप में घटित हुई थीं, जैसी हमें सुनाई जाती हैं? और सबसे अहम सवाल - भगवान राम (Shri Ram) का जन्म अयोध्या में कब हुआ था? ये ऐसे प्रश्न हैं जो सदियों से विद्वानों, आस्थावानों और इतिहासकारों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। अगर हम ऐतिहासिक तथ्यों की ओर रुख करें, तो राम (Shri Ram) के बारे में सबसे पुराने साक्ष्य पहली सदी के आसपास के मिलते हैं। महाराष्ट्र के सातवाहन शिलालेख में राम का उल्लेख एक देवता के रूप में मिलता है। यही नहीं, मध्य प्रदेश के भरहुत स्तूप और आंध्र प्रदेश के नागार्जुनकोंडा स्तूप में भी बौद्ध रामकथाओं का अंकन हुआ है।  ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी स्थल उत्तर भारत में नहीं, बल्कि भारत के मध्य और दक्षिणी हिस्सों ...

Ram katha : अनूठी राम कथा है उत्तराखंड का रम्माण

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https://uplive24.com/uttarakhands-ramman-is-a-unique-ram-katha/ रम्माण न सिर्फ एक लोकनृत्य है, बल्कि यह देवभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जीता-जागता उदाहरण है। इसमें राम कथा (Ram katha) कहते हैं, रामनवमी (Ramnavmi) पर खास। उत्तराखंड (Uttarakhand) के पर्वतीय अंचलों में लोकजीवन, संस्कृति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के धार्मिक आयोजन, मेले और पारंपरिक नृत्य सिर्फ मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि इनमें दैवीय शक्ति और गहरी आस्था भी निहित होती है। इन्हीं अनूठे आयोजनों में से एक है – रम्माण नृत्य (Ramman Dance), जो चमोली जनपद के पैनखंडा क्षेत्र में हर साल विशेष परंपरा के तहत आयोजित होता है। नृत्य के माध्यम से राम कथा (Ram katha) का मंचन रम्माण नृत्य, भगवान राम की लीलाओं को बिना किसी संवाद के, केवल नृत्य और अभिनय के ज़रिए प्रस्तुत करता है। इसे रामलीला (Ramlila) की मूक शैली भी कहा जा सकता है, जिसमें संवाद की जगह 'जागर' गायन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल होती है। खास बात यह है कि रम्माण में कलाकार संवाद नहीं बोलते, बल्कि नृत...