Postal service : पेंगुइन के देश से, समुद्र के पार - आती हैं कैसी-कैसी डाक
https://uplive24.com/history-of-postal-service-in-india-and-the-longest-distance-postal-journey/ कल्पना कीजिए, साल 1850 है। कोई ब्रिटिश व्यापारी लंदन की किसी तंग गली में बैठा, कलम और स्याही से एक चिट्ठी लिख रहा है। वह चिट्ठी लंदन के बंदरगाह से रवाना होती है, जहाज पर चढ़ती है, समुद्र पार करती है, मिस्र पहुंचती है, फिर ऊंटों की पीठ पर सवार होती है, सिनाई रेगिस्तान से गुजरती है, लाल सागर पार करती है, फिर किसी और जहाज पर लदी जाती है, और आखिरकार हफ्तों बाद, वह बंबई (अब मुंबई) में किसी बंगले में दस्तक देती है। यह किसी उपन्यास की कल्पना नहीं, बल्कि ब्रिटिश इंडिया में Overland Mail Route की हकीकत थी। ब्रिटेन और भारत के बीच यह सेवा उस दौर की सबसे लंबी और विश्वसनीय डाक सेवा थी। यह सिर्फ चिट्ठी नहीं थी, बल्कि एक रिश्ते की डोर थी, जो साम्राज्य के दो सिरों को जोड़ती थी। यह डाक सेवा ब्रिटेन से भारत तक चलती थी। इसकी शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में हुई, जब ब्रिटिश साम्राज्य के लिए अपनी दूरदराज की कॉलोनियों से संवाद बनाए रखना जरूरी हो गया। पारंपरिक समुद्री मार्गों में समय बहुत लगता था। ऐसे में जमीन औ...