Posts

Showing posts with the label Jagannath Temple history

क्या भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में आज भी धड़कता है श्रीकृष्ण का दिल?

Image
  भगवान जगन्नाथ की मूर्तियां हर 12 साल में क्यों बदली जाती हैं, क्या है ब्रह्म पदार्थ, क्यों नहीं सुनाई देती समुद्र की आवाज और क्यों खास है मंदिर की रसोई? जगन्नाथ पुरी मंदिर से जुड़े रहस्यों के बारे में जानिए uplive24.com पर। ओडिशा के पुरी में स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर हिंदू धर्म के चार प्रमुख धामों में से एक है। हर साल निकलने वाली जगन्नाथ रथयात्रा दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है। लेकिन यह मंदिर केवल रथयात्रा के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं और रहस्यमयी मान्यताओं के कारण भी प्रसिद्ध है। मूर्तियों के बदलने की परंपरा से लेकर रहस्यमयी 'ब्रह्म पदार्थ', समुद्र की आवाज और दुनिया की सबसे बड़ी मंदिर रसोइयों में से एक तक, जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जो लोगों को हैरान कर देती हैं (Jagannath Puri Temple mysteries)। श्रीराम के जन्म पर क्या कहता है इतिहास? रथयात्रा की शुरुआत कैसे हुई? धार्मिक मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने नगर भ्रमण की इच्छा जताई। उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बड़े भाई बलभद्र उन्हें ...

Jagannath Puri : जगन्नाथ के ये चमत्कार आज भी हैं रहस्य

Image
https://uplive24.com/mysteries-of-jagannath-puri-temple-and-rath-yatra/ जगन्नाथ पुरी मंदिर (Jagannath Puri Temple) भारत के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है, जहां हर साल रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ अपने भाई-बहन के साथ रथ पर सवार होकर निकलते हैं। जानिए इस मंदिर से जुड़ी वो बातें जो आज भी रहस्य बनी हुई हैं। भारत में हिंदू धर्म के चार प्रमुख तीर्थों में से एक है जगन्नाथ पुरी मंदिर (Jagannath Puri Temple)। यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि रहस्यों और चमत्कारों की जमीन भी है। हर साल पुरी रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) के समय लाखों श्रद्धालु इस मंदिर की ओर खिंचे चले आते हैं – मानो भगवान जगन्नाथ (Lord Jagannath) का रथ खुद उन्हें बुला रहा हो। पुरी में हर साल होने वाली रथ यात्रा (Puri Rath Yatra) दुनिया भर में मशहूर है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा विशाल रथों पर सवार होकर एक खास यात्रा पर निकलते हैं। उनका रथ रास्ते में मौसी मां के मंदिर (Mausi Maa Temple) से होकर जाता है, जो बालागांडी चाका (Balagandi Chaka) के पास है। इसके बाद वे गुंडिचा मंदिर (Gundicha T...