Mind Reading Technology : अब कंप्यूटर पढ़ सकेगा हमारे मन की आवाज
AI : क्या मशीनें भी पछता सकती हैं? वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो इंसान के दिमाग में सोचे गए शब्दों को पढ़कर आवाज में बदल सकती है (Mind Reading Technology)। यह इनोवेशन A.L.S. जैसे मरीजों के लिए नई उम्मीद है, जिससे वे बिना बोले भी बातचीत कर सकेंगे। uplive24.com पर पढ़िए नई रिसर्च के बारे में। जरा सोचिए, अगर कोई मशीन आपके दिमाग में चल रहे शब्दों को पढ़कर उन्हें जोर से बोल दे, तो (Mind Reading Technology)? ये किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन अब यह हकीकत के करीब है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो न सिर्फ आपके बोले हुए शब्दों को पहचान सकती है, बल्कि आपके सोचे हुए शब्द भी डिकोड कर सकती है (Mind Reading Technology)। इसे कहते हैं Inner Speech Decoding। दुनिया भर के न्यूरोइंजीनियर (Neuroengineers) लंबे समय से ऐसे लोगों की मदद का सपना देख रहे हैं, जो बीमारी या चोट के कारण बोलने की क्षमता खो चुके हैं। अब एक नई स्टडी में साइंटिस्ट्स ने न केवल उन शब्दों को डिकोड किया जिन्हें मरीज बोलने की कोशिश कर रहे थे, बल्कि उन शब्दों को भी जिन्हें वे केवल कल्पना (Imagine...