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India vs Pakistan cricket : यह क्रिकेट नहीं, पैसों की जरूरत है

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  Asia Cup : क्या BCCI की याददाश्त इतनी कमजोर है, जो उसे पहलगाम याद नहीं रहा? भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) के बीच एशिया कप में मुकाबला होने वाला है। भारतीय जनता पूछ रही है कि एक आतंकी देश से क्रिकेट किसलिए? क्या पैसा देश से ज्यादा महत्वपूर्ण है? uplive24.com पर एनालिसिस।  सितंबर में UAE में एशिया कप होने वाला है। इसमें एक बार फिर भारत बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने आ सकती हैं - ग्रुप स्टेज, सुपर-4 और फाइनल में। सुनने में रोमांचक लगता है, लेकिन सवाल है कि क्या भारत का पाकिस्तान से खेलना जरूरी है? क्या यह राइवलरी अब भी पहले जैसी है?  भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट (India vs Pakistan cricket) टीमों में उतना ही बड़ा अंतर आ चुका है, जितना दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में। पाकिस्तान की कंगाली उसके खजाने से लेकर उसकी क्रिकेट टीम तक पसरी हुई है। हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान एक पाकिस्तानी प्रशंसक ने कमेंट किया कि पाकिस्तान अब छोटी टीम नजर आती है, जो बस कभी-कभार उलटफेर करन...

Balochistan history : 77 साल के विद्रोह की पूरी कहानी, पाकिस्तान से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?

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  पाकिस्तान पैदा हुआ और तुरंत ही धोखेबाजी सीख ली। उसने भारत ही नहीं, बलूचिस्तान को भी धोखा दिया। उसकी आजादी छीनी। इसी वजह से बलोच गुस्से में हैं। जानिए Balochistan history। जिन्ना ने कहा कुछ था और पाकिस्तान ने किया कुछ और। बलूचिस्तान के इतिहास (Balochistan history) में वह कहानी दर्ज है, जिसकी वजह से बलोच इतनी नफरत करते हैं पाकिस्तान से। यह इतिहास करीब 77 साल पुराना है, बंटवारे के ठीक बाद से शुरू हुआ। भारत से ब्रिटिश साम्राज्य के हटने के समय, 560 से अधिक रियासतों के सामने एक अहम सवाल खड़ा हुआ – क्या वे स्वतंत्र रहेंगी या किसी नए राष्ट्र में विलय करेंगी? इसी संदर्भ में बलूचिस्तान का कलात राज्य भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना। इतिहास (Balochistan history) में कलात राज्य का दर्जा भारत की अन्य रियासतों से अलग था। 1876 की संधि के तहत, ब्रिटिश हुकूमत ने कलात की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी। इसी कारण इसे नेपाल, भूटान और सिक्किम के साथ ‘कैटेगरी बी’ में रखा गया था, जो भारतीय विदेश विभाग के तहत आते थे। 4 अगस्त 1945 को दिल्ली में हुई राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में लॉर्ड माउंटबेटन, कलात के खान और मुहम्मद...