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क्रिसमस पर कब से बनना शुरू हुआ केक?

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  History of Christmas cake : भारत में भी क्रिसमस केक या पुडिंग का चलन है। थोड़े-बहुत अंतर को छोड़ दें, तो तरीका बिल्कुल अंग्रेजों जैसा ही है। अपने देश में कैसे शुरू हुआ क्रिसमस केक का चलन, जानिए uplive24.com पर। History of Christmas cake : क्रिसमस पुडिंग का चलन अब यूरोप ही नहीं, भारत में भी है। इसका आनंद उठाने के लिए इंग्लैंड में होने की जरूरत नहीं। बीते कुछ बरसों से बेकरी और रेस्तरां में सूखे मेवों से भरे और ब्रांडी में तैयार किए गए केक मिलने लगे हैं। ठीक इसी तरह के केक या पुडिंग इंग्लैंड और आयरलैंड में मिलते हैं। भारत में अंतर यह है कि ब्रांडी की जगह रम का इस्तेमाल किया जाता है। नवंबर के अंत में केक मिक्सिंग सेरेमनी भी आयोजित होने लगी है। यह एक पुरानी अंग्रेजी परंपरा 'स्टिर अप संडे' से मिलती-जुलती है। 'स्टिर अप संडे' में एक परिवार के सभी लोग केक बैटर को घड़ी की उल्टी दिशा में पूर्व से पश्चिम की ओर हिलाते हैं।  Why Christmas celebrated on 25 December : क्या 25 को हुआ था यीशु का जन्म, कहां से आते हैं सेंटा? विक्टोरियन दौर में केक बैटर को प्लम पुडिंग भी कहा जाता था (His...

25 दिसंबर को क्यों मनाया जाता है क्रिसमस?

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  Why Christmas celebrated on 25 December : ईसा मसीह के जन्म की सही तारीख किसी को मालूम नहीं। कहीं पर इसका जिक्र भी नहीं है। फिर भी 25 दिसंबर को ही दुनिया क्रिसमस मनाती है क्योंकि इससे जुड़ी है ऐतिहासिक कहानी, जानिए uplive24.com पर। Why Christmas celebrated on 25 December : हिंदुओं की दिवाली और मुस्लिमों की ईद की तरह ही ईसाई समुदाय का सबसे पवित्र त्योहार है क्रिसमस। हर साल दिसंबर में सर्दी के साथ क्रिसमस को लेकर लोगों उत्साह भी चरम पर होता है। बच्चे खासतौर पर गिफ्ट के लिए लाल रंग के कपड़ों में सफेद दाढ़ी-मूंछ वाले सेंटा क्लॉज के आने का इंतजार करते हैं। क्रिसमस ईसाई धर्म के संस्थापक जीसस क्राइस्ट के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। जीसस क्राइस्ट यानी ईसा मसीह को ईश्वर की संतान माना जाता है। क्रिसमस का नाम भी उन्हीं के नाम पर पड़ा। जीसस की जन्मतिथि को लेकर काफी मतभेद रहे। यहां तक कि बाइबल में भी उनके जन्म की तारीख का कोई जिक्र नहीं (Why Christmas celebrated on 25 December)।    ईसाई धर्म में प्रचलित कथा के मुताबिक, भगवान ने अपने दूत जिब्राईल, जिसे गैब्रियल भी कहते हैं, को मरि...

Vatican City : यीशु ने जिसे चुना, उसे दी गई थी वेटिकन में फांसी

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https://uplive24.com/why-pope-live-in-vatican-city/ Vatican City क्यों बना ईसाई धर्म का केंद्र, जबकि ईसा मसीह का जन्म तो कहीं और हुआ था? पोप फ्रांसिस क्यों रहते थे वेटिकन में और नए पोप भी क्यों यहीं चुने जाएंगे? एक पल के लिए सोचिए - ईसा मसीह जन्मे थे बेथलेहम में, पले-बढ़े नासरत में, और सूली पर चढ़ाए गए येरुशलम में। फिर भी, आज ईसाई धर्म का सबसे बड़ा केंद्र है वेटिकन सिटी (Vatican City) - रोम का एक छोटा-सा कोना, जो खुद एक संप्रभु देश है। तो सवाल उठता है कि पोप वेटिकन (Vatican City) में क्यों बैठते हैं? वेटिकन सिटी और ईसाई धर्म का रिश्ता कब और कैसे बना? इसका जवाब इतिहास, धर्म, राजनीति और प्रतीकों की एक दिलचस्प कहानी में छुपा है। चलिए, इस रहस्य की परतें खोलते हैं। शुरुआत येरुशलम से, लेकिन सत्ता रोम पहुंची ईसा मसीह (Jesus Christ) के अनुयायी शुरू में येरुशलम और आसपास के यहूदी क्षेत्रों में फैले थे। लेकिन जैसे ही रोमन साम्राज्य में ईसाई धर्म का प्रचार शुरू हुआ, इसकी धारा पश्चिम की ओर मुड़ गई। पहली और दूसरी सदी में, रोम ईसाई मिशन का बड़ा केंद्र बन गया। इसकी वजह यह रही कि रोम रोमन साम्राज्य की ...