Badrinath Temple : बदरीनाथ यात्रा, जिसकी सुरक्षा करते हैं तिमुंडिया वीर
https://uplive24.com/uttrakhand-badrinath-temple-opening-ceremony/ उत्तराखंड के चार धामों में से एक बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) के कपाट खुलने की प्रक्रिया अनोखी और अद्भुत है। सदियों पुरानी इस परंपरा के चरण का एक अलग महत्व है। डॉ. बृजेश सती देश के चार प्रमुख धामों में से एक, उत्तर भारत स्थित बदरीनाथ मंदिर (Badrinath Temple) न केवल अपनी दिव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसकी कपाट खुलने की परंपरा भी अत्यंत अनोखी और विस्तृत है। यह प्रक्रिया केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, सदियों पुरानी परंपराओं और प्रतीकों से जुड़ी एक जीवंत सांस्कृतिक यात्रा है, जिसकी शुरुआत वसंत पंचमी (Vasant Panchami) से होती है और मंदिर के कपाट खुलने तक चलती है। हर वर्ष वसंत पंचमी के दिन नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजदरबार में विशेष वैदिक विधियों के साथ कपाट खुलने की तिथि (Badrinath Temple Opening Date) तय की जाती है। इसी दिन भगवान विष्णु के अभिषेक के लिए पवित्र तिलों के तेल को पिरोने का दिन और समय भी घोषित होता है। इस पवित्र तेल को जिस विशेष पात्र में रखा जाता है, उसे गाडू घड़ा कहा जाता है। गाडू घड़ा की यात्रा भी अपने...