Indus Waters Treaty : सिंधु पर नेहरू की गलती सुधारने का समय आ गया
https://uplive24.com/ जवाहरलाल नेहरू ने Indus Waters Treaty को मानवीय आधार पर जरूरी बताया था। लेकिन पाकिस्तान इस लायक नहीं कि उसके साथ मानवीयता दिखाई जाए। पाकिस्तान (Pakistan) को अब शायद समझ में आए कि जब भारत अपने जल-अधिकारों पर सवाल उठाता है, तो वह केवल गुस्से में नहीं होता, बल्कि ऐतिहासिक अन्याय का हिसाब मांग रहा होता है। पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam terrorist attack) के बाद भारत ने अब सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) को सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया है। यह कोई साधारण घोषणा नहीं, बल्कि 64 साल से झेली जा रही जल-सहिष्णुता के अंत की शुरुआत है। पानी का बदला पानी से साल 2016 में जब उरी में भारतीय फौजियों पर हमला हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुस्से में कहा था, 'रक्त और जल एक साथ नहीं बह सकते।' उसी दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इशारा कर दिया था कि अगर पाकिस्तान आतंक की राह पर चलता रहा, तो भारत पानी की राह बंद कर देगा। अब हालात फिर से वहीं पहुंच गए हैं। पहलगाम (Pahalgam terrorist attack) में पर्यटकों पर हुए कायराना हमले ने भारत को झकझोर दिय...