Shivaji Maharaj : कहां हैं दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाली शिवाजी की तलवारें
https://uplive24.com/history-of-the-swords-of-shivaji-maharaj/ शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की तलवारें सिर्फ हथियार नहीं थीं, बल्कि भारतीय शौर्य, संस्कृति और इतिहास की धरोहर हैं। शिवाजी की पुण्यतिथि पर (19 फरवरी 1630 - 3 अप्रैल 1680) जानिए उन तलवारों के बारे में। छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की तलवारों का इतिहास जितना गौरवशाली है, उतना ही रोमांचक भी। इतिहास में उनकी तीन प्रमुख रस्मी तलवारों का उल्लेख मिलता है - तुलजा, भवानी (Bhavani) और जगदम्बा (Jagdamba)। हालांकि, ये तलवारें केवल रस्मी महत्व की थीं, लेकिन शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) के स्पर्श से ये पवित्र मानी जाती हैं। वास्तविक युद्धों में प्रयोग की जाने वाली तलवारें अलग हुआ करती थीं। शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की तलवारों के नाम और उनका महत्व शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की कुल देवी तुलजा भवानी थीं, जिनका मंदिर महाराष्ट्र के धाराशिव जिले के तुलजापुर में स्थित है। इसी कारण उन्होंने अपनी दो तलवारों के नाम तुलजा (Tulja) और भवानी (Bhavani) रखा, जबकि तीस...