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Showing posts from March, 2025

Nepal : नेपाल में क्यों हो रही राजशाही की मांग?

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https://uplive24.com/why-is-demand-for-monarchy-in-nepal/ नेपाल (Nepal) में हाल ही में हुए प्रदर्शनों ने एक बार फिर राजशाही की बहाली की मांग को सुर्खियों में ला दिया है। पिछले 19 वर्षों में नेपाल एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में कार्य कर रहा है, लेकिन जनता के एक बड़े वर्ग में असंतोष और निराशा गहराती जा रही है। राजनीतिक अस्थिरता, व्यापक भ्रष्टाचार, आर्थिक संकट और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने आम लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या राजशाही का पुनः आगमन देश की समस्याओं का समाधान हो सकता है? हाल ही में काठमांडू में हुए प्रदर्शनों के दौरान राजशाही समर्थकों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिनमें तीन लोगों की मौत हो गई और 110 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना ने नेपाल (Nepal) की राजनीतिक स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है।  इस बीच, सरकार ने पूर्व राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह (Gyanendra Bir Bikram Shah Dev) की विदेश यात्रा पर रोक लगा दी है। साथ ही, उनकी सुरक्षा भी घटा दी है। वहीं, राजशाही समर्थक आंदोलन के संयोजक नवराज सुबेदी को नजरबंद कर लिया गया है। इस लेख में ह...

Ghibli Trend ने दिमाग में घिचपिच कर दिया क्या?

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https://uplive24.com/what-is-the-new-ghibli-trend-on-social-media/ Ghibli Trend सिर्फ एक फोटो स्टाइल नहीं, बल्कि बीते समय की यादों से जुड़ा, सपनों जैसा और जादुई अनुभव है। इस ट्रेंड का हिस्सा बनने से पहले इसके बारे में समझ लीजिए। आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है - Ghibli Trend (घिबली ट्रेंड)। लोग अपनी तस्वीरों को एक खास एनीमे (Anime) स्टाइल में बदलकर शेयर कर रहे हैं। यह स्टाइल जापान के प्रसिद्ध Studio Ghibli (स्टूडियो घिबली) से प्रेरित है, जो खूबसूरत और जादुई एनिमेशन फिल्मों के लिए जाना जाता है। अगर आपने Spirited Away (स्पिरिटेड अवे), My Neighbor Totoro (माय नेबर तोतोरो) या Howl’s Moving Castle (हाउल्स मूविंग कैसल) जैसी फिल्में देखी हैं, तो आपने Ghibli Style (घिबली स्टाइल) को पहले ही महसूस किया होगा। अब सवाल उठता है - Ghibli Trend क्या है? यह इतना पॉपुलर क्यों हो रहा है? और आप इसका हिस्सा कैसे बन सकते हैं? आइए विस्तार से समझते हैं। Ghibli Style (घिबली स्टाइल) क्या है? Ghibli Style एक खास एनीमेशन स्टाइल है, जिसमें होते हैं : - सॉफ्ट कलर्स (Soft Colors) – पेस्टल औ...

Devi Temple : यहां देवताओं को सजा दी जाती है

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https://uplive24.com/gods-are-punished-in-the-devi-temple-of-bastar/ छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की केशकाल घाटी में स्थित देवी भंगाराम का मंदिर (Devi Temple) एक अनोखी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। इस मंदिर में हर साल भादो जात्रा उत्सव के दौरान आदिवासी समुदाय अपने देवताओं का मूल्यांकन करते हैं। जो देवता अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा नहीं कर पाते या संकट से रक्षा करने में विफल रहते हैं, उन्हें सजा दी जाती है।  यह परंपरा न केवल आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक पेश करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि यहां देवताओं की भूमिका को भी कसौटी पर परखा जाता है। देवताओं की सजा : मंदिर के पीछे छोड़े जाते हैं देवता मंदिर (Devi Temple) के पीछे एक विशेष स्थान है, जहां सजा पाए हुए देवताओं की मूर्तियां रखी जाती हैं। ये मूर्तियां विभिन्न आकृतियों और सामग्रियों से बनी होती हैं- कुछ लकड़ी की, कुछ पत्थर की और कुछ मिट्टी की। कुछ मूर्तियां बहुत सुंदर हैं, मानो उन्हें बड़े धैर्य से गढ़ा गया हो, जबकि कुछ जल्दबाजी में बनाई गई लगती हैं। लेकिन इन मूर्तियों का मंदिर के पीछे पड़ा रहना इस बात का प्रतीक है कि वे अपने भक्तों की...

जिन्ना से इतना चिढ़ता क्यों है पाकिस्तान?

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https://uplive24.com/why-do-pakistans-hardliners-dislike-jinnah/ मोहम्मद अली जिन्ना ने बहुत लड़-झगड़कर भारत का बंटवारा कराया था, लेकिन जब पाकिस्तान (Pakistan) नक्शे पर वजूद में आया भी नहीं था, तब उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की गई।  'आप स्वतंत्र हैं, पाकिस्तान में आप अपने मंदिरों में जाने के लिए स्वतंत्र हैं, आप अपनी मस्जिदों या अन्य पूजास्थलों में जाने के लिए स्वतंत्र हैं। जाति-धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। सबको नागरिकता के समान अधिकार प्राप्त होंगे।' जिन्ना बोलते जा रहे थे और सुनने वालों का जायका बिगड़ता जा रहा था।  उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि उनके कायदेआजम यह कौन-सी भाषा बोल रहे हैं। अगर पाकिस्तान (Pakistan News) में दूसरे धर्मों को भी जगह देनी है और सभी को एक नजर से देखना है, तो फिर पाकिस्तान की जरूरत ही क्यों? जिन्ना अपनी धुन में मगन थे, उत्साह से लबरेज। उन्हें यकीन था कि वह जो कुछ भी कह रहे हैं, उस पर सभी दिलोजान से अमल करेंगे।  11 अगस्त 1947 की तारीख थी, जब कराची में पाकिस्तान की संविधान सभा की प्रथम बैठक का उद्घाटन हुआ। जिन्ना (Muhammad Ali Jinnah) ने इसमें...

Kunal Kamra controversies : CEO हो या PM, किसी से भी भिड़ जाते हैं कुणाल कामरा

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https://uplive24.com/big-controversies-of-comedian-kunal-kamra/ स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा अपने विवादित बयानों (Kunal Kamra controversies) और तीखी टिप्पणियों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण वे फिर से विवादों में हैं। इस मामले में शिवसेना विधायक मुरजी पटेल की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने कामरा के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। https://uplive24.com/what-did-comedian-kunal-kamra-say-about-eknath-shinde/ इसके अलावा, रविवार रात शिवसेना कार्यकर्ताओं ने उस स्टूडियो में तोड़फोड़ की, जहां कामरा का शो शूट किया जा रहा था। आइए जानते हैं कुणाल कामरा के अब तक के बड़े विवादों के बारे में। ओला CEO भाविश अग्रवाल के साथ विवाद कामरा और ओला इलेक्ट्रिक के CEO भाविश अग्रवाल के बीच सोशल मीडिया पर बहस हो चुकी है। एक बार भाविश ने ओला गीगाफैक्ट्री की एक फोटो शेयर की थी। इसके जवाब में कामरा ने ओला स्कूटरों की सर्विस सेंटर में खड़ी तस्वीरें पोस्ट कर दीं और सर्विस क्वालिटी पर सवाल उठाए। इस पर भाविश ने तीखा जवाब देते हुए कहा, ...

Rana Sanga : अपनों ने दगा दिया, वरना बाबर में कहां दम था

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https://uplive24.com/rana-sanga-was-betrayed-by-his-own-people-in-the-war-against-mughal-babur/ सपा सांसद रामजी सुमन के राणा सांगा (Ramji Lal Suman on Rana Sanga) पर दिए बयान पर बवेला मचा हुआ है। रामजी सुमन के मुताबिक, राणा सांगा ने ही इब्राहिम लोदी (Rana Sanga and Ibrahim Lodhi) को हराने के लिए बाबर को बुलाया था। अगर इतिहास देखें तो पता चलता है कि हिंदुस्तान में कदम जमाने की कोशिश कर रहे बाबर को असली टक्कर राणा सांगा ने ही दी थी। बाबर (Babur) के पहले जो भी आक्रांता भारत आए थे, उन्होंने देश को लूटा, मारकाट की और चले गए। लेकिन बाबर ने फैसला किया कि वह हिंदुस्तान में मुगल सल्तनत की नींव रखेगा। इसमें सबसे बड़ा रोड़ा राणा सांगा ही थे। राणा सांगा (Rana Sanga) उस समय मेवाड़ के सबसे शक्तिशाली शासक थे और उनकी सेनाएं उत्तरी और पश्चिमी भारत में फैली हुई थीं। उनकी शक्ति सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनका प्रभाव गुजरात, मालवा, दिल्ली और आगरा तक था। उनके नेतृत्व में मारवाड़, अंबर, ग्वालियर, अजमेर और चंदेरी जैसे राज्यों के राजपूत शासक एकजुट थे। सांगा के रहते बाबर का सपना कभी पूरा नहीं हो सक...

KKR vs RCB : जब दुनिया ने देखा IPL में इतने भी रन बनते हैं

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https://uplive24.com/kkr-vs-rcb-memorable-cricket-matches-in-ipl/ IPL इतिहास का पहला मैच भी KKR vs RCB का था। तब दुनिया ने पहली बार देखा कि क्रिकेट में क्या हो सकता है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में कोलकाता नाइटराइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू (KKR vs RCB) के बीच ओपनिंग मुकाबला होगा। टूर्नामेंट के अब तक के इतिहास में इन दोनों के बीच कई यादगार मैच खेले गए हैं।  KKR vs RCB में जब भिड़े थे विराट और गौतम गंभीर इंडियन क्रिकेट में जब गौतम गंभीर ने टीम इंडिया का कोच पद संभाला तो कहा गया कि उनके और विराट कोहली के बीच की टेंशन का क्या होगा। यह टेंशन आईपीएल में ही शुरू हुई थी, KKR vs RCB के ही एक मैच में। साल 2013 में हुए मैच में केकेआर ने पहले खेलते हुए आरसीबी को 155 रनों का लक्ष्य दिया था। जवाब में क्रिस गेल ने 85 रनों की शानदार पारी खेल कर मुकाबले को बिल्कुल एकतरफा बना दिया। आरसीबी ने आठ विकेट से जीत दर्ज की।  लेकिन, यह मैच याद किया जाता है विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच हुए टकराव के चलते। गौतम तब केकेआर के कप्तान थे। उन्होंने 46 गेंदों पर 59 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को सम्मानज...

Mughal History : भारतीय महिलाओं का वह गहना जिसे देखकर पीछे हट जाते थे मुगल

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https://uplive24.com/how-dholna-save-women-from-mughals/ भारतीय संस्कृति में सुहागिनों के आभूषणों का एक विशेष स्थान है, और उनमें से एक है ढोलना, जिसकी परंपरा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में विशेष रूप से देखी जाती है। विवाह की रस्में इस गहने के बिना अधूरी मानी जाती हैं। मान्यता है कि यह केवल श्रृंगार का प्रतीक नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक जरूरत से उपजी परंपरा भी है। मुगल काल (Mughal History) के दौरान, जब आक्रमणों की मार भारतीय समाज पर गहरी पड़ रही थी, तब अनेक परंपराओं का जन्म हुआ। कहा जाता है कि विवाह के बाद जब कन्या की विदाई होती, तो रास्ते में मुगल सैनिक नवविवाहिताओं को अगवा कर लेते थे। इस अत्याचार से बचने के लिए एक युक्ति निकाली गई - ढोलना पहनने की परंपरा।  इस आभूषण को एक विशेष अर्थ और रूप दिया गया। यह अफवाह फैलाई गई कि इस ढोल के आकार के गहने में सूअर के बाल भरे जाते हैं। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, सूअर को अपवित्र माना जाता था, जिससे मुगल सैनिक इन स्त्रियों को छूने से भी कतराते। इस प्रकार, ढोलना केवल एक गहना नहीं, बल्कि आत्मरक्षा का प्रतीक बन गया। आज भी, विवाह की परंपरा में...

IPL : जब माल्या के ऑफर के लिए गेल ने जड़ी सेंचुरी

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https://uplive24.com/when-gayle-hit-a-century-in-ipl-on-mallyas-offer/ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 18वें एडिशन का आगाज हो चुका है। कोलकाता के ईडन गार्डंस में कोलकाता नाइटराइडर्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (KKR Vs RCB) के बीच पहला मैच खेला जाएगा।  RCB को अब भी अपनी पहली IPL ट्रॉफी का इंतजार है। यह टीम भले ही कोई खिताब न जीत सकी हो, लेकिन इसके खिलाड़ियों ने हेडलाइंस कई जीते। विराट कोहली (Virat Kohli), ग्लेन मैक्सवेल, एबी डिविलियर्स जैसे नामों के बीच इस टीम में कभी क्रिकेट का 'बॉस' भी था यानी क्रिस गेल।  क्रिस गेल, जिन्हें क्रिकेट की दुनिया में 'द यूनिवर्स बॉस' के नाम से जाना जाता है, हमेशा अपने विस्फोटक खेल और मस्तमौला अंदाज के लिए सुर्खियों में रहे। उनके लंबे छक्के, मैदान पर बेफिक्र अंदाज और विवादों से उनका पुराना नाता रहा है। भले ही अब वह क्रिकेट से संन्यास ले चुके हों, लेकिन उनके किस्से आज भी क्रिकेट फैंस को रोमांचित कर देते हैं। क्रिस गेल मैदान में जितने बेफिक्र दिखते थे, ऑफ-फील्ड भी उनका वही मिजाज रहता था। 2020 के IPL के दौरान जब वह बीमार हुए और हॉस्पिटल में भर्ती ह...

Indira and emergency : जब इंदिरा ने कहा इमरजेंसी हटेगी तो देश हैरान रह गया

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https://uplive24.com/did-indira-gandhi-lift-emergency-because-of-sanjay-gandhi/ राज नारायण ने 1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी पर भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया। उनका आरोप था कि इंदिरा ने चुनाव जीतने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया। राज नारायण की याचिका पर इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा को दोषी ठहरा दिया। जब इंदिरा को लगा कि सत्ता उनके हाथ से निकल रही है, तो उन्होंने देश पर इमरजेंसी लाद दी। 25 जून 1975, यही वह काली तारीख है जब भारतीय लोकतंत्र को पिंजरे में कैद कर दिया गया। देश आपातकाल (Emergency) में पहुंच गया। जनता के सभी अधिकार छीन लिए गए। विपक्षी नेताओं को जेल में भर दिया गया। अखबारों पर निगरानी बढ़ गई। जिसने भी इमरजेंसी के खिलाफ आवाज उठाई, उसे सलाखों के पीछे डाल दिया गया। सारी ताकत इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) के हाथों में आ गई थी, लेकिन क्या यह सच था? क्या वाकई सारी ताकत इंदिरा के ही हाथों में थी? राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इमरजेंसी के पीछे संजय गांधी (Sanjay Gandhi) का दिमाग था और इमरजेंसी के दौरान भी सबसे ज्यादा ताकत उन्हीं के पास थी। बल्कि सही कहा ज...

Aurangzeb : एलोरा की गुफाएं देख औरंगजेब को क्यों याद आए जिन्न

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https://uplive24.com/why-did-aurangzeb-remember-jinn-after-seeing-the-ellora-caves/ औरंगजेब (Aurangzeb) लंबे समय तक औरंगाबाद (अब संभाजी नगर) में रहा। इस दौरान उसने जब एलोरा की गुफाएं देखीं, तो चौंक उठा। छत्रपति संभाजी नगर (पहले औरंगाबाद) के साथ औरंगजेब (Aurangzeb) का रिश्ता उतार-चढ़ाव भरा रहा। कह सकते हैं कि औरंगजेब आखिरी प्रभावशाली मुगल शासक था और उसकी विरासत पर प्रभाव पड़ा इस शहर का। इतिहास से पता चलता है कि उसने अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा औरंगाबाद में बिताया। पहले एक सूबेदार के रूप में और फिर शासक के रूप में।  औरंगजेब (Aurangzeb) का असर यहां आज भी दिखता है। फिर चाहें वे महल हों, बाजार, झील, मस्जिद या फिर मंदिर। अतीत के ये अवशेष पूरे शहर में बिखरे हुए हैं, जिसे द्वारों का शहर कहते हैं।  औरंगाबाद का एक प्रमुख स्थल है बीबी का मकबरा। यहां औरंगजेब (Aurangzeb) की पत्नी दिलरस बानो की कब्र है। बादशाहनामा के मुताबिक, इसका निर्माण 1652 से 1660 ईसवी के बीच कराया गया। आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि औरंगजेब को पहली बार 1636 में सूबेदार की जिम्मेदारी देकर दक्कन भेजा गया था। वह यह...

Aurangabad : औरंगाबाद से संभाजी नगर, क्या है नाम का इतिहास?

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https://uplive24.com/aurangabad-to-sambhaji-nagar-what-is-the-history-of-the-name/ औरंगजेब (Aurangzeb) की कब्र संभाजी नगर के खुल्दाबाद में है। जितना विवाद इस कब्र को लेकर है, उतना ही कभी औरंगाबाद (Aurangabad) के नाम को लेकर भी हुआ था। महाराष्ट्र में औरंगजेब की वजह से आग लगी हुई है। संभाजी नगर के खुल्दाबाद में मौजूद औरंगजेब की कब्र को लेकर हिंसक विवाद हुआ। लेकिन बात केवल कब्र की नहीं है। यह शहर अपने नाम को लेकर भी विवाद झेल चुका है।  संभाजीनगर (Chhatrapati Sambhajinagar) पहले औरंगाबाद (Aurangabad) नाम से जाना जाता था। केंद्र सरकार ने 24 फरवरी 2023 को इस नाम परिवर्तन को मंजूरी दी। इसके साथ उस्मानाबाद (Osmanabad) का नाम भी बदलकर धाराशिव (Dharashiv) कर दिया गया। महाराष्ट्र में लंबे समय से इस बदलाव की मांग उठ रही थी। औरंगाबाद का प्राचीन इतिहास (History of Aurangabad) औरंगाबाद का इतिहास (Aurangabad History) सातवाहन काल (Satavahana Period) से जुड़ा हुआ है। सातवाहन साम्राज्य के समय यह क्षेत्र कई छोटे-बड़े गांवों का हिस्सा था। 14वीं शताब्दी तक इस क्षेत्र पर यादव वंश का शासन था, जो देवगिरी (...

Balochistan history : 77 साल के विद्रोह की पूरी कहानी, पाकिस्तान से आजादी क्यों चाहते हैं बलूच?

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  पाकिस्तान पैदा हुआ और तुरंत ही धोखेबाजी सीख ली। उसने भारत ही नहीं, बलूचिस्तान को भी धोखा दिया। उसकी आजादी छीनी। इसी वजह से बलोच गुस्से में हैं। जानिए Balochistan history। जिन्ना ने कहा कुछ था और पाकिस्तान ने किया कुछ और। बलूचिस्तान के इतिहास (Balochistan history) में वह कहानी दर्ज है, जिसकी वजह से बलोच इतनी नफरत करते हैं पाकिस्तान से। यह इतिहास करीब 77 साल पुराना है, बंटवारे के ठीक बाद से शुरू हुआ। भारत से ब्रिटिश साम्राज्य के हटने के समय, 560 से अधिक रियासतों के सामने एक अहम सवाल खड़ा हुआ – क्या वे स्वतंत्र रहेंगी या किसी नए राष्ट्र में विलय करेंगी? इसी संदर्भ में बलूचिस्तान का कलात राज्य भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना। इतिहास (Balochistan history) में कलात राज्य का दर्जा भारत की अन्य रियासतों से अलग था। 1876 की संधि के तहत, ब्रिटिश हुकूमत ने कलात की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी। इसी कारण इसे नेपाल, भूटान और सिक्किम के साथ ‘कैटेगरी बी’ में रखा गया था, जो भारतीय विदेश विभाग के तहत आते थे। 4 अगस्त 1945 को दिल्ली में हुई राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में लॉर्ड माउंटबेटन, कलात के खान और मुहम्मद...

Air conditioner vs cooler : गर्मियों में एसी बेहतर या कूलर?

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https://uplive24.com/air-conditioner-vs-cooler-which-is-better/ घर में एसी लगवाएं या कूलर (Air conditioner vs cooler), यह सवाल हर गर्मी में खड़ा होता है। जवाब के लिए कुछ बातें जानना जरूरी हैं। https://uplive24.com/air-conditioner-vs-cooler-which-is-better/ इस बार मार्च में ही सूरज ने आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। मौसम को देख अंदाजा लग रहा है कि गर्मी रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। ऐसे में अभी से घर को ठंडा रखने का इंतजाम करना पड़ेगा।  गर्मियों की चिलचिलाती धूप से बचने के लिए लोग अक्सर यह सवाल करते हैं - एयर कंडीशनर (AC) लगवाएं या कूलर इस्तेमाल करें (Air conditioner vs cooler)? दोनों ही अपने तरीके से ठंडक देते हैं, लेकिन सेहत, बिजली की खपत और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कौन-सा बेहतर विकल्प है, यह समझना जरूरी है ठंडक और सेहत पर असर Air conditioner vs cooler : Cooling Effect) एसी बंद कमरे में ठंडी हवा बनाए रखता है और बाहर की गर्मी अंदर नहीं आने देता। लेकिन अगर ज्यादा देर तक एसी में बैठे रहें तो सिरदर्द, सर्दी-जुकाम या त्वचा रूखी होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। एसी का ज्यादा उपयोग करने से इ...