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Showing posts from August, 2025

Witches’ Pond : ड्रैकुला के इस तालाब से आज भी क्यों डरते हैं लोग?

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  Jatan Nagar Palace : 100 कमरों का यह भव्य महल आज क्यों माना जाता है भुतहा? रोमानिया का Witches’ Pond एक रहस्यमयी और पौराणिक जगह है, जहां सदियों से जादू-टोने और अजीब घटनाओं की कहानियां सुनाई जाती रही हैं। uplive24.com पर जानिए इस तालाब से जुड़े रहस्य, इतिहास और आज भी जारी जादुई मान्यताओं के बारे में। यूरोप के हृदय में बसे रोमानिया का नाम लेते ही सबसे पहले दिमाग में ड्रैकुला की कहानियां, मध्ययुगीन किले और घने जंगल आते हैं। लेकिन इसी रोमानिया की धरती पर एक ऐसा तालाब भी है, जिसे लोग Witches’ Pond यानी चुड़ैलों का तालाब कहते हैं।  न कोई झरना इस तालाब में गिरता है, न कोई बड़ी नदी इससे निकलती है। इसके बावजूद यह तालाब सैकड़ों सालों से स्थानीय लोककथाओं और रहस्यों का हिस्सा बना हुआ है।  जादूगरनियों का ठिकाना स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह तालाब प्राचीन काल से ही जादू-टोने का केंद्र रहा है। कहा जाता है कि यहां पर चुड़ैलें (witches) एकत्र होकर अनुष्ठान करती थीं। आज भी कई लोग मानते हैं कि रोमानिया के अलग-अलग हिस्सों से जादूगरनियां इस तालाब के पास एकत्र होती हैं, खासकर Walpurgis Nig...

Humans alien theory : क्या इंसान इस धरती के नहीं हैं?

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  Alien : क्या किसी और दुनिया में जिंदगी सांस ले रही है? क्या इंसान पृथ्वी के मूल निवासी हैं या कहीं और से आए हैं (Humans alien theory)? पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. एलिस सिल्वर की अनोखी थ्योरी इस सवाल को नए रहस्य और रोमांच से भर देती है। uplive24.com पर जानिए उनकी किताब Humans are not from Earth की रोचक कहानी। तारों से भरा आसमान इंसानों को पसंद आता है, वह सुदूर अंतरिक्ष में उड़ना चाहता है, उसमें जानने की ललक है कि उसके यूनिवर्स के पार क्या है... और तो और उसने सहज ही यह विश्वास पैदा कर लिया है कि उसे बनाने वाला ईश्वर ऊपर कहीं रहता है।  जब कोई मरता है, तो बच्चों को बहलाने के लिए कहा जाता है कि वह तारा बन गया। लेकिन तारा ही क्यों, पेड़ क्यों नहीं? क्यों स्वर्ग और नर्क आसमान में हैं? क्यों फरिश्ते ऊपर से नीचे आते हैं और मौत के बाद आत्मा ऊपर? ये सवाल ऐसे ही नहीं आए। रात के सन्नाटे में, जब आसमान दूधिया धुंध की तरह चमकता है, कभी-कभी दिल पूछता है, क्या हम सचमुच इसी मिट्टी के बने हैं? या हम किसी दूर के, ठंडे-नीले ग्रह की याद लिए हुए यहां आकर बस गए हैं? (Humans alien theory) यही बेचैन सवाल अ...

Cheteshwar Pujara : चेतेश्वर पुजारा, जिसके 53वीं गेंद पर खाता खोलने पर बजती थीं तालियां

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  Cheteshwar Pujara : ऑस्ट्रेलिया में क्यों खलेगी पुजारा की कमी? चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स से संन्यास ले लिया। uplive24.com पर जानिए क्यों अब किसी का पुजारा बन पाना मुश्किल है? किसी क्रिकेटर से सवाल कीजिए कि क्रिकेट की बेस्ट फॉर्म कौन? जवाब आएगा, टेस्ट। हालांकि इसके बाद भी एक कड़वा सच यह है कि तमाम क्रिकेटर टी-20 के लिए टेस्ट छोड़ रहे हैं। उनकी प्राथमिकता में 20 ओवरों का खेल पहले है। इसकी वजह है पैसा। कम वक्त में ज्यादा पैसा और चौकों-छक्कों के शोर से मिलने वाली शोहरत किसे अच्छी नहीं लगती? आपको एक नाम तो तुरंत ही मिल जाएगा - चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara)। आज जब सब कोई टी-20 स्पेशलिस्ट कहलाना पसंद कर रहा है - जब सारे बैटर्स चाह रहे हैं कि उनका स्ट्राइक रेट आसमान के पार चला जाए - तब पुजारा किसी मद्धिम ताजी हवा के झोंके से थे। मौजूदा दौर में वर्ल्ड क्रिकेट में पुजारा उन कुछ खिलाड़ियों में शामिल रहे, जिनके नाम के साथ जुड़ा है टेस्ट स्पेशलिस्ट।  ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना बेस्ट देने वाले इस खिलाड़ी की अंतरराष्ट्रीय कहानी भी इसी टीम क...

Mass slaughter of dogs : चीन में क्यों हुआ था कुत्तों का सामूहिक कत्लेआम?

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अजीब ढांचा और पूरा परिवार गायब, ब्रिटेन की रहस्यमयी कथा सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों (Stray Dogs) को लेकर एक अहम फैसला दिया है। इसमें पशु प्रेमियों का भी ख्याल रखा गया है। लेकिन इतिहास में ऐसे दो मामले मिलते हैं, जहां इंसानें की जल्दबाजी, डर और आशंका ने लाखों कुत्तों की जान (Mass slaughter of dogs) ले ली। uplive24.com पर इतिहास का वह दर्दनाक हिस्सा। दक्षिण-पश्चिमी चीन के युन्नान प्रांत के मौडिंग इलाके में आधी रात को अचानक से शोर उठा। पिछली कुछ रातों से यह छोटा-सा इलाका अंधेरा घिरते ही ऐसे शोर में डूब जाता था। कुछ सरकारी कर्मचारी और वर्दीधारी गलियों में ड्रम पीटते और आवाज करते हुए घूम रहे थे। वे हर दरवाजे पर रुकते, भरपूर शोर करते और फिर आगे बढ़ जाते। तभी एक घर से एक दबी हुई आवाज सुनाई पड़ी। पुलिसवालों के कदम रुक गए। उन्होंने और तेजी से ड्रम पीटना शुरू कर दिया। अंदर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। घर की सबसे छोटी बच्ची भागते हुए बेसमेंट में गई और अपने प्यारे कुत्ते को कस के गले लगा लिया। लेकिन बाहर उठते शोर ने डॉगी को बेचैन कर दिया था। कुछ देर तक वह रुका रहा और आखिरकार जोर से भौंकने लगा।...

कहां रहती है पितरों की आत्मा, क्या Pitru Paksha में उनसे मिल सकते हैं?

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  क्या आत्मा का वजन होता है? जानें धर्म, विज्ञान और 21 ग्राम का रहस्य क्या आत्मा होती है, अगर हां तो कहां रहती है? क्या हमारे पुरखे हम पर नजर रखे हुए हैं? पितृपक्ष (pitru paksha) में अर्पित की गई चीजें उन तक कैसे पहुंचती हैं?  जब भी परिवार में किसी नए सदस्य का जन्म होता है, तो लोग अक्सर उन्हें याद करने लगते हैं, जो दूर चले गए। 'इसका चेहरा बिल्कुल तुम्हारे दादा जैसा दिख रहा है!' लोग चले जाते हैं और यादें छूट जाती हैं! इन यादों को लोग किसी बच्चे के चेहरे में, किसी सामान में और कई बार सपनों में भी तलाशते हैं। ऐसा सपना तो आपको भी आता होगा, जिसमें कोई ऐसा दिखता होगा, जिसकी मौत हो चुकी है! और इन सपनों को बड़े-बुजुर्ग अर्थ भी बताते हैं। आमतौर पर कहा जाता है कि जो सपने में आए, वह कोई बात कहना चाहते थे। लेकिन जो मर गया, वह क्या कहना चाहेगा? या फिर वाकई उसे कुछ कहना था? क्या मौत के बाद जीवन होता है और आत्मा अपने पुराने परिवार में किसी नए सदस्य के रूप में जन्म लेना चाहती है या फिर वह सपने दिखाती है? भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को ज्ञान दिया,  नैनं छिन्दन्ति शस्त्राणि नैन...

KL Rahul : हम सबके जीवन में एक राहुल है...

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  क्रिकेट नहीं, भारत बनाम पाकिस्तान अब सिर्फ पैसों की जरूरत एक महापुरुष से किसी ने पूछा था, 'इस इमारत का सबसे खूबसूरत कोना कौन-सा है?' उन्होंने अपनी अंगुली जमीन की ओर दिखाते हुए कहा, 'तुम देख नहीं पाओगे।' उस शख्स ने पूछा, 'देख नहीं पाऊंगा? फिर वह कोना सबसे खूबसूरत कैसे हुआ?' जवाब आया, 'क्योंकि उसी की वजह से यह इमारत इतनी खूबसूरत है।' उस महापुरुष ने नींव के पत्थर को चुना था। केएल राहुल (KL Rahul) का नाम लेते हुए बार-बार वही नींव का पत्थर याद आता है। एक ऐसा खिलाड़ी, जिसने जरूरत पड़ने पर हर बार टीम के लिए सबसे अहम योगदान दिया, लेकिन हर बार बैलेंस बनाने के नाम पर उसे टीम से बाहर कर दिया गया। एशिया कप (Asia Cup) ताजा उदाहरण है। चयनकर्ताओं ने बहुत माथापच्ची के बाद टीम चुनी है। इतने दिनों से चर्चा आम थी कि शुभमन गिल को टी-20 टीम में लेना चाहिए। इसके पीछे दो दलीलें थीं। पहली दलील कि शुभमन जरबदस्त फॉर्म में हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्होंने सबसे ज्यादा रन बनाए।  IPL 2025 में भी गिल का बल्ला बोला और उन्होंने 15 मैचों में 155 की ज्यादा स्ट्राइक रेट और...

क्या Newton के सिर पर वाकई में सेब गिरा था?

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  Mind Reading Technology : अब कंप्यूटर पढ़ सकेगा हमारे मन की आवाज सिर पर सेब गिरा और न्यूटन (Isaac Newton) के दिमाग में गुरुत्वाकर्षण का आइडिया आ गया। लेकिन क्या ऐसा ही हुआ था, uplive24.com के साथ जानिए। साल 1666। लंदन की गलियों में मौत का साया था। Great Plague of London हजारों लोगों की जान ले रहा था और बाकी अपने-अपने घरों से दूर सुरक्षित जगहों की तलाश में थे। इसी दौरान युवा गणितज्ञ और वैज्ञानिक आइजैक न्यूटन (Isaac Newton) भी कैम्ब्रिज छोड़कर अपनी मां के घर Woolsthorpe Manor पहुंच गए। यहीं से शुरुआत होती है उस मशहूर कहानी की, जिसे हम सबने बचपन में पढ़ा है, यानी Newton और सेब की। क्या है कहानी की सच्चाई? (Newton Apple Story) कहानी हम सब जानते हैं - Newton एक बगीचे में पेड़ के नीचे बैठे थे, तभी उनके सिर पर एक सेब आ गिरा और अचानक उन्हें Gravity यानी गुरुत्वाकर्षण का आइडिया आया। लेकिन इतिहासकारों का मानना है कि यह वाकया उतना सीधा-सपाट नहीं था। Newton के दोस्त और जीवनी लेखक विलियम स्ट्यूक्ली (William Stukeley) ने लिखा है कि न्यूटन अक्सर अपने बगीचे में टहलते हुए सेब के पेड़ को देखते और ...

Shri Krishna Janmashtami : दो दिन क्यों मनाते हैं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी?

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  krishna janmashtami 2025 : श्रीकृष्ण के इन संदेशों के साथ मनाएं जन्माष्टमी ऐसा बहुत कम होता है जब गृहस्थ और संत, दोनों ही एक दिन Shri Krishna Janmashtami मनाएं - लेकिन ऐसा क्यों होता है? भगवान एक, भक्ति एक, फिर जन्म दो दिन क्यों, जानिए uplive24.com पर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 15 अगस्त 2025 को रात 11:49 बजे आरंभ होकर 16 अगस्त की रात 9:34 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, मुख्य जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी। इस बार गृहस्थ और संन्यासी, दोनों ही 16 अगस्त को जन्मोत्सव मनाएंगे। ऐसा बहुत कम होता है, वरना हर बार जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) दो दिन मनाई जाती है - एक दिन गृहस्थ और दूसरे दिन संन्यासी - लेकिन ऐसा क्यों होता है?  गृहस्थ और संत अलग-अलग जन्माष्टमी क्यों मनाते हैं, इसे समझने के लिए हमें पहले कृष्ण जन्म की कहानी जाननी होगी। द्वापर युग में मथुरा में भोजवंशी राजा उग्रसेन का शासन था। लेकिन, उनका पुत्र कंस उन्हें बलपूर्वक गद्दी से उतारकर खुद राजा बन...

Mind Reading Technology : अब कंप्यूटर पढ़ सकेगा हमारे मन की आवाज

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  AI : क्या मशीनें भी पछता सकती हैं? वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जो इंसान के दिमाग में सोचे गए शब्दों को पढ़कर आवाज में बदल सकती है (Mind Reading Technology)। यह इनोवेशन A.L.S. जैसे मरीजों के लिए नई उम्मीद है, जिससे वे बिना बोले भी बातचीत कर सकेंगे। uplive24.com पर पढ़िए नई रिसर्च के बारे में। जरा सोचिए, अगर कोई मशीन आपके दिमाग में चल रहे शब्दों को पढ़कर उन्हें जोर से बोल दे, तो (Mind Reading Technology)? ये किसी साइंस-फिक्शन फिल्म जैसा लगता है, लेकिन अब यह हकीकत के करीब है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जो न सिर्फ आपके बोले हुए शब्दों को पहचान सकती है, बल्कि आपके सोचे हुए शब्द भी डिकोड कर सकती है (Mind Reading Technology)। इसे कहते हैं Inner Speech Decoding। दुनिया भर के न्यूरोइंजीनियर (Neuroengineers) लंबे समय से ऐसे लोगों की मदद का सपना देख रहे हैं, जो बीमारी या चोट के कारण बोलने की क्षमता खो चुके हैं। अब एक नई स्टडी में साइंटिस्ट्स ने न केवल उन शब्दों को डिकोड किया जिन्हें मरीज बोलने की कोशिश कर रहे थे, बल्कि उन शब्दों को भी जिन्हें वे केवल कल्पना (Imagine...

Independence Day : पिस्तौल काम आई न जिन्ना का लालच, ऐसे एक बना भारत

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  Vellore Revolt : बस 5 मिनट से बच गए थे अंग्रेज वरना वेल्लोर विद्रोह से मिल जाती आजादी! आजादी (Independence Day) मिलने वाली थी, लेकिन देश भीतर से बंटा हुआ था। अगर भीतर एकजुटता न आती तो लंबे संघर्ष के बाद मिलने वाली स्वतंत्रता का मतलब नहीं रहता। किस तरह एक हुआ भारत, uplive24.com पर Independence Day Special Story : Independence Day : 1947 की तपती गर्मियों में, जब भारत आजादी (Independence Day) की दहलीज पर खड़ा था, दिल्ली के वायसराय हाउस में एक युवा राजा बेचैनी से कुर्सी पर पहलू बदल रहा था। यह थे जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह - महज 23 साल के, लेकिन आज के दिन उनके सामने ऐसा फैसला था, जो इतिहास की दिशा तय कर सकता था। उनका माथा क्रोध से तप रहा था। उनके पूर्वजों ने जिस राज्य पर गर्व से शासन किया था, वह अब उनके हाथ से फिसल रहा था।  अचानक, उन्होंने पिस्तौल निकाली और उसे वी.पी. मेनन की ओर तान दिया। कमरे में सन्नाटा छा गया। पर मेनन का चेहरा शांत रहा। ठंडे स्वर में उन्होंने बस इतना कहा कि इससे विलय रुकने वाला नहीं। और जैसे किसी जादू से, हनवंत सिंह का हाथ नीचे हो गया। कुछ क्षण बाद, जोधपुर भ...

India vs Pakistan cricket : यह क्रिकेट नहीं, पैसों की जरूरत है

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  Asia Cup : क्या BCCI की याददाश्त इतनी कमजोर है, जो उसे पहलगाम याद नहीं रहा? भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) के बीच एशिया कप में मुकाबला होने वाला है। भारतीय जनता पूछ रही है कि एक आतंकी देश से क्रिकेट किसलिए? क्या पैसा देश से ज्यादा महत्वपूर्ण है? uplive24.com पर एनालिसिस।  सितंबर में UAE में एशिया कप होने वाला है। इसमें एक बार फिर भारत बनाम पाकिस्तान (India vs Pakistan cricket) देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि दोनों टीमें तीन बार आमने-सामने आ सकती हैं - ग्रुप स्टेज, सुपर-4 और फाइनल में। सुनने में रोमांचक लगता है, लेकिन सवाल है कि क्या भारत का पाकिस्तान से खेलना जरूरी है? क्या यह राइवलरी अब भी पहले जैसी है?  भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट (India vs Pakistan cricket) टीमों में उतना ही बड़ा अंतर आ चुका है, जितना दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में। पाकिस्तान की कंगाली उसके खजाने से लेकर उसकी क्रिकेट टीम तक पसरी हुई है। हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान एक पाकिस्तानी प्रशंसक ने कमेंट किया कि पाकिस्तान अब छोटी टीम नजर आती है, जो बस कभी-कभार उलटफेर करन...

Independence : क्रिसमस पर ही मिल जाती आजादी, लेकिन...

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  Vellore Revolt : बस 5 मिनट से बच गए थे अंग्रेज वरना वेल्लोर विद्रोह से मिल जाती आजादी! अंग्रेजों से आजादी (Independence) हासिल करने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने अनगिनत बलिदान दिए हैं। 15 अगस्त 1947 की तारीख उसी बलिदान का नतीजा है। लेकिन यह तारीख पहले भी आ सकती थी। uplive24.com पर Independence Day से जुड़ा इतिहास का एक किस्सा। भारत की आजादी (Independence) के लिए दो तरह से लड़ाई चल रही थी। एक रास्ता था अहिंसक, जिसका नेतृत्व महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) कर रहे थे। बापू का मानना था कि अहिंसा में बहुत ताकत होती है और इसके माध्यम से भी अंग्रेजों भारत से भगाया जा सकता है। दूसरा रास्ता सशस्त्र क्रांति का था। इसकी कमान उन युवाओं के हाथो में थी, जिन्हें लगता था कि आजादी (Independence) अहिंसा से नहीं मिल सकती। अंग्रेजों को उन्हीं की भाषा में जवाब देना होगा। सशस्त्र क्रांतिकारियों की चर्चा काफी कम होती है। लेकिन, अगर तकदीर ने थोड़ा-सा भी साथ दिया होता, तो शायद भारत को आजाद कराने का सेहरा सशस्त्र क्रांतिकारियों के सिर पर ही बंधता। उन्होंने दो ऐसी कोशिशें कीं, जो सफल होने के बेहद करीब थीं।...

जिन्ना ने दिया था बलूचिस्तान को धोखा, कीमत चुका रहा पाकिस्तान

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  Balochistan : पाकिस्तान ने किया है बलूचिस्तान के साथ धोखा, कीमत चुकानी होगी पाकिस्तान पैदा हुआ और तुरंत ही धोखेबाजी सीख ली। उसने भारत ही नहीं, बलूचिस्तान को भी धोखा दिया। उसकी आजादी छीनी। इसी वजह से बलोच गुस्से में हैं। uplive24.com पर जानिए Balochistan history। जिन्ना ने कहा कुछ था और पाकिस्तान ने किया कुछ और। बलूचिस्तान के इतिहास (Balochistan history) में वह कहानी दर्ज है, जिसकी वजह से बलोच इतनी नफरत करते हैं पाकिस्तान से। यह इतिहास करीब 77 साल पुराना है, बंटवारे के ठीक बाद से शुरू हुआ। भारत से ब्रिटिश साम्राज्य के हटने के समय, 560 से अधिक रियासतों के सामने एक अहम सवाल खड़ा हुआ - क्या वे स्वतंत्र रहेंगी या किसी नए राष्ट्र में विलय करेंगी? इसी संदर्भ में बलूचिस्तान का कलात राज्य भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना। इतिहास (Balochistan history) में कलात राज्य का दर्जा भारत की अन्य रियासतों से अलग था। 1876 की संधि के तहत, ब्रिटिश हुकूमत ने कलात की स्वतंत्रता को मान्यता दी थी। इसी कारण इसे नेपाल, भूटान और सिक्किम के साथ 'कैटेगरी बी' में रखा गया था, जो भारतीय विदेश विभाग के तहत आते थे। ...

Duga Radar : जब रूसी टक-टक ने पूरी दुनिया के सिर में दर्द कर दिया था

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Turbojet train : जब जेट के इंजन लगाकर ‘उड़ी’ ट्रेन अगर आप शीत युद्ध (Cold War) के दौर की रहस्यमयी सैन्य तकनीकों में रुचि रखते हैं, तो रूस का Duga Radar आपके लिए किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं। 1970 के दशक से लेकर 1989 तक, यह विशाल रडार सिस्टम दुनिया भर के रेडियो प्रेमियों के लिए पहेली बना रहा। uplive24.com पर पढ़ें इतिहास। सोचिए, आप 1970 के दशक में किसी पुराने रेडियो पर दुनिया भर के शॉर्टवेव स्टेशन ट्यून कर रहे हैं। अचानक एक अजीब आवाज कानों में पड़ती है - टक-टक-टक...। जैसे कोई अदृश्य कठफोड़वा लगातार आपकी रेडियो फ्रिक्वेंसी पर चोंच मार रहा हो। यह कोई मजाक नहीं था, यह असली में दुनिया भर के रेडियो सुनने वालों का सिरदर्द था। बाद में पता चला कि इस आवाज के पीछे था सोवियत संघ का एक गुप्त प्रोजेक्ट - Duga Radar (डूगा रडार)। इसकी टक-टक वाली आवाज के कारण दुनिया ने इसे नाम दिया Russian Woodpecker। Duga Radar था क्या? यह असल में एक Over-the-Horizon Radar था। मतलब ऐसा रडार जो सीधी नजर से भी आगे, क्षितिज के पार तक देख सकता था। आम रडार सीधा सिग्नल भेजकर सामने की वस्तु से टकराकर वापस आने वाले सिग्नल को ...

Vellore Revolt : क्या हुआ था वेल्लोर में, जिसे मानते हैं आजादी की पहली जंंग

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  uplive24.com पर जानिए 1806 के वेल्लोर विद्रोह (Vellore Revolt) की पूरी कहानी। कैसे धार्मिक अपमान और ड्रेस कोड ने भारत की आजादी की पहली सशस्त्र बगावत को जन्म दिया, और कैसे अंग्रेजों ने इसे बेरहमी से कुचला। History of Nepal : मुगलों से कैसे आजाद रहा नेपाल? भारत की आजादी की पहली लड़ाई 1857 के स्वाधीनता संग्राम को माना जाता है। यह बड़े स्तर पर आजादी की पहली कोशिश थी। इससे पहले भी अंग्रेजों से आजादी छीनने के प्रयास हो चुके थे, लेकिन वे इतिहास के पन्नों में कहीं खो से गए। इनमें सबसे खूंखार था 1806 का वेल्लोर विद्रोह (Vellore Revolt)। यह गुलामी के खिलाफ भारत की पहली जंग भी मानी जाती है।  1857 की तरह इस बगावत की वजह भी धार्मिक और सांस्कृतिक थी। ब्रिटिश हुकूमत ने भारतीय सिपाहियों के लिए एक ड्रेस कोड लागू किया। इसके मुताबिक, उन्हें किसी भी तरह के जातिसूचक प्रतीक दिखाने की अनुमति नहीं थी, जैसे कि हिंदुओं को टीका-तिलक लगाने और मुस्लिमों को दाढ़ी रखने की। साथ ही, मूंछों को भी एक पैमाइश के हिसाब से रखना था। इसका मकसद था, सेना को एक समान दिखाना। जाहिर तौर पर ये काफी सीधे और सरल बदलाव थे। ल...

Jatan Nagar Palace : 100 कमरों का यह भव्य महल आज क्यों माना जाता है भुतहा?

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  Roman इतिहास की वह रहस्यमयी चीज, जो 300 बरसों में नहीं पहचानी जा सकी Jatan Nagar Palace आज भी देखने में जितना भव्य है, उतनी ही कहानियां हैं उसके बारे में। इसे भारत के सबसे भुतहा महलों में गिना जाता है। uplive24.com पर जानिए, क्या है इसके पीछे की वजह। ओडिशा (Odisha) के धेनकनाल (Dhenkanal) जिले में स्थित जतन नगर पैलेस (Jatan Nagar Palace), शाही विरासत, वास्तुकला की भव्यता और डरावनी दास्तानों का अद्भुत मेल है।  यह महल 20वीं सदी की शुरुआत में पत्तायत नरसिंह प्रताप सिंहदेव (Pattayat Nrusingha Pratap Singhdeo) द्वारा बनवाया गया था और यह धेनकनाल शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर, 200 फीट ऊंची पहाड़ी पर बसा है। 100 कमरों वाला यह विशाल महल उस दौर की वास्तुकला, कला और रियासत की शान को बखूबी दर्शाता है। निर्माण की कहानी और विवाद जतन नगर पैलेस (Jatan Nagar Palace) का निर्माण इतिहास जितना रोचक है, उतना ही विवादित भी। कहा जाता है कि इस महल के निर्माण में लोगों से जबरन मजदूरी कराई गई। भारी पत्थरों को ढोने के लिए हाथियों का उपयोग किया गया और मजदूरों को अमानवीय यातनाएं दी गईं। विशेष यातना कक्ष बनाए...

History of Raksha Bandha : राखी ने बचाई थी सिकंदर की जान

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  Raksha Bandhan : एक राखी के कितने नाम, कहीं समुद्र देवता की पूजा, कहीं बदलते हैं जनेऊ रक्षाबंधन की जड़ें इतिहास (History of Raksha Bandhan) और पौराणिक कथाओं में इतनी गहरी हैं कि इसे एक युग से दूसरे युग में जोड़ने वाला उत्सव कहा जा सकता है।  रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति के सबसे खूबसूरत त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के रिश्ते को न केवल प्रेम और स्नेह से बल्कि विश्वास और सुरक्षा के बंधन से भी जोड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस त्योहार की जड़ें हजारों साल (History of Raksha Bandhan) पुरानी हैं और इसकी कहानियां इतिहास और पौराणिक कथाओं के पन्नों में गहराई से दर्ज हैं? सबसे पुरानी राखी दुनिया की सबसे पुरानी राखी (Oldest Rakhi) का जिक्र 300 BC में मिलता है, जब सिकंदर महान (Alexander the Great) भारत पर हमला करने आया था।  इतिहास (History of Raksha Bandhan) बताता है कि सिकंदर की पत्नी रॉक्साना (Roxana) ने भारत के वीर योद्धा राजा पोरस (King Puru) को एक पवित्र धागा भेजा और अपने पति की जान बचाने का अनुरोध किया। पोरस ने इस वचन का सम्मान करते हुए युद्ध के मैदान में सिकंदर को नह...