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Showing posts from April, 2025

Pakistan Betrayal : पाकिस्तान का धोखा, क्या कभी बदलेगा इसका डीएनए?

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https://uplive24.com/pakistan-betrayal-is-the-truth-india-should-give-a-befitting-reply-on-pahalgam/ पाकिस्तान के लिए धोखा देना (Pakistan Betrayal) कोई हादसा नहीं है, यह उसके डीएनए में बसा हुआ है। इतिहास गवाह है कि चाहे अमेरिका हो, सऊदी अरब हो, अफगानिस्तान हो या भारत - पाकिस्तान ने हर उस हाथ को काटा है जिसने कभी उस पर भरोसा किया था। दुनिया में कुछ चीजें हैं जो बार-बार हो रही हैं, और पाकिस्तान के साथ धोखा देने (Pakistan Betrayal) का मामला इनमें सबसे बड़ा है। जब-जब पाकिस्तान के साथ बातचीत की गई, उस दौरान उसने हर बार दगाबाजी की है, और हर बार उसने शांति के मौकों को धोखे में बदलने की कोशिश की है। Pahalgam terror attack इसका ताजातरीन उदाहरण है, जो यह साबित करता है कि पाकिस्तान के दिल में कभी भी शांति की इच्छा नहीं रही। धोखे में पाकिस्तान ने अमेरिका को भी नहीं छोड़ा (Pakistan Betrayal with US) वह पाकिस्तान, जिसने War on Terror में अमेरिका के साथ मिलकर दुनिया को यह दिखाने का प्रयास किया कि वह आतंकवाद के खिलाफ खड़ा है, वही आतंकवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया। ओसामा बिन लादेन (Osama bin La...

Act of War : जब ये शब्द बन जाते हैं युद्ध का ऐलान

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https://uplive24.com/meaning-and-history-of-act-of-war/ पहलगाम के जवाब में भारत ने सिंधु जल समझौते (Indus waters treaty) को निलंबित किया तो पाकिस्तान (Pakistan) चीख पड़ा - यह Act of War है। आखिर क्या है इसका मतलब? पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam terror attack) के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में सिंधु जल समझौते (Indus waters treaty) को निलंबित कर दिया। पाकिस्तान (Pakistan) ने इसे एक्ट ऑफ वार बताया है। आखिर इसका मतलब क्या है? Act of War - सिर्फ तीन शब्द, लेकिन इनमें छिपी है पूरी इंसानियत की त्रासदी, कूटनीति की चुनौती और युद्ध के पीछे की वैधता का संकट। यह वाक्यांश कोई सामान्य कानूनी या सैन्य शब्द नहीं, बल्कि वो सीमारेखा है जहां शब्द खत्म हो जाते हैं और बंदूकें बोलने लगती हैं। Act of War का अर्थ  इसका सीधा अनुवाद किया जाए तो मतलब होता है, युद्ध की कार्रवाई। लेकिन असल में यह इससे कहीं ज्यादा जटिल और बहुआयामी है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में यह वो बिंदु होता है, जब किसी देश की कोई आक्रामक कार्रवाई इतनी गंभीर हो जाती है कि उसे युद्ध की शुरुआत माना जा सकता है। यह सिर्फ टैंकों के चलने या मिसाइल...

Gold vs Crypto vs Stock : कहां सुरक्षित रहेगा और ज्यादा रिटर्न देगा आपका पैसा?

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https://uplive24.com/gold-vs-crypto-vs-stock-where-to-invest/ सोने की चमक पुरानी है, क्रिप्टो का जोश नया है, और शेयर मार्केट हमेशा से चालबाज रहा है - सवाल है कि आम आदमी किसकी तरफ जाए, कहां पैसा लगाए? अगर आपकी जेब में कुछ बचत है, तो दिमाग में सवाल भी होंगे कि क्या गोल्ड हमेशा सुरक्षित निवेश बना रहेगा - क्या क्रिप्टो अब सिर्फ जुआ नहीं, निवेश है और क्या स्टॉक्स आज भी Long Term Wealth के राजा हैं? चलिए इन तीनों का मुकाबला करवाते हैं - Gold vs Crypto vs Stock - बिल्कुल बॉक्सिंग मैच की तरह। राउंड वन : Stability vs Volatility Gold : सोना इतिहास से ही एक सुरक्षित एसेट रहा है। मंदी हो या युद्ध, लोग सोने की ओर भागते हैं। इस साल ही इसने लखपति बनकर दिखा दिया। इसमें उतार-चढ़ाव कम है, लेकिन रिटर्न भी सीमित है। Crypto : जैसे Bitcoin, Ethereum वगैरह। ये रोलर कोस्टर जैसे होते हैं। एक दिन चांद पर, दूसरे दिन खाई में। इनके साथ-साथ निवेशकों का दिल भी ऊपर-नीचे होता रहता है। 2024 में Bitcoin ने $73,000 का रिकॉर्ड बनाया, फिर कुछ हफ्तों में $60,000 के नीचे आ गया। Stablecoin जैसे विकल्प हैं, लेकिन फिर वो '...

Pahalgam : पाकिस्तान के पास भीख का कटोरा, उसे भी छीनना होगा

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https://uplive24.com/how-india-can-respond-to-pakistan-on-pahalgam/ पाकिस्तान (Pakistan) अपने दम पर सुई तक नहीं बना सकता, वह आखिर आतंकी कैसे तैयार कर रहा है? भारत को उसके मददगारों पर सख्ती करनी चाहिए।  जम्मू कश्मीर के पहलगाल (Pahalgam) में जो हुआ, वह सिर्फ एक आतंकी हमला नहीं था, वह एक सुनियोजित चुनौती थी - भारत की सहनशक्ति को, उसके धैर्य को, उसकी चुप्पी को। और इस बार जवाब सिर्फ बुलेट या कूटनीति से देने से नहीं चलेगा। इस बार जरूरत है एक ऐसी नीति की जो पाकिस्तान की जड़ों को हिला दे। पाकिस्तान (Pakistan) का खेल नया नहीं है। वही पुराना नक्शा, वही पुराने मोहरे - बस हर बार ताश की गड्डी नयी दिखती है। इस बार पाकिस्तानी आर्मी चीफ असीम मुनीर (Asim Munir) ने 16 अप्रैल को जो भाषण दिया, वह बस भाषण नहीं, एक इशारा था। और ठीक उसी इशारे के कुछ दिन बाद पहलगाम (Pahalgam) में खून बहा। पूरी दुनिया जान रही है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के पीछे पाकिस्तान (#PakistanBehindPahalgam) है। अब सवाल यह नहीं है कि Pahalgam attack क्यों हुआ। सवाल यह है कि हम कब तक अमेरिका, चीन और सऊदी अरब जैसे देशों को पाकिस्तानी...

Vatican City : यीशु ने जिसे चुना, उसे दी गई थी वेटिकन में फांसी

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https://uplive24.com/why-pope-live-in-vatican-city/ Vatican City क्यों बना ईसाई धर्म का केंद्र, जबकि ईसा मसीह का जन्म तो कहीं और हुआ था? पोप फ्रांसिस क्यों रहते थे वेटिकन में और नए पोप भी क्यों यहीं चुने जाएंगे? एक पल के लिए सोचिए - ईसा मसीह जन्मे थे बेथलेहम में, पले-बढ़े नासरत में, और सूली पर चढ़ाए गए येरुशलम में। फिर भी, आज ईसाई धर्म का सबसे बड़ा केंद्र है वेटिकन सिटी (Vatican City) - रोम का एक छोटा-सा कोना, जो खुद एक संप्रभु देश है। तो सवाल उठता है कि पोप वेटिकन (Vatican City) में क्यों बैठते हैं? वेटिकन सिटी और ईसाई धर्म का रिश्ता कब और कैसे बना? इसका जवाब इतिहास, धर्म, राजनीति और प्रतीकों की एक दिलचस्प कहानी में छुपा है। चलिए, इस रहस्य की परतें खोलते हैं। शुरुआत येरुशलम से, लेकिन सत्ता रोम पहुंची ईसा मसीह (Jesus Christ) के अनुयायी शुरू में येरुशलम और आसपास के यहूदी क्षेत्रों में फैले थे। लेकिन जैसे ही रोमन साम्राज्य में ईसाई धर्म का प्रचार शुरू हुआ, इसकी धारा पश्चिम की ओर मुड़ गई। पहली और दूसरी सदी में, रोम ईसाई मिशन का बड़ा केंद्र बन गया। इसकी वजह यह रही कि रोम रोमन साम्राज्य की ...

Indus Waters Treaty : सिंधु पर नेहरू की गलती सुधारने का समय आ गया

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https://uplive24.com/ जवाहरलाल नेहरू ने Indus Waters Treaty को मानवीय आधार पर जरूरी बताया था। लेकिन पाकिस्तान इस लायक नहीं कि उसके साथ मानवीयता दिखाई जाए। पाकिस्तान (Pakistan) को अब शायद समझ में आए कि जब भारत अपने जल-अधिकारों पर सवाल उठाता है, तो वह केवल गुस्से में नहीं होता, बल्कि ऐतिहासिक अन्याय का हिसाब मांग रहा होता है। पहलगाम में आतंकी हमले (Pahalgam terrorist attack) के बाद भारत ने अब सिंधु जल समझौता (Indus Waters Treaty) को सस्पेंड करने का ऐलान कर दिया है। यह कोई साधारण घोषणा नहीं, बल्कि 64 साल से झेली जा रही जल-सहिष्णुता के अंत की शुरुआत है। पानी का बदला पानी से साल 2016 में जब उरी में भारतीय फौजियों पर हमला हुआ था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने गुस्से में कहा था, 'रक्त और जल एक साथ नहीं बह सकते।' उसी दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इशारा कर दिया था कि अगर पाकिस्तान आतंक की राह पर चलता रहा, तो भारत पानी की राह बंद कर देगा। अब हालात फिर से वहीं पहुंच गए हैं। पहलगाम (Pahalgam terrorist attack) में पर्यटकों पर हुए कायराना हमले ने भारत को झकझोर दिय...

Indus Waters Treaty : सिंधु जल समझौता स्थगित, पाकिस्तान अब होगा पानी-पानी

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https://uplive24.com/what-will-be-the-impact-of-suspending-the-indus-waters-treaty-on-pakistan/ सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को सस्पेंड करके भारत ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान से आतंकवाद जारी रहता है, तब तक नदियों के रास्ते भरोसा बहने का कोई मतलब नहीं। जब नदियों का बहाव रुकता है, तो सिर्फ पानी नहीं रुकता, इतिहास ठहर जाता है। और इस बार इतिहास को भारत ने खुद रोका है। सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty), जो 1960 से अब तक चार युद्ध, दर्जनों आतंकी हमले और भारत-पाक के खट्टे रिश्तों के बावजूद बहती रही, उसे भारत ने पहली बार suspend कर दिया है। यह फैसला अचानक नहीं आया। मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में, पाकिस्तान से आए आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली। और अगले ही दिन, भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने घोषणा कर दी कि सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाता है। भारत ने साफ कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद (cross-border terrorism) का साथ देना पूरी तरह और बिना शर्त नहीं छोड़ता, तब तक सिंधु जल समझौते (In...

Pahalgam attack : भारत की स्ट्राइक से डरे पाकिस्तान ने दी सफाई

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https://uplive24.com/ https://uplive24.com/pakistan-fears-indian-strike-in-response-to-pahalgam-attack/   पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam attack) के अगले ही दिन पाकिस्तान ने सफाई दी कि इसमें उसका हाथ नहीं। यह सफाई से ज्यादा उसका डर है।  पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले (Pahalgam attack) में 28 निर्दोष पर्यटकों की हत्या ने एक बार फिर आतंकवाद की जड़ पर उंगली उठाई है - और वह जड़ है पाकिस्तान (Pakistan)। लेकिन इस बार पाकिस्तान सिर्फ इनकार नहीं कर रहा, वह डरा हुआ है। डर इस बात का कि कहीं भारत फिर से बालाकोट जैसी कार्रवाई न कर दे, जैसा उसने पुलवामा हमले के बाद किया था। 'हमें इससे कोई वास्ता नहीं...' - पाकिस्तान की घबराहट का सबूत हमले (Pahalgam attack) के अगले ही दिन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) और विदेश मंत्रालय ने बड़ी सफाई से कहा, 'हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं।' लेकिन सवाल यह है कि अगर वास्ता नहीं है, तो इतनी जल्दी बयान क्यों देना पड़ा? इसका सीधा जवाब है - भारत की प्रतिक्रिया का डर। 2016 के Uri attack और फिर 2019 के Pulwama attack के बाद भारत की रणनीति साफ ...

TRF : कौन है पहलगाम में खून बहाने वाला पाकिस्तान का नया चेला

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https://uplive24.com/the-resistance-front-is-behind-pahalgam-terror-attack/ पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के एक चेहरे The Resistance Front (TRF) ने पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Attack) की जिम्मेदारी ली है।  जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले (Pahalgam Attack) ने एक बार फिर आतंक की भयावह तस्वीर सामने रख दी है। अमरनाथ यात्रा से कुछ ही हफ्ते पहले हुए इस हमले में 28 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुज़ुर्ग शामिल हैं। इस बर्बर हमले की जिम्मेदारी ली है The Resistance Front (TRF) नामक एक पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने, जो सीधे-सीधे लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba LeT) का ही मुखौटा है। आतंक का नया चेहरा TRF की स्थापना अगस्त 2019 में हुई थी, जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया था। इसके बाद से ही TRF लगातार घाटी में अस्थिरता फैलाने, गैर-स्थानीय नागरिकों और प्रवासी मज़दूरों को निशाना बनाने में जुटा है। TRF ने खुले तौर पर कहा है कि जो भी कश्मीर में बसने आएगा, वह उनका दुश्मन है और उसके खिलाफ 'जिहाद' जारी रहेगा। सरकार ने TRF को पिछले साल ...

Gold : 1855 की ग्रेट गोल्ड रॉबरी और 2025 का बुखार

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https://uplive24.com/why-gold-price-is-rising/ सोना (Gold) कभी सिर्फ धातु नहीं रहा। ये सत्ता की सीढ़ी भी बना, और अपराध की कहानी भी। 2025 में जब सोने का दाम (Gold price) हर रोज नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब एक पुरानी लेकिन बेहद दिलचस्प कहानी याद आती है - 1855 की 'The Great Gold Robbery'। यह कोई फिल्मी स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि असली इतिहास है। साल था 1855, लंदन की एक ठंडी सुबह। तीन लोहे के बक्सों में बंद करके, 327 किलो सोना (Gold) भेजा जा रहा था पेरिस। उस वक्त के हिसाब से उसकी कीमत थी 12 हजार पाउंड। ब्रिटिश रेल की गाड़ी से यह सोना भेजा जाना था। तगड़ी सुरक्षा थी, बक्सों में ताले थे, और हर चीज रिकॉर्ड पर थी। लेकिन जब गाड़ी पेरिस पहुंची, तो बक्से जरूर खुले, लेकिन अंदर सोना (Gold) नहीं था - सिर्फ लेड यानी सीसा भरा हुआ था। चोरों ने असली सोना निकालकर उसकी जगह वजन बराबर नकली धातु भर दी थी, ताकि किसी को शक न हो। चोर कौन थे? ये कोई आम अपराधी नहीं थे। इस चोरी में शामिल था - एक रेलवे क्लर्क, एक कुशल चाबी बनाने वाला और एक चुपचाप रहने वाला मास्टरमाइंड। तीनों ने कई महीनों तक इस चोरी की तैयारी की - ...

Pope : जब दुनिया में एक साथ तीन पोप हो गए

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https://uplive24.com/great-western-schism-three-popes-one-church-crisis/ कभी सोचा है कि एक धर्म, एक चर्च और एक पोप (Pope) होने के बावजूद कैथोलिक दुनिया में ऐसा वक्त भी आया था जब एक नहीं, दो-दो पोप खुद को ईश्वर का प्रतिनिधि घोषित कर बैठे? इतिहास इसे Great Western Schism कहता है, लेकिन यह कोई सीधा-सादा धर्मगुरुओं का विवाद नहीं था - यह एक ऐसा राजनीतिक-धार्मिक संग्राम था, जिसने पूरे यूरोप को हिला दिया। तो, चलिए लौटते हैं 14वीं सदी के उस अंधेरे गलियारे में… जहां सिर्फ चोगा ही सफेद था, नीयत नहीं। क्या था Great Western Schism? Great Western Schism यानी 'महान पश्चिमी विभाजन', वो दौर था जब 1378 से 1417 तक कैथोलिक चर्च में दो - और एक समय पर तीन पोप (Pope) एक साथ दावा करते रहे कि वही असली पोप हैं। यानी एक ही चर्च, लेकिन दो (फिर तीन) अलग-अलग 'वैटिकन' - एक रोम में, दूसरा फ्रांस के Avignon में, और एक तीसरा Pisa में। इस संकट की शुरुआत कैसे हुई? (Causes of Great Western Schism) इसके बीज उस समय पड़े जब Pope Gregory XI की मृत्यु के बाद नए पोप का चुनाव हुआ। लेकिन ये चुनाव सामान्य नहीं था,...

Postal service : पेंगुइन के देश से, समुद्र के पार - आती हैं कैसी-कैसी डाक

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https://uplive24.com/history-of-postal-service-in-india-and-the-longest-distance-postal-journey/ कल्पना कीजिए, साल 1850 है। कोई ब्रिटिश व्यापारी लंदन की किसी तंग गली में बैठा, कलम और स्याही से एक चिट्ठी लिख रहा है। वह चिट्ठी लंदन के बंदरगाह से रवाना होती है, जहाज पर चढ़ती है, समुद्र पार करती है, मिस्र पहुंचती है, फिर ऊंटों की पीठ पर सवार होती है, सिनाई रेगिस्तान से गुजरती है, लाल सागर पार करती है, फिर किसी और जहाज पर लदी जाती है, और आखिरकार हफ्तों बाद, वह बंबई (अब मुंबई) में किसी बंगले में दस्तक देती है।  यह किसी उपन्यास की कल्पना नहीं, बल्कि ब्रिटिश इंडिया में Overland Mail Route की हकीकत थी। ब्रिटेन और भारत के बीच यह सेवा उस दौर की सबसे लंबी और विश्वसनीय डाक सेवा थी। यह सिर्फ चिट्ठी नहीं थी, बल्कि एक रिश्ते की डोर थी, जो साम्राज्य के दो सिरों को जोड़ती थी। यह डाक सेवा ब्रिटेन से भारत तक चलती थी। इसकी शुरुआत 19वीं सदी के मध्य में हुई, जब ब्रिटिश साम्राज्य के लिए अपनी दूरदराज की कॉलोनियों से संवाद बनाए रखना जरूरी हो गया। पारंपरिक समुद्री मार्गों में समय बहुत लगता था। ऐसे में जमीन औ...

Palestinian Christians : किस हाल में हैं दुनिया के सबसे पहले ईसाई?

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https://uplive24.com/why-does-israel-oppress-palestinian-christians/ इजराइल-हमास की जंग (Israel-Hamas war) में गाजा के लोग पिस रहे हैं। इनके बीच एक कौम और है, जिसका इस जंग से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन वह भी अपना सबकुछ खो दे रही है। कौन सुनेगा Palestinian Christians की आवाज? यरूशलम (Jerusalem) की घड़ी जब ईस्टर (Easter) की सुबह का एलान करती है, तो आसमान में चर्च की घंटियों की आवाज फैल जाती है। इस आवाज में सिर्फ़ एक धर्म का भाव नहीं होता, बल्कि पूरी मानवता की गूंज होती है। यह वही शहर है जहां यीशु (Jesus) ने जन्म नहीं लिया, लेकिन अपना जीवन बलिदान कर दिया, और यहीं से उनके संदेश ने पूरी दुनिया को रोशन किया। लेकिन आज, इसी रोशनी की जमीन पर एक अंधेरा उतर आया है - और वह अंधेरा है फिलिस्तीनी ईसाइयों (Palestinian Christians) के लिए। जहां से ईसाई धर्म ने सांस ली बहुत लोग यह नहीं जानते कि दुनिया के सबसे पहले ईसाई, यरूशलम और उसके आस-पास के लोग ही थे - वही जो आज 'फिलिस्तीनी ईसाई' (Palestinian Christians) कहलाते हैं। ये वे लोग थे, जिन्होंने पहली बार यीशु को अपने बीच देखा, उनके चमत्कारों के साक्...

Pakistan : चीन का दिल आया पाकिस्तान के गधों पर

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https://uplive24.com/china-and-pakistan-will-do-donkey-trade/ कभी आपने सोचा है कि अगर कोई मुल्क इतना मजबूर हो जाए कि उसका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट आइटम गधा बन जाए, तो उसके हालात क्या होंगे? हम बात कर रहे हैं पाकिस्तान (Pakistan) की, और चीन की भी, जिसने हाल ही में पाकिस्तान में 'डंकी डिप्लोमेसी' का नया अध्याय शुरू किया है। इस बार मसला न सी-पैक (CPEC) का है, न ग्वादर पोर्ट की सुरक्षा का। चीन अब पाकिस्तान में residential donkey farms यानी गधा फार्म बनाने की तैयारी में है। और वजह जानकर आप अपना सिर पीट लेंगे - चीन को पाकिस्तान (Pakistan) के गधे बहुत पसंद आ गए हैं। डंकी फॉर डेवेलपमेंट! बीते दिनों पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद में जब चीन के Donkey Industry के उपाध्यक्ष झाओ फेई और पाकिस्तान के कृषि मंत्री राणा तनवीर हुसैन के बीच मुलाकात हुई, तो बात धान, गेहूं या टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि गधों पर हुई। चीन ने पाकिस्तान की जलवायु और गधे-प्रजातियों को 'डंकी-फ्रेंडली' बताया और प्रस्ताव रखा कि क्यों न यहां गधों की 'इंडस्ट्रियल ब्रीडिंग' की जाए? मंत्री साहब गदगद हो गए।...

Airparks : यहां जाम में कार नहीं, प्लेन फंसते हैं

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https://uplive24.com/in-this-american-residential-airparks-town-everyone-has-a-plane/   सड़कों पर कार और प्लेन एक साथ... सुनने में किसी फंतासी फिल्म जैसा भले लग रहा हो, लेकिन यह हकीकत है Residential Airparks की।  जरा एक पल के लिए आंखें बंद कीजिए। अब सोचिए कि आप किसी सुबह अपने घर से बाहर निकले हैं - चाय का प्याला हाथ में है, सूरज की किरणें आपके आंगन में उतर रही हैं… और सामने सड़क पर आपकी पड़ोसी अम्मा स्कूटर नहीं, एक चमचमाता छोटा हवाई जहाज टैक्सी कर रही हैं। हैरानी हुई? पर यह कोई ख्वाब नहीं, अमेरिका की कई बस्तियों की हकीकत है। ऐसी बस्तियां जिन्हें कहते हैं — Residential Airparks या Fly-in Communities. Residential Airparks यानी जब घर और हवाई पट्टी एक साथ हों इन बस्तियों में घरों के बाहर गैरेज नहीं, हैंगर होते हैं। चौड़ी-चौड़ी सड़कों पर कारें नहीं, छोटे निजी प्लेन दौड़ते हैं। यहां आसमान से उतरकर आप सीधा अपने ड्राइववे तक पहुंच सकते हैं। Residential Airparks असल में ऐसे मोहल्ले हैं, जो एयरस्ट्रिप्स के चारों ओर बसे होते हैं। यहां के निवासी शौकिया या पेशेवर पायलट होते हैं और प्लेन रखन...

Alien : क्या किसी और दुनिया में जिंदगी सांस ले रही है?

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https://uplive24.com/scientists-found-strongest-evidence-of-alien-life/ क्या एलियन (Alien) होते हैं? इस सवाल का जवाब इंसान लंबे वक्त से तलाश रहा है। अब उसे कुछ संकेत मिले हैं। 124 प्रकाश वर्ष दूर एक अनजानी-सी दुनिया है - K2-18 b। यह ग्रह, जो सिंह (Leo) तारामंडल में स्थित है, अचानक वैज्ञानिक दुनिया की धड़कनों को तेज़ कर गया है। और वजह है जीवन के संकेत (Alien Life Evidence)। नहीं, कोई हरा-भरा एलियन (Alien) हाथ हिलाते हुए तस्वीर में नहीं आया है, लेकिन James Webb Space Telescope ने वहां कुछ ऐसा देखा है, जिसे धरती पर अब तक सिर्फ जिंदा जीव ही बनाते हैं। एक वैज्ञानिक खोज नहीं, शायद एक ऐतिहासिक मोड़ ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के खगोलशास्त्री प्रो. निक्कु मधुसूदन और उनकी टीम ने दावा किया है कि K2-18 b की वायुमंडलीय जांच में दो अहम रसायन मिले हैं - Dimethyl Sulfide (DMS) और Dimethyl Disulfide (DMDS)। ये दोनों ऐसे तत्व हैं जो पृथ्वी पर आज तक सिर्फ समुद्री सूक्ष्म जीवों, खासकर फाइटोप्लैंकटन, द्वारा ही बनाए जाते हैं। यानी, अगर यह खोज सही है, तो यह ब्रह्मांड में जीवन की मौजूदगी का अब तक का स...

56 Bhog : भगवान को 56 भोग क्यों लगते हैं? जानिए इसकी पौराणिक कथा

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https://uplive24.com/why-56-bhog-are-offered-to-lord-krishna/ प्रभु को 56 भोग ही क्यों अर्पित किए जाते हैं? जानिए मां यशोदा, गोवर्धन पूजा और राधा-कृष्ण से जुड़ी रोचक कथाएं और छप्पन भोग का रहस्य। कभी सोचा है कि मंदिरों में या त्योहारों के दिन भगवान को 56 प्रकार के व्यंजन क्यों अर्पित किए जाते हैं? क्यों एक-दो नहीं, पूरे छप्पन भोग (56 Bhog) ही बनाए जाते हैं? क्या भगवान केवल इन्हीं व्यंजनों से प्रसन्न होते हैं? क्या इसमें कोई रहस्य छिपा है? इन सवालों के जवाब हमें सीधे भारतीय संस्कृति की उस मिट्टी में मिलते हैं, जिसमें कथा, भक्ति और भावनाओं की जड़ें बहुत गहरी हैं। कथा जहां से छप्पन भोग (56 Bhog) की परंपरा शुरू हुई इस कथा की शुरुआत होती है द्वापर युग के उस मधुर प्रसंग से, जब नन्हे कृष्ण, मां यशोदा की गोदी के लाल थे। बाल्यकाल में श्रीकृष्ण दिनभर आठ बार भोजन करते थे। हर प्रहर में कुछ न कुछ मां के हाथों से पाते थे। यानि चौबीस घंटे में आठ पहर और हर पहर एक भोग। अब दृश्य बदलता है - एक दिन ब्रज में देवराज इंद्र की पूजा का आयोजन हो रहा था। कान्हा ने पूछा, 'इंद्र को खुश करने के लिए पूजा क्यों? ज...

Long Life Secret : वह दादी तो चलती-फिरती ब्लू जोन निकलीं

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https://uplive24.com/the-secret-to-living-a-long-healthy-and-happy-life/ गांव के कोने पर पीपल के नीचे बैठी थीं दादी अम्मा, उम्र 101 साल, लेकिन चेहरे पर झुर्रियों से ज्यादा मुस्कान थी। हर दिन की तरह बच्चे उनके पास आकर कहानी सुनने की जिद कर रहे थे। लेकिन आज कहानी दादी की अपनी थी। 'बच्चों', उन्होंने कहा, 'लोग मुझसे अकसर पूछते हैं, इतनी लंबी उम्र का राज (Long Life Secret) क्या है? तो सुनो, एक छोटा सा फंडा है — हर दिन को दिल से जीओ, सिर से नहीं!' सब बच्चे चुपचाप सुनने लगे। तभी गांव में बाहर से एक मेहमान आया - एक डॉक्टर जो ब्लू जोन पर रिसर्च कर रहा था। उसने दादी से पूछा, 'क्या आपने कभी ब्लू जोन के बारे में सुना है?' दादी हंसते हुए बोलीं, 'न नाम सुना, न जोन देखा, लेकिन शायद वही जिया है।' डॉक्टर चौंक गया। उसने समझाया कि दुनिया में कुछ खास जगहें हैं - जापान का ओकिनावा, इटली का सार्डिनिया - जहां लोग 90 से 100 साल तक जीते हैं (Long Life Secret) और वो भी एकदम स्वस्थ! उन्होंने दादी से पूछा, 'आपके जीवन में ऐसी क्या चीजें रहीं जो आपको इतना स्वस्थ और खुश रख पाईं?...

Constitution : पाकिस्तान का संविधान बनाने वाला बाद में कैसे पछताया

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https://uplive24.com/ https://uplive24.com/china-and-pakistan-will-do-donkey-trade/ भारत की देखादेखी पाकिस्तान ने अपना संविधान (Constitution) बनाने का प्रयास किया। इसके लिए उसने एक बड़े अंग्रेज नाम को चुना। हालांकि पाकिस्तान का संविधान और उसे बनाने वाले, दोनों ही फ्लॉप हुए। अंबेडकर जयंती पर विशेष।  जब भारत का संविधान (Indian Constitution) बना रहा था, उस समय आइवर जेनिंग्स (Ivor Jennings) का नाम चर्चा में था। जवाहरलाल नेहरू चाहते थे कि वही संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष बनें। लेकिन महात्मा गांधी की राय से डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. B. R. Ambedkar) को यह जिम्मेदारी मिली।  आइवर जेनिंग्स एक ब्रिटिश संविधान विशेषज्ञ (constitutional expert) थे। उनका जन्म 1903 में हुआ था और वह यूनाइटेड किंगडम के जाने-माने शिक्षाविद् और कानूनविद् थे। वह ब्रिटिश संविधान और कामन लॉ पर गहरी पकड़ रखते थे। भारत में तो उनको मौका नहीं मिला, लेकिन पाकिस्तान ने उन्हें जरूर बुलाया। पाकिस्तान का संविधान और जेनिंग्स (Constitution of Pakistan) 1947 में पाकिस्तान नया-नया आजाद हुआ था और उसे भी अपना संविधान बनाना था...

Dr. B.R. Ambedkar : अंबेडकर की जगह लेना चाहता था एक अंग्रेज

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https://uplive24.com/nehru-did-not-want-dr-b-r-ambedkar-to-lead-constitution-drafting-committee/ डॉक्टर भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) ने भारतीय संविधान को आकार देने में खूब मेहनत की, लेकिन यह जिम्मेदारी उन्हें मिली कैसे - इसकी भी एक कहानी है। अंबेडकर जयंती (Ambedkar Jayanti) पर विशेष।  डॉक्टर भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) का नाम सुनते ही दिमाग में कोंधता है संविधान। वह शख्स जिसने सामाजिक न्याय की नींव रखी और समानता पर बात की।  संविधान, केवल कानूनों की एक किताब भर नहीं है। यह भारत की आत्मा है, इसकी विविधता में एकता का अद्भुत प्रमाण है। लेकिन इस आत्मा को स्वरूप देने की प्रक्रिया किसी सीधी रेखा जैसी नहीं थी। इसके पीछे था एक संघर्ष -  अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) बनाम जेनिंग्स।  आप सवाल पूछ सकते हैं कि ये जेनिंग्स कौन हैं, कहां से बीच में आ गए और हमारे अंबेडकर से इनकी क्या तुलना? तो आइवर जेनिंग्स (Ivor Jennings) वह हैं, जो संविधान (Indian Constitution) की ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष बन सकते थे। अगर जवाहरलाल नेहरू की चलती, तो भारतीय संविधान बनाने का जिम्मा उन्हीं...

Mughal History : मुगल राजकुमारी जो अगवा होने के बाद दासी बनी और फिर संत

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https://uplive24.com/ https://uplive24.com/princess-from-mughal-history-who-kidnapped-and-became-maid-and-saint/ मुगल इतिहास (Mughal History) से जुड़े एक पन्ने पर मीरा का भी नाम है। यह मीरा भी संत थी और जिसने भारत-मैक्सिको को जोड़ने का काम किया। कल्पना कीजिए - किसी भारतीय राजकुमारी को 9 साल की उम्र में अगवा कर लिया जाए, गुलाम बनाकर हजारों मील दूर एक अनजाने देश में बेच दिया जाए, लेकिन वही लड़की एक दिन उस देश की सबसे पूजनीय 'संत' बन जाए, और जिस घर में उसने आखिरी सांस ली, वो आज एक लग्जरी होटल बन जाए! जी हां, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि इतिहास की उन भूली-बिसरी परतों में दर्ज एक हकीकत है, जो भारत और मैक्सिको (Mexico) को एक भावनात्मक रेखा से जोड़ती है। और इस कड़ी का नाम है मीरा (Mira), जिसे मैक्सिको में कैटरिना डे सैन युआन (Catarina de San Juan) या चाइना पोब्लाना (China Poblana) के नाम से जाना जाता है। इसका एक सिरा मुगल इतिहास (Mughal History) से भी जुड़ता है। एक होटल, जिसमें बसी है इतिहास की आत्मा मैक्सिको के प्यूबला (Puebla) शहर में एक आलीशान होटल है - कसोना दे ला चाइना पोब्लान...