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Showing posts from July, 2025

Ring of Fire : आग का गोला क्यों कही जाती है धरती की यह जगह

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  https://uplive24.com/what-is-ring-of-fire-why-do-earthquakes-tsunamis-occur/ भूकंप और सुनामी क्यों आते हैं? रिंग ऑफ फायर क्या है (Ring of Fire) और इससे जुड़े देशों पर कितना बड़ा खतरा मंडरा रहा है? धरती का यह रहस्य खुलेगा uplive24.com पर।  धरती के भीतर लगातार कुछ न कुछ हलचल होती रहती है, जिसे आमतौर पर हम महसूस नहीं कर पाते। लेकिन जब यह आंतरिक गतिविधि अचानक सतह तक पहुंचती है, तो वह भूकंप या सुनामी जैसे भयंकर रूप में हमारे सामने आती है। भूकंप और सुनामी, दोनों ही प्राकृतिक आपदाएं हैं, जिनका सीधा संबंध धरती की भूगर्भीय संरचना और टेक्टोनिक प्लेट्स की हरकत से होता है। धरती की ऊपरी परत कई विशाल प्लेटों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये प्लेटें बहुत धीमी गति से सरकती रहती हैं, लेकिन जब ये एक-दूसरे से टकराती हैं, या खिसकने में रुकावट आती है, तो धरती के भीतर तनाव जमा होने लगता है। जैसे ही यह तनाव अचानक टूटता है, धरती हिलने लगती है और यह कम्पन जब सतह तक पहुंचता है तो उसे हम भूकंप कहते हैं।  यही प्रक्रिया अगर समुद्र के अंदर होती है, तो उसका असर पानी की सतह ...

Earthquake : भारत के प्राचीन मंदिरों को क्यों नहीं हिला पाया भूकंप

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  https://uplive24.com/how-ancient-temples-of-india-survive-the-earthquake/ uplive24.com पर जानिए कि कैसे भारत के प्राचीन मंदिर प्राकृतिक आपदाओं को झेलते हुए आज भी खड़े हैं, कौन-सी तकनीक इस्तेमाल होती थी इनमें? जब सत्रहवीं सदी में दक्षिण भारत में एक भीषण भूकंप (Earthquake) आया, तो कई किले और मंदिर जमींदोज़ हो गए। लेकिन उसी दौरान एक मंदिर ऐसा भी था, जो बिना किसी खरोंच के खड़ा रहा। इसे भगवान का चमत्कार समझा गया। लेकिन जब वैज्ञानिकों ने इसकी पड़ताल की, तो सामने आई प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग की एक अद्भुत मिसाल। यह है रामप्पा मंदिर (Ramappa Temple)। तेलंगाना में स्थित यह मंदिर आज न सिर्फ एक धार्मिक स्थल है, बल्कि भूकंपरोधी निर्माण तकनीक (Earthquake resistant architecture) का एक बेहतरीन उदाहरण भी है। 800 साल पुराने इस मंदिर को बनाने में जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया, वह थी सैंडबॉक्स टेक्नोलॉजी (Sandbox Technology)। इस पद्धति में मंदिर की नींव के नीचे रेत भरी जाती है ताकि भूकंप (Earthquake) के झटकों की ऊर्जा वहीं सोख ली जाए और संरचना को कोई नुकसान न हो। यह मंदिर काकतीय राजवंश (Kakatiya D...

Jyoteshwar Mahadev : यहां भगवान को घेरे हुए हैं 5 नंदी, इसके पीछे है खास वजह

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  https://uplive24.com/five-nandi-in-jyoteshwar-mahadev-temple-of-uttarakhand/ आदि गुरु शंकराचार्य ने जिस पेड़ के नीचे बैठकर ज्योति प्राप्त की, उसी के पास है ज्योतेश्वर महादेव मंदिर (Jyoteshwar Mahadev)। इसके महात्म्य और परंपरा के बारे में जानिए uplive24.com पर। डॉ. बृजेश सती  शिव मंदिरों (Shiv Mandir) में शिवलिंग के ठीक सामने उनके गण नंदी की मूर्ति स्थापित की जाती है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से दो - ओंकारेश्वर महादेव और काशी विश्वनाथ (Kashi Vishwanath) अपवाद हैं। यहां नंदी शिवलिंग के ठीक सामने न होकर बगल में स्थापित किए गए हैं। अब बात करते हैं देश के ऐसे शिवालय (Shiv Mandir) की, जहां एक-दो नहीं] बल्कि पांच नंदी विराजमान हैं। ऐसा यह देश का एकमात्र शिव मंदिर है। यह शिवालय उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ विकासखंड का ज्योतेश्वर महादेव (Jyoteshwar Mahadev) है।  ज्योतेश्वर महादेव (Jyoteshwar Mahadev) मंदिर की स्थापना 5वीं सदी में भागवदपाद आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा की गई थी। ज्योतिर्मठ वह स्थान है , जहां दिग्विजय यात्रा के बाद आदि गुरु शंकराचार्य का आगमन हुआ। यहीं पर उन्होंने कल्...

Lake Nyos : जब झील से निकले बादलों ने 1,700 को मौत की नींद सुला दिया

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  https://uplive24.com/the-mysterious-cloud-of-lake-nyos-that-killed-1700-people/ कैमरून की Lake Nyos में 1986 में हुआ खौफनाक हादसा, जब झील से निकले CO₂ गैस के बादल ने 1,700 लोगों की जान ले ली। uplive24.com पर जानिए कैसे हुआ यह हादसा और ऐसी अन्य घटनाएं कौन-सी हैं। Lake Nyos (लेक न्योस)  अफ्रीकी देश कैमरून की एक शांत झील, जो अचानक 1986 में दुनिया की सबसे रहस्यमयी और खौफनाक प्राकृतिक आपदाओं में से एक का केंद्र बन गई। एक ऐसा हादसा, जिसमें कोई भूकंप नहीं आया, कोई ज्वालामुखी नहीं फटा, कोई सुनामी नहीं आई - फिर भी एक रात में 1,700 से अधिक लोग और 3,500 से ज्यादा पशु मारे गए। क्या हुआ था उस रात? कैसे एक शांत झील इंसानों और जानवरों के लिए कब्रगाह बन गई? और क्या ऐसे हादसे और भी हुए हैं?  क्या है Lake Nyos? Lake Nyos मध्य अफ्रीका के कैमरून देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित एक ज्वालामुखीय झील है। यह झील एक क्रेटर लेक (Crater Lake) है, यानी यह एक सुप्त ज्वालामुखी के गड्ढे में बनी है।  इसकी गहराई 200 मीटर से अधिक है और यह देखने में सामान्य झीलों जैसी ही शांत प्रतीत होती है। लेक...

Mansa Devi Temple : क्यों मां मनसा को देख क्रोधित हो गई थीं देवी पार्वती

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  https://uplive24.com/why-devi-parvati-become-angry-after-seeing-mother-mansa/ हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर (Mansa Devi Temple) में दुखद हादसा हुआ है। यह स्थान सदियों से आस्था का केंद्र है। uplive24.com पर जानिए मां मनसा के जन्म की कथा, उनसे जुड़ी धार्मिक मान्यताएं और मंदिर का इतिहास। हरिद्वार की पवित्र भूमि पर स्थित मनसा देवी मंदिर (Mansa Devi Temple, Haridwar) न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि श्रद्धा, पौराणिक मान्यताओं और भक्तिभाव की एक जीवंत मिसाल भी है। शिवालिक पहाड़ियों की बिलवा पर्वत चोटी पर स्थित यह मंदिर देवी मनसा को समर्पित है, जिन्हें सर्पों की देवी (Serpent Goddess Mansa) कहा जाता है। सावन और नवरात्र जैसे पर्वों पर यह मंदिर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहता है, जहां लोग अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए देवी के दर्शन करने आते हैं। इस मंदिर (Mansa Devi Temple) का निर्माण 1811 से 1815 के बीच मनी माजरा के राजा गोपाल सिंह ने करवाया था। वह मां मनसा के परम भक्त थे। कहा जाता है कि वह पहले एक गुफा के रास्ते देवी के दर्शन करने आते थे और एक मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने यह...

Asia Cup : क्या BCCI की याददाश्त इतनी कमजोर है, जो उसे पहलगाम याद नहीं रहा?

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  https://uplive24.com/why-bcci-agree-for-asia-cup/ Asia Cup होगा। अब तो शेड्यूल भी आ गया। उसी मोहसिन नकवी ने इसका ऐलान किया, जो पाकिस्तानी संसद में खड़े होकर पहलगाम हमले पर झूठ बोल रहा था। ऐसी क्या मजबूरी है BCCI की? uplive24.com का मानना है कि खेल को राजनीति से अलग रखने वाली नीति पाकिस्तान जैसे आतंकी देशों के लिए नहीं है। Sea Squirt का नाम आपने कभी डिस्कवरी चैनल के किसी शो में या कहीं सुना हो सकता है। माना जाता है कि इसकी याददाश्त सबसे कम होती है - कह सकते हैं कि होती ही नहीं।  यह समुद्री जीव अपने जीवन की शुरुआत में छोटा-सा लार्वा होता है। तैरता रहता है पानी में। इस दौरान इसमें एक सरल नर्वस सिस्टम होता है, जिसे दिमाग का प्रारंभिक रूप कह सकते हैं।  तैरते-तैरते फिर यह लार्वा किसी चट्टान पर चिपक जाता है और बाकी जीवन उसी तरह से गुजार देता है। हैरत की बात यह है कि बड़ा होने के दौरान यह अपना खुद का दिमाग खा जाता है। इस तरह ज्यादातर जीवन यह बिना दिमाग के गुजारता है। न दिमाग और न याददाश्त। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को देखकर Sea Squirt की याद आती है - कम से कम याददाश्त...

'Tomorrow Island' और 'Yesterday Island', जहां पैदल चल कर सकते हैं टाइम ट्रैवल

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  https://uplive24.com/usa-russia-tomorrow-yesterday-islands-explained/ यह कहानी है रूस और अमेरिका के बीच मौजूद टुमारो आइलैंड और यस्टरडे आइलैंड की, जहां सिर्फ 4 किमी की दूरी पर दो अलग-अलग तारीखें होती हैं। uplive24.com पर इतिहास, राजनीति और समय के इस अनोखे खेल को विस्तार से समझें। जरा सोचिए, एक ऐसा द्वीप जहां आप एक ही समय में दो तारीखें देख सकते हैं। जहां एक छोर पर 'आज' होता है और दूसरे पर 'कल'। यह कोई साइंस फिक्शन नहीं, बल्कि सच्चाई है। यह चमत्कारिक और अजीब सी लगने वाली बात हकीकत बनती है Bering Strait के बीच मौजूद दो छोटे से द्वीपों पर, जिन्हें दुनिया जानती है 'Tomorrow Island' और 'Yesterday Island' के नाम से। ये द्वीप हैं Big Diomede और Little Diomede, जो रूस और अमेरिका के बीच में स्थित हैं। दोनों द्वीपों के बीच की दूरी महज 3.8 किलोमीटर है, लेकिन समय के मामले में यह दूरी 21 घंटे की है। Big Diomede (Tomorrow Island) रूस का हिस्सा है, और यहां 'कल' की तारीख होती है। वहीं, Little Diomede (Yesterday Island) अमेरिका का हिस्सा है, और यहां 'आज'...

Electric Scooter : कम है बजट? देखिए टॉप 10 ई-स्कूटर

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  https://uplive24.com/best-electric-scooters-under-1-lakh-india/ Electric Scooter in India : जानिए 1 लाख रुपये के अंदर मिलने वाले टॉप इलेक्ट्रिक स्कूटर के बारे में, जो हैं सस्ते, स्मार्ट और स्टाइलिश। uplive24.com पर मिलेगी रेंज, फीचर्स और फायदे-नुकसान की पूरी जानकारी। 2025 में अगर आप नया स्कूटर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब पेट्रोल स्कूटर नहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) पर नजर डालना बेहतर होगा। पेट्रोल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, सरकार ईवी पर सब्सिडी दे रही है और लोग अब पर्यावरण के प्रति ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।  ऐसे माहौल में इलेक्ट्रिक स्कूटर (Electric Scooter) की डिमांड काफी बढ़ गई है और कंपनियां भी एक से बढ़कर एक मॉडल लॉन्च कर रही हैं। स्मार्ट फीचर्स, लंबी रेंज, फास्ट चार्जिंग और शानदार डिजाइन -सब कुछ अब बजट में मिल रहा है। इस लेख में हम आपको बताएंगे भारत में मिलने वाले टॉप इलेक्ट्रिक स्कूटर्स (Top Electric Scooters in India) के बारे में जो 1 लाख रुपये के अंदर आते हैं। ये स्कूटर शहर की भीड़भाड़ में भी आसानी से चलाए जा सकते हैं और आपकी जेब पर भी हल्के हैं। टॉप...

Pakistan Tradition : पाकिस्तान में दो लोगों को सरेआम मार दी गोलियां, क्या है यह खूनी परंपरा

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https://uplive24.com/syahkari-and-karo-kari-tradition-of-pakistan/ स्याहकारी और कारोकारी पाकिस्तान की उन अमानवीय परंपराओं (Pakistan Tradition) में से हैं, जिनमें इज्जत के नाम पर महिलाओं और पुरुषों की हत्या कर दी जाती है। uplive24.com पर जानिए इस ऑनर किलिंग की कड़वी सच्चाई और इसके पीछे की सोच। पाकिस्तान (Pakistan) के ब्लूचिस्तान का एक वीडियो वायरल है। इसमें तीन गाड़ियों से कुछ लोग उतरते हैं। हाथों में हथियार और साथ में दो बंदी। कुछ देर बाद उन दोनों बंदियों - महिला और पुरुष को गोली मार दी जाती है।  बताया जा रहा है कि इन दोनों को स्याहकारी या कारोकारी परंपरा के तहत मारा गया। यह घटना बकरीद से पहले की है और इसका वीडियो अब वायरल हुआ है। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।  पहले जानते हैं कि क्या है स्याहकारी या कारोकारी पाकिस्तान के सिंध और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में एक खतरनाक परंपरा (Pakistan Tradition) कई वर्षों से चली आ रही है, जिसका नाम है स्याहकारी या कारोकारी। यह शब्द सुनने में तो अजनबी लग सकते हैं, लेकिन इसके पीछे की हकीकत बेहद दर्दनाक और डरावनी है।  स्याहकारी या कारो...

Atlantropa : क्या थी यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने के लिए सागर सुखाने की योजना?

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https://uplive24.com/atlantropa-plan-to-dry-up-mediterranean-sea/   कल्पना कीजिए कि भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) को एक विशाल बांध से रोका जाए और यूरोप तथा अफ्रीका को एक ही महाद्वीप के रूप में जोड़ दिया जाए। यह कोई विज्ञान-कथा नहीं, बल्कि 20वीं सदी की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना थी Atlantropa Project। यह विचार जितना बड़ा था, उतना ही विवादास्पद और जटिल भी। Atlantropa Project था क्या? Atlantropa का मूल विचार था कि जिब्राल्टर जलडमरूमध्य (Strait of Gibraltar) पर एक विशाल हाइड्रोपावर बांध बनाया जाए। इसके जरिए भूमध्य सागर के जलस्तर को धीरे-धीरे 200 मीटर तक कम किया जाता। इससे नई जमीनें सामने आतीं, जो खेती और बस्तियों के लिए इस्तेमाल हो सकती थीं। यूरोप और अफ्रीका के बीच जमीनी पुल बनता जिससे दोनों महाद्वीप एक हो जाते। इसके अलावा, Atlantropa के तहत कांगो नदी को मोड़कर सहारा के रेगिस्तान में ले जाने की योजना थी, जिससे वहां हरियाली लाई जा सके। अफ्रीका में विशाल जलविद्युत (Hydropower) स्टेशन बनाए जाने थे। एक अकल्पनीय सोच Atlantropa Project बीसवीं सदी की सबसे विचित्र लेकिन महत्वाकांक्षी योजनाओ...

Gita Gopinath : कौन हैं दुनिया को अर्थशास्त्र सिखाने वाली भारत की गीता?

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  https://uplive24.com/gita-gopinath-biography-imf-to-harvard-journey/ गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) ने लेडी श्रीराम कॉलेज और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शुरू कर IMF तक का सफर तय किया। अब वे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लौट रही हैं। uplive24.com पर जानिए उनके प्रेरणादायक जीवन की पूरी कहानी। एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मी लड़की, जिसने मैसूर के स्कूल से पढ़ाई शुरू की और फिर दिल्ली की यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र को समझा - आज वह नाम दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक मंचों पर गूंजता है। नाम है गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath)।  अगस्त 2025 में गीता (Gita Gopinath) अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की पहली डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से विदा लेकर फिर से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की क्लासरूम में लौटेंगी। लेकिन यह वापसी सिर्फ शैक्षणिक नहीं है - यह एक दौर पूरा होने जैसा है। सफर जो भारत की जमीन से शुरू होकर वैश्विक अर्थनीति के शिखर तक पहुंचा और अब अपनी जड़ों की ओर लौट रहा है। Gita Gopinath की कहानी उन तमाम भारतीय छात्रों के लिए मिसाल है जो दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) की लाइब्रेरी में बैठकर अर्थव्यवस्था के सिद्धा...

Immigration crisis : अमेरिका में प्रवासियों के साथ जानवरों जैसा सलूक, रिपोर्ट में खुलासा

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  https://uplive24.com/report-on-immigration-crisis-in-america-due-to-trump-policy/ फ्लोरिडा की तीन इमिग्रेशन जेलों में प्रवासियों के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार का खुलासा हुआ है। खाने से लेकर इलाज तक, हर जगह लापरवाही और अपमानजनक हालात की रिपोर्ट सामने आई है। uplive24.com पर पढ़िए पूरी रिपोर्ट। 'हमें खाना घुटनों के बल बैठकर खाना पड़ा, हाथ पीछे बंधे हुए थे। हम जानवरों की तरह खा रहे थे।' आपने फिल्मों में जेल के कई सीन देखे होंगे, जहां किसी कैदी को इस तरह की परिस्थिति में रहना पड़ता होगा। कई फिल्मों में तो जेलर और जेल कर्मियों को बिल्कुल किसी जल्लाद की तरह दिखाया गया है। सोचिए कि अगर ऐसा सही में हो और वह भी अमेरिका में! और यह भी कि जो बयान अभी आपने पढ़ा, वह फिल्मी नहीं बल्कि हकीकत हो! यह बयान अमेरिका के मियामी डिटेंशन सेंटर में कैद एक प्रवासी पेड्रो का है। Human Rights Watch, Americans for Immigrant Justice और Sanctuary of the South जैसी संस्थाओं ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें फ्लोरिडा की तीन प्रमुख इमिग्रेशन जेलों (Immigration Detention Centers) में प्रवासियों के साथ हो...

Nuclear weapons : कोई शराबी बना, कोई डिमेंशिया का शिकार, ऐसों के पास भी रही न्यूक्लियर ताकत

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  https://uplive24.com/nuclear-weapons-leaders-health-risks-global-security/ कल्पना कीजिए कि दुनिया की सबसे शक्तिशाली न्यूक्लियर मिसाइलों (Nuclear weapons) की चाबी एक ऐसे नेता के पास हो, जो गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो या जो मानसिक रूप से स्थिर न हो। क्या तब भी आप दुनिया को सुरक्षित मान सकते हैं? uplive24.com पर पढ़िए यह रिपोर्ट : दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के नेताओं के हाथों में जब परमाणु बटन (Nuclear weapons) होता है, तो उनसे उम्मीद की जाती है कि वे हर स्थिति में स्थिर दिमाग और बेहतर निर्णय क्षमता के साथ काम लें। लेकिन एक चौंकाने वाले शोध में सामने आया है कि कई बार ये नेता अपनी मानसिक या शारीरिक बीमारियों के चलते खुद ही वैश्विक संकट का कारण बन सकते हैं।  न्यूजीलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ ओटागो के प्रोफेसर निक विल्सन और उनकी टीम ने नौ परमाणु हथियार (Nuclear weapons) संपन्न देशों के 51 दिवंगत नेताओं के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, और पाया कि उनमें से कई अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इस अध्ययन में यह साफ हुआ कि कुछ नेताओं की बीमारियां इतनी गंभीर थीं कि ...

Roman इतिहास की वह रहस्यमयी चीज, जो 300 बरसों में नहीं पहचानी जा सकी

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  https://uplive24.com/mysterious-thing-of-roman-history-which-is-still-unsolved/ रोमन डोडेकाहेड्रॉन (Roman Dodecahedron), एक 12-पक्षीय रहस्यमयी कांस्य वस्तु, जिसकी खोज 1739 में हुई थी, आज भी पुरातत्वविदों को हैरान करती है। uplive24.com पर जानिए इसकी अनसुलझी कहानी, संभावित उपयोग और गैलो-रोमन संस्कृति से इसका संबंध। मानव इतिहास रहस्यों से भरा पड़ा है, लेकिन कुछ रहस्य ऐसे हैं जो वैज्ञानिक शोध, पुरातात्त्विक खोज और कल्पनाओं के बावजूद आज भी अनसुलझे बने हुए हैं। ऐसा ही एक रहस्य है रोमन डोडेकाहेड्रॉन (Roman Dodecahedron) का। 1739 में इंग्लैंड के मिडलैंड्स क्षेत्र में जब पहली बार इस 12-पक्षीय कांसे की वस्तु की खोज हुई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह आने वाले तीन सौ वर्षों तक इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को उलझाए रखेगी। अब तक करीब 120 डोडेकाहेड्रॉन खोजे जा चुके हैं, और ये सभी रोमन साम्राज्य (Roman Empire) के उत्तर-पश्चिमी इलाकों से मिले हैं, जैसे बेल्जियम, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, हंगरी और ब्रिटेन। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इनमें से कोई भी इटली, यानी प्राचीन रोम की मुख्य ...

Samosa : भारत में कहां से आया समोसा और उसमें कैसे भरा आलू

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  https://uplive24.com/history-of-samosa-in-india/ समोसा (Samosa) भारत का नहीं, बल्कि फारस और मध्य एशिया से आया था। uplive24.com जानिए कैसे यह मांस से भरा शाही नाश्ता बन गया हर भारतीय की थाली का स्टार, और कैसे इसमें आलू ने ली कीमे की जगह। भारत के हर गली-नुक्कड़, चाय की दुकान और स्कूल-कॉलेज की कैंटीन में एक चीज कॉमन मिलती है, समोसा (Samosa)। सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। बाहर से कुरकुरा, अंदर से गर्म और मसालेदार। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये स्वादिष्ट तिकोना स्नैक (Samosa) वाकई में भारतीय है? या फिर, बाकी चीज़ों की तरह इसका भी कोई विदेशी रिश्ता है? समोसे (Samosa) की कहानी शुरू होती है मध्य एशिया और फारस से। फारसी में इसे संबूसा (Sambusa) कहा जाता था, जिसका अर्थ होता है 'बराबर कोणों वाला' या 'त्रिकोणीय आकार'। इतिहासकारों के मुताबिक, यह डिश 10वीं से 13वीं सदी के बीच सिल्क रूट के ज़रिए भारत पहुंची, जब फारसी व्यापारी, योद्धा और दरबारी भारत आए। प्रसिद्ध इतिहासकार और खाद्य विशेषज्ञ के.टी. आचाया (K.T. Achaya) के अनुसार, समोसा मूलतः फारसी और मध्य एशियाई व्यंजनों का हिस्...

Shubhanshu Shukla : कितना मुश्किल होता है स्पेस से जमीन पर उतरना

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  https://uplive24.com/shubhnshu-shukla-returned-from-space-how-difficult-is-the-journey-back-from-iss/ ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (Shubhanshu Shukla) अंतरिक्ष में अपना नाम दर्ज कर लौट आए हैं। उनकी सकुशल वापसी के लिए पूरा देश दुआ कर रहा था। uplive24.com पर जानिए कि कितना मुश्किल होता है स्पेस से वापसी का सफर। जब कोई अंतरिक्ष यात्री International Space Station (ISS) की ओर उड़ान भरता है, तो पूरा देश गर्व से भर उठता है। लेकिन यह खुशी उस जोखिम की सच्चाई को नहीं मिटा सकती जो धरती पर वापसी के दौरान हर अंतरिक्ष यात्री को झेलनी पड़ती है। अंतरिक्ष में जाना जितना रोमांचक है, वापस लौटना उतना ही खतरनाक। धरती की सतह पर लौटते समय, स्पेसक्राफ्ट को वायुमंडल में बेहद तेजी से घुसना होता है। इस दौरान अंतरिक्ष यान की बाहरी परत पर तापमान 1600°C से भी अधिक हो सकता है - इतना कि स्टील भी पिघल जाए। अगर किसी हिस्से की हीट शील्ड (heat shield) खराब हो जाए, या स्पेसक्राफ्ट का कोण थोड़ा भी गलत हो जाए, तो पूरा मिशन नष्ट हो सकता है। यही हुआ था कल्पना चावला (Kalpana Chawla) के साथ। 1 फरवरी, 2003 को जब कल्पना चावल...

Jeffrey Epstein : जेफरी मर गया, अब ट्रंप को क्यों डर लग रहा

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  https://uplive24.com/what-is-ontroversy-regarding-jeffrey-epstein-and-trump/ Jeffrey Epstein जब शोहरत की बुलंदियों पर था, तो कौन नहीं था जिसने उसकी पार्टियों का आनंद न उठाया हो। लेकिन आज वही नाम अमेरिका में सबसे बदनाम है। uplive24.com पर पढ़िए उस शख्स की कहानी, जिसने अमेरिकी पॉलिटिक्स और ट्रंप का पीछा मौत के बाद भी नहीं छोड़ा। जेफरी एपस्टीन... यह नाम फिर चर्चा में है। वजह है, जेफरी की पुरानी सहयोगी Ghislaine Maxwell की जेल से लिखी गई चिट्ठियां और Jeffrey Epstein के पुराने दस्तावेजों का सार्वजनिक होना, जिनमें कई नए व चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं।  हाल ही में एक अमेरिकी कोर्ट ने उन दस्तावेज़ों को डिक्रिप्ट किया है, जो Jeffrey Epstein के पुराने लॉगबुक्स, फ्लाइट रिकॉर्ड्स और प्राइवेट डायरी से जुड़े थे। इनमें नए बिजनेस लीडर्स, हॉलीवुड सेलेब्रिटीज और विदेशी नेताओं के नाम सामने आए हैं, जो पहले कभी जांच के दायरे में नहीं आए थे। इसके अलावा, एक चर्चित डॉक्युमेंट्री सीरीज 'The Epstein Files: Secrets of the Elite' ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर तहलका मचा दिया है। इस सीरीज में कुछ ऐसे सीसीटीवी ...

FATF : आतंकवाद पर अब और झूठ नहीं बोल पाएगा पाकिस्तान

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  https://uplive24.com/pakistan-fatf-terror-funding-report/ आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था FATF (Financial Action Task Force) की एक नई रिपोर्ट ने दुनिया को चौंका दिया है। इस रिपोर्ट में पहली बार साफ कहा गया है कि राज्य यानी सरकारें भी आतंकवाद (Terrorism) की फंडिंग कर रही हैं। सीधे शब्दों में कहें तो अब सिर्फ आतंकी संगठन ही नहीं, बल्कि कुछ सरकारें भी उन्हें पैसा, हथियार, ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी दे रही हैं। इस रिपोर्ट के बाद भारत की पुरानी बातों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिली है। पाकिस्तान (Pakistan) पर भारत लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि वह आतंकियों को पनाह देता है और उनकी मदद करता है। अब FATF की रिपोर्ट ने इस बात को सही ठहराया है, भले ही पाकिस्तान का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया हो। कैसे होती है आतंक की फंडिंग? रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी संगठन जैसे Lashkar-e-Taiba (LeT) और Jaish-e-Mohammed (JeM) पैसा जुटाने के लिए फर्जी एनजीओ का इस्तेमाल करते हैं। ये एनजीओ चैरिटी के नाम पर लोगों से पैसा लेते हैं और उसे आतंकी हमलों में खर्च कर देते हैं। ...

Obesity : अब समोसा और गुलाब जामुन करेंगे आपको खबरदार!

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  https://uplive24.com/oil-and-sugar-warning-boards-on-snacks-due-to-obesity/ अब जलेबी, समोसा और चाय-बिस्किट सिर्फ स्वाद की बात नहीं रह गई है। आने वाले समय में ये न सिर्फ आपकी जुबान, बल्कि आपकी सेहत पर भी सवाल खड़े करेंगे। मोटापे या ज्यादा वजन (Obesity and Overweight) और खानपान के कारण स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। भारत सरकार ने देश के तमाम केंद्रीय संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे अपने परिसरों में ऐसे बोर्ड लगाएं जो आम लोगों को यह बताएं कि उनके रोजाना खाए जाने वाले स्नैक्स में कितना छिपा हुआ तेल (Hidden Oil) और चीनी (Hidden Sugar) मौजूद है।  ये रंग-बिरंगे बोर्ड अब समोसे, लड्डू और पकौड़ों के ठीक बगल में लगे मिलेंगे, और आपसे कहेंगे - 'सजग होकर खाइए, आपका भविष्य खुद आपको धन्यवाद देगा।'  यह कोई प्रतिबंध नहीं है। यह एक 'नजाकत भरी टोक' है, जो सरकार अब खाने की थाली तक पहुंचा रही है। जिस तरह सिगरेट के पैकेट पर चेतावनी लिखी जाती है, उसी तरह अब चाय के साथ खाए जाने वाले बिस्किट पर या वड़ा पाव की दुकान पर एक बोर्ड लगेगा, जो यह बताएगा कि इसमे...

Uttarakhand : इस विष्णु मंदिर में होती हैं महिला पुजारी, पंचायत से चयन

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https://uplive24.com/fyaulanarayan-mandir-mahila-pujari-uttarakhand/   डॉ. बृजेश सती देश में सामाजिक परिवेश भले ही तेजी से बदल रहा हो, लेकिन आज भी अधिकांश क्षेत्रों में पुरुष वर्चस्व कायम है। आधी आबादी को अपने समान अधिकार पाने के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। हालांकि 21 राज्यों में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिल चुका है और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान भी अब नारी शक्ति वंदन विधेयक, 2023 के रूप में पारित हो चुका है, फिर भी समानता की राह आसान नहीं है। भारत में आज भी कई मंदिर ऐसे हैं, जहां महिलाओं के प्रवेश पर रोक है। लेकिन, उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली जिले की उर्गम घाटी में स्थित फ्यूलानारायण मंदिर इन सबसे बिल्कुल अलग है। यह मंदिर न केवल स्त्री-पुरुष भेदभाव को नकारता है, बल्कि सामाजिक समरसता और लैंगिक समानता की प्रेरक मिसाल भी प्रस्तुत करता है। विष्णु मंदिर, जहां अर्चना करती हैं महिला पुजारी उत्तराखंड (Uttarakhand) की सीमांत घाटियों में स्थित यह देवालय देश का इकलौता ऐसा विष्णु मंदिर है, जहां महिला को केवल पूजा करने का अधिकार ही नही...

Ahmedabad Plane Crash : तुमने बंद किया क्या? एयर इंडिया के उड़ते विमान में पायलट ने यह क्यों पूछा

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  https://uplive24.com/air-india-ahmedabad-plane-crash-fuel-cutoff-report/ अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आई चौंकाने वाली बातें, Air India फ्लाइट के दोनों इंजन कैसे बंद हुए? अहमदाबाद विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) की शुरुआती जांच रिपोर्ट के मुताबिक, उड़ान के कुछ देर बाद ही फ्यूल स्विच बंद हो गया था। 12 जून को Air India की फ्लाइट AI171, जो लंदन के लिए रवाना हुई थी, अहमदाबाद के एक घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त (Ahmedabad Plane Crash) हो गई। यह हादसा भारत में बीते लगभग 30 वर्षों का सबसे भयावह विमान हादसा (Air Crash) साबित हुआ।  फ्लाइट में सवार 242 यात्रियों में से 241 की मौत हो गई, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी जान चली गई। हादसे में कुल 260 लोगों की मौत हुई। केवल एक व्यक्ति, ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश, इस त्रासदी में जीवित बच पाए। कॉकपिट से आई रिकॉर्डिंग में खुलासा भारत के Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट में जो बातें सामने आईं, उन्होंने सभी को चौंका दिया। रिपोर...