जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने चुपके से चीन भेजा था दूत
ट्रंप और शी चिनफिंग की मुलाकात को लेकर दुनिया में उत्सुकता है। क्या यह 1972 के निक्सन–माओ (Nixon Mao Meeting) जैसी ऐतिहासिक घटना बन सकती है? uplive24.com पर जानिए उस दौर के हालात, 1972 की विश्व व्यवस्था और कैसे एक मुलाकात ने पूरी दुनिया की राजनीति बदल दी थी। Nixon Mao Meeting : अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कभी-कभी एक हैंडशेक पूरी सदी का रुख बदल देता है। आज जब Donald Trump और Xi Jinping की मुलाकात की चर्चा चल रही है, तो इतिहास के जानकारों को 1972 की वह तस्वीर याद आ रही है, जब Richard Nixon बीजिंग की धरती पर उतरे थे और Mao Zedong से मिले थे। वो सिर्फ दो नेताओं की बातचीत नहीं थी (Nixon Mao Meeting), बल्कि वह पल था जिसने शीत युद्ध की दिशा ही बदल दी। अब जब वॉशिंगटन और बीजिंग फिर से तनाव में हैं - ट्रेड वॉर, ताइवान संकट, दक्षिण चीन सागर का मसला और AI में बढ़त की होड़ जैसे मुद्दों पर टकराव है, तो दुनिया सवाल पूछ रही है - क्या ट्रंप और शी चिनफिंग की यह मुलाकात भी किसी नए Geopolitical Shift की शुरुआत होगी, जैसे निक्सन और माओ (Nixon Mao Meeting) ने किया था? Constitution : पाकिस्तान का संविधान...