Tindaya Mountain : इस पहाड़ पर बने ये पैरों के निशान किसके हैं, अब कोई यहां क्यों नहीं जा सकता?

 


पहाड़ों से जुड़ी रहस्यमी कहानियों का अंत नहीं। इनके आसपास पनपी प्राचीन सभ्यताओं की धार्मिक आस्था के केंद्र पहाड़ ही हुआ करते थे। Tindaya Mountain शायद इनमें सबसे अलग है, जहां आज भी पैर रखना मना है। uplive24.com पर जानिए इस पहाड़ की कहानी।

कभी आपने सोचा है कि किसी पहाड़ की चोटी पर जाकर आपको सैकड़ों रहस्यमयी पैरों के निशान मिलें? वो भी ऐसे निशान जो पत्थरों पर खुदे हुए हों और जिनका रहस्य आज तक कोई सुलझा न पाया हो! यही दृश्य मिलता है स्पेन के कैनरी द्वीपसमूह (Canary Islands, Spain) में स्थित टिंडाया पहाड़ (Tindaya Mountain) पर।

पैरों के रहस्य (The Mystery of Footprints)

टिंडाया (Tindaya Mountain) की चट्टानों पर बने ये निशान साधारण नहीं हैं। पुरातत्वविदों ने अब तक 300 से भी अधिक पैरों की आकृतियां खोजी हैं। ये सभी निशान एक खास दिशा में बने हुए हैं – पश्चिम की ओर, जहां से कभी सूरज ढलता है और समुद्र चमकता है। माना जाता है कि इन आकृतियों को प्राचीन मैजो (Majos) नामक आदिवासी जनजाति ने बनाया था।

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पर सवाल है क्यों?

कुछ विद्वानों का मानना है कि यह किसी धार्मिक अनुष्ठान (Rituals for Ancestors) का हिस्सा थे। वहीं कई स्थानीय लोग मानते हैं कि ये जादुई द्वार (Magical Portals) थे, जो आत्माओं और देवताओं से जुड़ने का माध्यम बने।

टिंडाया जिस फुएर्तेवेंटुरा द्वीप (Fuerteventura Island) पर है, वहां का जीवन हमेशा से समुद्र और रेगिस्तानी हवाओं से जुड़ा रहा है। यहां के लोग सदियों से मछली पकड़ने, बकरी पालन और कृषि से अपनी रोजी-रोटी कमाते आए हैं।

आज भी गांवों में आपको सफेद रंग के छोटे-छोटे घर, संकरी गलियां और छत पर सूखती मछलियां दिखाई देंगी। स्थानीय लोग बहुत धार्मिक और परंपराओं से जुड़े हुए हैं। उनके लिए टिंडाया पहाड़ सिर्फ पत्थरों का ढेर नहीं, बल्कि एक पवित्र धरोहर है।

देख सकते हैं, पर छू नहीं

मैजो जनजाति की रहस्यमीय छाया Tindaya Mountain पर आज भी दिखाई पड़ती है। दुनिया भर से आने वाले पर्यटक इस रहस्यमयी पहाड़ को देखना चाहते हैं। लेकिन यहां एक दिलचस्प नियम है – किसी भी व्यक्ति को टिंडाया (Tindaya Mountain) की चोटी पर चढ़ने की अनुमति नहीं है।

सरकार ने यहां चढ़ाई पर रोक इसलिए लगाई है क्योंकि पहाड़ (Tindaya Mountain) पर बनी पैरों की नक्काशियां बेहद नाज़ुक हैं। ज्यादा लोगों की आवाजाही से यह प्राचीन धरोहर नष्ट हो सकती है।

इससे भी बड़ी वजह है स्थानीय लोगों की भावनाएं। वे Tindaya Mountain को पवित्र स्थल मानते हैं।

इसीलिए, आज पर्यटक केवल पहाड़ को नीचे से निहार सकते हैं। पास के गांवों और व्यू प्वॉइंट्स से इसकी रहस्यमयी आकृति को देखा जा सकता है।

जब सरकारी प्रोजेक्ट पर हुआ विवाद

टिंडाया पहाड़ (Tindaya Mountain) रहस्य ही नहीं, विवादों का भी केंद्र रहा है। 1990 के दशक में यहां पर आधुनिक कला परियोजना की योजना बनी, जिसमें पहाड़ के भीतर बड़े-बड़े कमरे बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन पुरातत्वविदों और पर्यावरण प्रेमियों ने इसका विरोध किया। उनका मानना था कि इससे पहाड़ की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत नष्ट हो जाएगी।

आज यह स्पेनिश हेरिटेज साइट (Spanish Heritage Site) घोषित हो चुका है और सरकार इसकी सुरक्षा करती है।

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टिंडाया का अनसुलझा रहस्य (Unsolved Mystery of Tindaya)

सदियों बीत गए, विज्ञान ने बहुत शोध किए, लेकिन टिंडाया के पैरों के निशानों का रहस्य आज भी बरकरार है। क्या यह केवल पूजा-पाठ का हिस्सा था? या फिर प्राचीन सभ्यता का कोई गुप्त संदेश? शायद यह रहस्य कभी न सुलझ पाए। और शायद यही इसे और भी आकर्षक बना देता है।

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