बीमारियों को दूर रखेंगी नानी-दादी की ये जड़ी-बूटियां
Indian herbs for health benefits : भारत की प्रमुख जड़ी-बूटियां – तुलसी, गिलोय, मोरिंगा, अश्वगंधा, हल्दी और त्रिफला – जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, तनाव घटाने और नींद सुधारने में मदद करती हैं। uplive24.com पर जानिए इन्हें कब और कैसे लें।
भारत सदियों से जड़ी-बूटियों का घर रहा है। चाहे आयुर्वेद की बातें हों या दादी-नानी के घरेलू नुस्खे, हर जगह इन जड़ी-बूटियों का जादू दिखाई देता है (Indian herbs for health benefits)। ये सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत बनाने के लिए जानी जाती हैं।
इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स (Antioxidants) और पोषक तत्व शरीर की सूजन को कम करते हैं, इम्यूनिटी बढ़ाते हैं और कई क्रॉनिक बीमारियों (Chronic Diseases) से बचाव करते हैं।
अगर आप अपने खानपान में इन भारतीय जड़ी-बूटियों को शामिल कर लें, तो आप न सिर्फ बीमारियों से दूर रह सकते हैं बल्कि अपनी डाइजेशन, हार्ट हेल्थ और स्लीप क्वालिटी को भी बेहतर बना सकते हैं (Indian herbs for health benefits)। आइए जानते हैं उन चमत्कारी भारतीय जड़ी-बूटियों के बारे में जिन्हें आप रोजाना इस्तेमाल में ला सकते हैं।
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तुलसी - हर सांस में पवित्रता और शक्ति
तुलसी (Holy Basil) को भारत में देवी का स्वरूप माना जाता है, लेकिन इसके औषधीय गुण भी उतने ही दिव्य हैं। तुलसी सर्दी-जुकाम से बचाती है, फेफड़ों को मजबूत बनाती है और पेट को साफ रखती है। इसमें मौजूद यूजेनॉल तत्व सूजन और संक्रमण से लड़ता है। (Indian herbs for health benefits)
- सुबह खाली पेट 4-5 ताजी पत्तियां चबाएं।
- या फिर तुलसी की चाय बनाकर पिएं।
- चाहें तो 5-10 बूंद तुलसी अर्क पानी में मिलाकर भी ले सकते हैं।
गिलोय - अमृत की जड़
गिलोय (Giloy) को संस्कृत में अमृता कहा गया है यानी अमरता देने वाली। यह शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने, बुखार को नियंत्रित करने और संक्रमण से बचाने में बेहद असरदार है।
यह डेंगू, मलेरिया और वायरल जैसी बीमारियों में सहायक मानी जाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।
- 1-2 चम्मच गिलोय का जूस खाली पेट लें।
- या एक टैबलेट पानी के साथ लें।
- सुबह खाली पेट सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है।
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सहजन - पौष्टिकता का खजाना
सहजन या मोरिंगा (Moringa) को ‘सुपरफूड’ कहा जाता है क्योंकि इसमें आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन C भरपूर मात्रा में होते हैं। यह शरीर की ऊर्जा बढ़ाता है, ब्लड शुगर को नियंत्रित रखता है और मेटाबॉलिज्म को मजबूत बनाता है।
यह एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है, जो थकान को कम करता है। सहजन खून की कमी (एनीमिया) और हड्डियों की कमजोरी को दूर करने में भी प्रभावी है।
- 1 चम्मच सहजन पाउडर को स्मूदी, सूप या गर्म पानी में मिलाकर लें।
- या फिर कैप्सूल के रूप में भी ले सकते हैं।
- सुबह खाली पेट या नाश्ते के साथ लें, ताकि दिनभर ऊर्जा बनी रहे।
अश्वगंधा - तनाव भगाए, नींद जगाए
अश्वगंधा (Ashwagandha) को प्रकृति का सबसे शक्तिशाली एडैप्टोजेन कहा जाता है। यह तनाव, थकान, हार्मोनल असंतुलन और नींद की समस्या में बेहद फायदेमंद है। यह शरीर की सहनशक्ति बढ़ाती है और मानसिक शांति देती है। (Indian herbs for health benefits)
- 1 चम्मच अश्वगंधा पाउडर को दूध या गुनगुने पानी में मिलाकर लें।
- चाहें तो इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं।
- शाम या रात को सोने से पहले सेवन करें। इससे नींद गहरी आती है और मन शांत होता है।
हल्दी - हर बीमारी की दवा
हल्दी (Turmeric) को Golden Healer कहा जाता है। यह शरीर में सूजन को कम करती है, इम्यूनिटी बढ़ाती है और संक्रमण से बचाती है। हल्दी का मुख्य घटक कर्क्यूमिन (Curcumin) एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है। हल्दी जोड़ों के दर्द, पाचन समस्याओं और त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।
- आधा चम्मच हल्दी गर्म दूध में मिलाकर रात को सोने से पहले पिएं।
- या रोजाना खाना बनाते समय इसका इस्तेमाल करें।
- रात को सोने से पहले लेना सबसे फायदेमंद है।
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त्रिफला - पेट और त्वचा दोनों का साथी
त्रिफला (Triphala) तीन फलों - आंवला, हरड़ और बहेड़ा से मिलकर बनता है। यह शरीर के लिए प्राकृतिक डिटॉक्स की तरह काम करता है। पेट साफ रखता है, पाचन बेहतर करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है।
- 1 चम्मच त्रिफला पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर रात को लें।
- या एक टैबलेट सोने से पहले।
- रात में सोने से पहले सेवन करें, इससे शरीर रातभर डिटॉक्स होता है।
इन 6 जड़ी-बूटियों को अगर आप सही तरीके से और नियमित रूप से अपने जीवन में शामिल करें, तो ये आपके शरीर और मन दोनों को संतुलित रख सकती हैं (Indian herbs for health benefits)। ये प्राकृतिक, सुरक्षित और सस्ती हैं, लेकिन असर के मामले में किसी आधुनिक सप्लीमेंट से कम नहीं।
थोड़ी सावधानी जरूर रखें : कोई भी हर्ब या आयुर्वेदिक दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है।

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