झील में डूबे गांव से मिली 3000 साल पुरानी मूर्ति, अब भी हैं उंगलियों के निशान

 

Fingerprints on 3,000 year old statue : Lake Bolsena झील में पानी के नीचे दबी 3,000 साल पुरानी प्राचीन बस्ती से एक मिट्टी की मूर्ति मिली है, जिस पर उसे बनाने वाले की छाप दिखती है। यह खोज उस समय की घरेलू पूजा, जीवनशैली और आयरन एज की संस्कृति की दुर्लभ झलक पेश करती है। uplive24.com पर पढ़िए यह दिलचस्प रिपोर्ट।

Fingerprints on 3,000 year old statue : यह कहानी किसी दंतकथा जैसी लगती है, लेकिन सच है। इटली की Lake Bolsena झील के नीचे छिपा एक प्राचीन संसार अब धीरे-धीरे अपनी परतें खोल रहा है। हाल ही में यहां से 3,000 साल पुरानी मिट्टी की एक मूर्ति मिली है, जिस पर मानव उंगलियों के निशान आज भी वैसे ही दिखाई देते हैं, जैसे किसी कुम्हार ने अभी-अभी अपने हाथ हटाए हों। यह सिर्फ एक पुरातात्विक खोज नहीं, बल्कि उस समय के लोगों की संस्कृति, विश्वास और रोजमर्रा की जिंदगी की एक जीवित झलक है। 

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झील नहीं, समय का तहखाना

इटली की Lake Bolsena सिर्फ खूबसूरत नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक समय-तिजोरी है। यह झील एक ज्वालामुखी के क्रेटर में बनी है, और इसकी उम्र करीब 2 लाख से 6 लाख साल मानी जाती है। यह पूरा क्षेत्र पुराने Valsini ज्वालामुखी परिसर का हिस्सा रहा है, जो 104 ईसा पूर्व तक सक्रिय था। (Fingerprints on 3,000 year old statue)

झील के पूर्वी किनारे पर Gran Carro di Bolsena नाम की जगह है, जो 1960 के दशक से पुरातत्वविदों के लिए पहेली बनी हुई थी। लेकिन असली खुलासा 1991 में हुआ, जब पानी के नीचे पत्थरों की कतारें, लकड़ी के खंभे और मिट्टी के बर्तनों के निशान मिले।

धीरे-धीरे साफ होने लगा कि यह कोई साधारण जगह नहीं थी, बल्कि 10वीं–9वीं सदी ईसा पूर्व का एक गांव था, जो पानी के ऊपर बसा था। यहां खंभों पर घर बनाए गए थे, जिन्हें आज हम स्टिल्ट-हाउस या पाइल-ड्वेलिंग्स कहते हैं।

किसी भूकंप, जमीन धंसने या पानी का स्तर बढ़ने जैसी प्राकृतिक घटना ने पूरा गांव झील में समा दिया। पर जलमग्न होने से एक फायदा हुआ कि यह सब हजारों साल तक सुरक्षित रहा।

इस डूबे हुए गांव में खोजों का सिलसिला आगे बढ़ा और वैज्ञानिकों को एक ऐसी वस्तु मिली, जिसने सबको चकित कर दिया - 15 सेंटीमीटर ऊंची मिट्टी की एक मूर्ति, जिसके ऊपर आज भी उंगलियों की धारियां साफ नजर आती हैं। (Fingerprints on 3,000 year old statue)

ऐसा लगता है कि कारीगर ने 30 सदियां पहले जिस दिन इसे गढ़ा था, उसी दिन के निशान अब भी उस मिट्टी पर जमे हैं। यह मूर्ति शायद किसी महिला का रूप लिए है।

सबसे दिलचस्प बात कि मूर्ति (Fingerprints on 3,000 year old statue) के सीने के पास कपड़े का पैटर्न भी दिखाई देता है, जैसे कभी उसे किसी कपड़े से सजाया गया हो। यह संकेत देता है कि यह मूर्ति घरेलू पूजा, किसी निजी देवता या गृह-देवी के रूप में उपयोग होती थी।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि यह मूर्ति पूरी तरह फिनिश नहीं की गई थी, यानी इसे खास तौर पर सरल घरेलू रीति-रिवाजों के लिए बनाया गया होगा, न कि बड़े मंदिरों या सार्वजनिक अनुष्ठानों के लिए।

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तब कैसे होती थी पूजा, पता चला

पुरातत्व में अक्सर खोजें कब्रों, मंदिरों या बड़े सार्वजनिक स्थानों से मिलती हैं। लेकिन यह मूर्ति घरों वाले इलाके से मिली है, जो बताती है कि रोजमर्रा के घरों में भी लोग पूजा करते थे, अपने परिवार की देवी-देवताओं की मूर्तियां रखते थे और अपनी निजी आस्था निभाते थे। (Fingerprints on 3,000 year old statue)

यानी इस खोज ने हमें यह समझने में मदद की है कि उस समय का धार्मिक जीवन सिर्फ बड़े स्थलों तक सीमित नहीं था, बल्कि हर घर में एक छोटी-सी पूजा-थानी होती थी, बिल्कुल जैसे आज भारत के घरों में होती है।

इस झील के नीचे सिर्फ एक मूर्ति नहीं मिली। यहां मिले हैं - 450 से अधिक लकड़ी के खंभे, मिट्टी और चीनी मिट्टी के बर्तन, अनाज जैसे बाजरा से भरे मटके, लकड़ी और मिट्टी के औजार।

अनाज वाले बर्तनों से पता चलता है कि लोग सिर्फ शिकार पर निर्भर नहीं थे, वे खेती भी करते थे। उनका जीवन योजनाबद्ध और बसावट वाला था।

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गर्म पानी का चमत्कार, जिसने सब बचाकर रखा

Lake Bolsena में कई जगह ज्वालामुखी से गर्म पानी के झरने हैं। यह पानी कई बार 40°C से भी ज्यादा रहता है। इसी गर्म पानी और खनिजों ने लकड़ी, मिट्टी और अनाज जैसी चीजों को हजारों साल तक संरक्षित रखा। यानी कुदरत ने इस गांव को पानी में डुबाया भी और उसे सुरक्षित भी रखा।

2020 में जब शोध और आगे बढ़ा, वैज्ञानिकों ने पानी के भीतर एक उभरा हुआ टीला पाया, जो एक पुराने गांव के अस्तित्व का और भी मजबूत सबूत था।

रोमन काल के सिक्के भी मिले, जिससे यह समझ आता है कि यह क्षेत्र रोमन साम्राज्य के अंतिम दौर तक भी आबाद रहा।

अब इटली अपने National Recovery and Resilience Plan के तहत यहां एक विशेष Underwater Walkway बना रहा है। पर्यटक पानी के नीचे चलकर इस प्राचीन दुनिया को अपनी आंखों से देख सकेंगे।

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