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Showing posts from September, 2025

क्रिकेट खेलकर पीठ में छुरा घोंपता है पाकिस्तान

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एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान के बाहर भी मुकाबला हुआ। जिन लोगों को उम्मीद थी कि क्रिकेट से रिश्ते बेहतर होंगे, उन्हें निराशा हाथ लगी है। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट डिप्लोमेसी (India Pakistan Cricket Diplomacy) कभी लंबे वक्त के लिए सफल नहीं हुई, uplive24.com की रिपोर्ट। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं रहा, बल्कि कई बार यह कूटनीति का मंच भी बना है। इसे ही क्रिकेट डिप्लोमेसी (India Pakistan Cricket Diplomacy) कहा गया। जब भी दोनों देशों के राजनीतिक रिश्ते बिगड़े, क्रिकेट का सहारा लेकर बातचीत के दरवाजे खोले गए। लेकिन यह कहानी हमेशा उम्मीद और निराशा के बीच झूलती रही है। इस एशिया कप (Asia Cup) ने भी दिखा दिया कि पाकिस्तान को क्रिकेट खेलकर नहीं सुधारा जा सकता। जिया-उल-हक की दिल्ली यात्रा 1987 भारत-पाकिस्तान संबंधों का वह साल था, जब दोनों देश युद्ध की कगार पर पहुंच गए थे। भारत ने नवंबर 1986 से जनवरी 1987 तक राजस्थान में ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स (Operation Brasstacks) नामक अपनी सबसे बड़ी सैन्य अभ्यास चलाया। यह अभ्यास परमाणु रणनीति का परीक्षण करने के लिए था, जिस...

एशिया के शिकारी के डर से ऑस्ट्रेलिया ने बनाई सबसे बड़ी दीवार

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uplive24.com पर जानिए ऑस्ट्रेलिया के डिंगो फेंस की कहानी, क्यों बनाई गई, डिंगो क्या हैं और कैसे यह दीवार अंतरिक्ष से भी नजर आती है। अगर आपसे पूछा जाए कि अंतरिक्ष से धरती पर कौन-सी चीजें दिखाई देती हैं, तो शायद आपका जवाब होगा चीन की महान दीवार या मिस्र के पिरामिड । लेकिन कम लोग जानते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में बनी एक अनोखी दीवार भी अंतरिक्ष से दिखाई देती है।  यह दीवार न पत्थर की है और न ही ईंट की, बल्कि तारों की बनी एक विशाल फेंस (Dingo Fence) है, जो 5,600 किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी है। यह दुनिया की सबसे लंबी बाड़बंदी में से एक है और इसका मकसद है – डिंगो नामक जानवर को रोकना। Baduy tribe Indonesia : इंडोनेशिया के जंगलों का रहस्यमयी समुदाय, जो खुद को मानता है सूर्य वंशी Dingo Fence क्यों बनाई गई?  इस फेंस की शुरुआत 20वीं सदी की शुरुआत में हुई, जब ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भेड़ पालन फल-फूल रहा था। लेकिन इन भेड़ों के लिए सबसे बड़ा खतरा था डिंगो (Dingo), जो ऑस्ट्रेलिया का सबसे बड़ा जंगली कुत्ता है। इन शिकारियों ने भेड़ों पर हमले शुरू कर दिए, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठ...

Bamakhepa : बामाखेपा, जिनके आंसू पोछने खुद आती थीं मां तारा

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क्या आपने किसी ऐसे भक्त के बारे में सुना है, जिसे मां तारा खुद भोजन कराती हों और अपने बच्चे की तरह मानती हों? ऐसे ही थे बामाखेपा, जिन्होंने लोगों ने शुरू में पागल माना और फिर उनके आगे नतमस्तक हो गए। uplive24.com पर पढ़िए यह अद्भुत कहानी। भारत की धरती ने कई ऐसे संत और साधक दिए हैं, जिनकी कहानियां अलौकिकता से भरी हुई हैं। पश्चिम बंगाल का तारापीठ (Tarapith) भी ऐसा ही एक स्थान है, जहां जन्मे थे एक अद्भुत महामानव बामाखेपा (Bamakhepa)। गांव वाले उन्हें पागल बाबा कहते थे, लेकिन वास्तव में वे मां तारा (Goddess Tara) के प्रिय पुत्र और अद्वितीय साधक थे। बामाखेपा (Bamakhepa) का असली नाम वामाचरण था। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से गांव अटला (Atla village) में 1837 ईस्वी में उनका जन्म हुआ। उनके पिता एक धार्मिक ब्राह्मण थे, लेकिन जन्म के कुछ ही समय बाद उनका देहांत हो गया। मां राजकुमारी गरीबी में बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ रहीं, तो दोनों भाई-बहनों को मामा के पास तारापीठ के नजदीकी गांव भेज दिया गया।  Devi Puja in Navratri : क्या है मारण, मोहन और वशीकरण, कैसे खुश होती हैं मां काली तारा? जैसा अन...

Somnath Shivling relics : क्या प्राचीन सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े मिल गए हैं?

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सोमनाथ मंदिर और शिवलिंग के अवशेष (Somnath Shivling relics) मिलने के दावे ने नई बहस छेड़ दी है। श्री श्री रवि शंकर और रोहित गोपाल सूत महाराज ने इन अवशेषों के पास होने की बात कही है। इतिहासकारों और पुरातत्वविदों का मानना है कि इसकी सच्चाई केवल वैज्ञानिक परीक्षण से ही सामने आ सकती है। uplive24.com पर पढ़िए पूरी रिपोर्ट।  डॉ. बृजेश सती  सोमनाथ मंदिर और उसका शिवलिंग भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक माने जाते हैं। देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ पहला ज्योतिर्लिंग है। हाल में सोमनाथ शिवलिंग के अवशेष (Somnath Shivling relics) मिलने का दावा आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े लोगों द्वारा किया गया है। पहले आर्ट ऑफ लिविंग के श्री श्री रवि शंकर ने शिवलिंग के अंश होने की बात कही थी। अब चित्तौड़गढ़ के भागवत कथा वाचक रोहित गोपाल सूत महाराज ने भी इसी तरह का दावा किया है। पिछले दिनों दोनों की मुलाकात में इन अवशेषों (Somnath Shivling relics) का परीक्षण, विश्लेषण और पूजन किया गया। यदि ये सोमनाथ के प्राचीन शिवलिंग के अंश हैं, तो यह देश की आध्यात्मिक और पुरातात्विक धरोहर माना जाएगा। मग...

Israel-Palestine Conflict History : क्यों और कब से लड़ रहे हैं इजराइल-फिलिस्तीन?

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  ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है। गाजा को लेकर विवाद बढ़ रहा है। uplive24.com पर जानिए कि इसकी शुरुआत कैसे हुई, इजराइल बनने के पहले वहां क्या था, दो राष्ट्र का सिद्धांत क्या है (Israel-Palestine Conflict History)? दुनिया के सबसे लंबे और हिंसक संघर्षों में से एक है इजराइल और फिलिस्तीन (Israel-Palestine Conflict History) का विवाद। इसकी जड़ें सौ साल से भी अधिक पुरानी हैं। यह विवाद जमीन, सीमाओं और अधिकारों से जुड़ा हुआ है और इसके असर आज तक महसूस किए जा रहे हैं। यही कारण है कि इजराइल-हमास (Israel-Hamas War) के बीच युद्ध भी इसी विवाद का हिस्सा है। Recognition of Palestine : फिलिस्तीन को मान्यता पर दो खेमों में बंटी दुनिया 1948 से पहले इजराइल क्या था और कैसे बना? (Israel-Palestine Conflict History) पहले विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन ने उस क्षेत्र पर नियंत्रण किया जिसे फिलिस्तीन (Palestine) कहा जाता था। यह इलाका पहले उस्मानी साम्राज्य (Ottoman Empire) के अधीन था। यहां अरब बहुसंख्यक और यहूदी अल्पसंख्यक रहते थे। प्रथम विश्व युद्ध के दौरान, ब्रिटेन न...

बहुत घातक है मारण, मोहन मंत्र की सिद्धि, जानिए महाभारत से क्या है जुड़ाव

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मां काली तारा बहुत जल्द प्रसन्न होने वाली देवी हैं, लेकिन इनकी साधना सही तरीके से न की जाए, तो साधक का सर्वनाश भी हो सकता है। uplive24.com पर जानिए कि मारण, मोहन और वशीकरण मंत्र की साधना कैसे की जाती है और श्रीकृष्ण महाभारत के पहले किस देवी के यहां पांडवों को लेकर गए थे। मां काली तारा (Maa Kali Tara) बहुत जल्द प्रसन्न होती हैं। वह अपने भक्तों पर मारण, मोहन, वशीकरण, स्तंभन और उच्चाटन जैसी दुर्लभ सिद्धियां भी सहज लुटा देती हैं। उनकी प्रचलित तरीके से पूजा करने में कोई दिक्कत नहीं। लेकिन, देवी की आराधना की एक और विधि है- उग्र तारा अघोर साधना। इस विधि को अमूमन तांत्रिक ही अपनाते हैं। इसमें जरा-सी चूक पर साधक का सत्यानाश तय है। पूजा की दोनों विधियों में मारण, मोहन, वशीकरण, स्तंभन और उच्चाटन के अर्थ भी बदल जाते हैं। पहले जानते हैं कि शुद्ध भाव से देवी की आराधना (Devi Puja in Navratri) करने वालों के लिए इनका मतलब क्या होता है?  https://uplive24.com/navratri-me-kaise-tay-hota-hai-maa-durga-ka-vahan/ मारण मारण का भाव है अपने सबसे बड़े शत्रु क्रोध, मद, लोभ आदि का नाश, न कि किसी की हत्या का चि...

Takht-e-Rustam Stupa : बौद्ध मठ या रुस्तम की जगह, अफगानिस्तान के इस स्तूप का रहस्य क्या है?

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  अफगानिस्तान में स्थित तख्त-ए-रुस्तम स्तूप (Takht-e-Rustam Stupa) प्राचीन इतिहास और रहस्यों से भरा स्थल है। uplive24.com पर जानें इसके पीछे की कहानियां, रूस्तम से जुड़े कयास और अद्भुत रहस्य। Takht-e-Rustam Stupa : कल्पना कीजिए, आप अफगानिस्तान के समंगान प्रांत की धूल भरी सड़कों पर चल रहे हैं। आसमान नीला, हवा में रेगिस्तानी गर्मी की चुभन, और अचानक एक पहाड़ी पर कुछ ऐसा दिखता है जो किसी पुरानी इंडियाना जोन्स फिल्म का सेट लगे। नीचे उतरते ही एक गहरा गड्ढा - आठ मीटर गहरा! और उसके बीच में एक विशालकाय स्तूप, जो पत्थर से तराशा गया है, जैसे कोई जादूगर ने जमीन को काटकर स्वर्ग का द्वार खोल दिया हो।  यह है तख्त-ए-रुस्तम (Takht-e-Rustam Stupa), अफगानिस्तान का वह बौद्ध स्थल जो सदियों से इतिहासकारों, साहसी यात्रियों और किंवदंती प्रेमियों को मोह लेता है। लेकिन यह सिर्फ एक प्राचीन मठ नहीं, यह एक ऐसा रहस्य है जो बौद्ध भिक्षुओं की ध्यान-धारणा से लेकर फारसी महाकाव्यों के योद्धा-रोमांस तक फैला हुआ है।  Baduy tribe Indonesia : इंडोनेशिया के जंगलों का रहस्यमयी समुदाय, जो खुद को मानता है सूर्य वं...

Maa Durga Ka Vahan : नवरात्रि पर कैसे तय होता है मां दुर्गा का वाहन?

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क्या आपने कभी सोचा है कि हर बार नवरात्रि पर मां दुर्गा अलग-अलग सवारी (Maa Durga Ka Vahan) पर क्यों आती हैं? कैसे तय होती है सवारी? uplive24.com पर जानिए इसका आधार, पौराणिक मान्यता। नवरात्रि भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख पर्व है, जो मां दुर्गा (Maa Durga) के नौ स्वरूपों की पूजा को समर्पित है। यह नौ दिनों तक चलने वाला महापर्व सुख, समृद्धि और शक्ति का प्रतीक है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की सवारी (Maa Durga Ka Vahan) का विशेष महत्व होता है, जो ज्योतिषीय गणनाओं और पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है।  मां की सवारी (Maa Durga Ka Vahan) न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य में होने वाली घटनाओं के शुभ-अशुभ संकेत भी देती है। Devi Temple : यहां देवताओं को सजा दी जाती है नवरात्रि और मां दुर्गा की सवारी का महत्व (Maa Durga Ka Vahan) नवरात्रि का पर्व (Navratri) मां दुर्गा के नौ रूपों - शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना का समय है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा विभिन्न वाहनों (Maa Durga Ka Vahan) पर स...

कौन था Hatuey, जिसने मरते समय नर्क मांगा

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  अगर आप इतिहास के उन नायकों की तलाश में हैं जो औपनिवेशिक शोषण के खिलाफ खड़े हुए, तो Hatuey का नाम अवश्य सुनना चाहिए। Hatuey एक Taino (ताइनो) जनजाति के प्रमुख थे, जो कैरेबियन द्वीपों के मूल निवासी थे। 15वीं शताब्दी के अंत में जन्मे Hatuey को अमेरिका महाद्वीप का पहला स्वतंत्रता सेनानी माना जाता है। uplive24.com पर जानिए इस अमर विद्रोही की कहानी। क्यूबा के इतिहास और लैटिन अमेरिका की स्वतंत्रता की कहानियों में अगर किसी नाम का जिक्र सबसे पहले होता है, तो वह है Hatuey। उन्हें क्यूबा का पहला स्वतंत्रता सेनानी (First Freedom Fighter of Cuba) और अमेरिका का पहला विद्रोही (First Rebel of the Americas) कहा जाता है। हतुए स्पेनिश उपनिवेशवाद और अत्याचार के खिलाफ लड़ने वाले ताइनो (Taino) आदिवासी प्रमुख थे। Hatuey कौन थे? हतुए (Hatuey) हिस्पानिओला द्वीप के एक ताइनो प्रमुख थे। यह क्षेत्र आज का हैती और डोमिनिकन रिपब्लिक है। जब स्पेनिश उपनिवेशवादी क्रिस्टोफर कोलंबस और उनके सैनिक कैरिबियन में आए, तो उन्होंने स्थानीय आदिवासियों को गुलाम बनाने और सोने-चांदी की खोज में उनका शोषण करना शुरू कर दिया। हतुए न...

The Curse of Toumai : क्या इस शापित खोपड़ी में छिपा है इंसानी विकास का रहस्य?

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  टौमाई की खोज ने मानव उत्पत्ति की कहानी बदल दी, लेकिन इसके साथ ही जन्म लिया टौमाई के श्राप (The Curse of Toumai) ने। uplive24.com पर जानिए 70 लाख साल पुराने इस जीवाश्म का रहस्य, विवाद और मानव विकास से इसका संबंध। The Curse of Toumai : मानव उत्पत्ति (Human Origins) का रहस्य हमेशा से वैज्ञानिकों और खोजकर्ताओं को आकर्षित करता रहा है। इसी रहस्य की कड़ी में साल 2001 में अफ्रीका के चाड के जुराब रेगिस्तान (Djurab Desert) से मिली एक खोपड़ी ने पूरी वैज्ञानिक दुनिया को हिला दिया। इस जीवाश्म का नाम रखा गया टौमाई (Toumai Fossil), जिसका स्थानीय भाषा में अर्थ है - जीवन की आशा। लेकिन यह खोज जितनी महान थी, उतनी ही विवादों और ईर्ष्या से भी घिर गई। यही कारण है कि इसे आज टौमाई का श्राप (The Curse of Toumai) कहा जाता है। Jatan Nagar Palace : 100 कमरों का यह भव्य महल आज क्यों माना जाता है भुतहा? टौमाई कौन था (Who was Toumai) फ्रांस के पॉयटियर्स यूनिवर्सिटी (Poitiers University) के वैज्ञानिक मिशेल ब्रूनेट (Michel Brunet) ने यह खोपड़ी दुनिया के सामने रखी। जांच में पता चला कि यह 60 से 70 लाख साल पुरानी ह...

क्या है शापित ग्रंथ Neelavanti में, जो इसे पढ़ना मना है?

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  भारतीय साहित्य और संत परंपरा में कई ऐसे ग्रंथ हैं जिनके चारों ओर रहस्य का आवरण है। ‘नीलावंती’ ऐसा ही एक नाम है, जिसके बारे में पीढ़ी-दर-पीढ़ी कहानियां सुनाई जाती रही हैं। यह ग्रंथ ( Neelavanti Granth) कब लिखा गया, किसने लिखा और इसमें क्या है - इन सभी प्रश्नों के उत्तर आज भी धुंधले हैं। लेकिन यही धुंधलापन इसे और अधिक रहस्यमय बना देता है। uplive24.com पर जानिए कि इस ग्रंथ के बारे में आज तक क्या पता चल सका है। नीलावंती (Neelavanti Granth) भारतीय साहित्य और तांत्रिक परंपरा का एक अत्यंत रहस्यमयी और विवादास्पद ग्रंथ है। यह प्राचीन संस्कृत भाषा में लिखा गया एक पाठ है , जो तांत्रिक विद्या, मंत्रों, अनुष्ठानों और ब्रह्मांड के गूढ़ रहस्यों से जुड़ा हुआ माना जाता है। इस ग्रंथ ( Neelavanti Granth ) को एक यक्षिणी (एक अलौकिक स्त्री शक्ति) द्वारा लिखा गया बताया जाता है, और इसके इर्द-गिर्द बुनी गई कथाएं इसे एक 'श्रापित' किताब का रूप देती हैं। लोकप्रिय किवदंतियों के अनुसार, इस ग्रंथ को पढ़ने की कोशिश करने वाले कई लोगों की असामयिक मौत हो गई या उन लोगों ...

Boycott India Pakistan cricket match : क्या क्रिकेट खेलने से पाकिस्तान आतंकवाद भूल जाएगा?

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  एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच पर विवाद गहराया। पहलगाम आतंकी हमले के शहीद परिवारों और जनता ने मैच का विरोध किया। सवाल उठता है कि क्या खेल राजनीति से अलग रह सकता है? uplive24.com के विचार : भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैच हमेशा से सिर्फ खेल भर नहीं रहे। यह जज्बात है, राजनीति है, यह अतीत का बोझ है और यह भविष्य की बेचैनी भी। एशिया कप 2025 में 14 सितंबर को दुबई में होने वाला India vs Pakistan T20 मैच भी इसी विवाद के केंद्र में है। सवाल उठ रहा है – क्या भारत को यह मैच खेलना चाहिए, जब सीमा पर खून अभी सूखा भी नहीं है? 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। उस हमले में मारे गए एक पर्यटक संजय द्विवेदी के पिता ने अब एशिया कप मुकाबले का विरोध (Boycott India Pakistan cricket match) किया है। उन्होंने सरकार से अपील की, 'पाकिस्तान ने हमारे 26 निर्दोष लोगों को मारा। सरकार ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकता, तो अब खेल क्यों? जनता इस मैच का विरोध कर रही है और मैं भी इसका विरोध करता हूं।' यह आवाज अकेली नहीं है। सोशल मीडिया से लेकर स...

Manipur : अंग्रेजों की वजह से मणिपुर में दुश्मन बने कुकी और मैतेई

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मणिपुर में जनजातीय हिंसा का लंबा इतिहास है। इस समय मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव (Manipur Meitei vs Kuki conflict) है। इस तनाव के लिए अंग्रेज जिम्मेदार हैं। uplive24.com पर जानिए Manipur का इतिहास। मणिपुर (Manipur news) में 3 मई 2023 को हिंसा भड़की थी। तारीखों के हिसाब से दो साल से ज्यादा का वक्त हो गया और सूबे में अब भी जिंदगी सामान्य नहीं हो पायी है। किसी ने नहीं सोचा था कि मैतई समुदाय को एसटी सूची में शामिल किए जाने का मसला ऐसा गंभीर मोड़ ले लेगा।  मणिपुर हिंसा ने इस पूरे सूबे को दो हिस्सों में बांटकर रख दिया है। एक और कुकी हैं और दूसरी ओर मैतई। एक तरफ पहाड़ है और दूसरी तरफ मैदान। हिंसा से पीड़ित आम जनता है और सामने वे लोग, जो आग में घी डालने का काम कर रहे। Independence Day : पिस्तौल काम आई न जिन्ना का लालच, ऐसे एक बना भारत लेकिन, आखिर यह आग भड़की कैसे? पहली चिंगारी उठी कैसे? (Reason for violence in Manipur) इसका जवाब ना तीन मई की घटना में है और ना उसके पहले हुए छिटपुट विवादों में। मणिपुर अगर आज बंटा दिख रहा है, तो उसकी वजह है अंग्रेजों की नीति। मणिपुर में आज जो कुछ भी हो रहा...

Gun culture in America : क्यों अमेरिका में बेलगाम हैं बंदूकें

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  क्लास के बीच में, चर्च में और यहां तक कि हजारों की भीड़ वाली रैली में भी अचानक से कोई बंदूक निकालता है और शूटिंग शुरू। अमेरिका में लोगों को बंदूकें इतनी क्यों पसंद हैं, क्यों वहां गन कल्चर (Gun culture in America) इतना हावी है, सरकार कुछ करती क्यों नहीं, जानिए uplive24.com पर।  Gun culture in America- 10 सितंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी Charlie Kirk की एक सभा में सरेआम हत्या कर दी गई। - 10 तारीख को ही कोलाराडो के एवरग्रीन हाईस्कूल में एक छात्र ने दो साथियों को गोली मारी और फिर खुद को शूट कर लिया। - इसी साल 27 अगस्त को Minneapolis Catholic Church में प्रार्थना चल रही थी, जब 23 साल के Robin Westman ने गोलियां चलाईं - दो बच्चों की मौत और 17 घायल। हमलावर ने आत्महत्या कर ली।  ये हालिया उदाहरण हैं अमेरिकी गन कल्चर के (Gun culture in America)।  Charlie Kirk : गन कल्चर पर बोल रहे थे ट्रंप के करीबी, तभी आकर लगी गोली अमेरिका में मास शूटिंग (Mass Shootings) की समस्या लगातार गहराती जा रही है। साल 2025 के पहले आठ महीनों (जनवरी से अगस्त) में ही 309...