क्रिकेट खेलकर पीठ में छुरा घोंपता है पाकिस्तान
एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच मैदान के बाहर भी मुकाबला हुआ। जिन लोगों को उम्मीद थी कि क्रिकेट से रिश्ते बेहतर होंगे, उन्हें निराशा हाथ लगी है। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट डिप्लोमेसी (India Pakistan Cricket Diplomacy) कभी लंबे वक्त के लिए सफल नहीं हुई, uplive24.com की रिपोर्ट। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं रहा, बल्कि कई बार यह कूटनीति का मंच भी बना है। इसे ही क्रिकेट डिप्लोमेसी (India Pakistan Cricket Diplomacy) कहा गया। जब भी दोनों देशों के राजनीतिक रिश्ते बिगड़े, क्रिकेट का सहारा लेकर बातचीत के दरवाजे खोले गए। लेकिन यह कहानी हमेशा उम्मीद और निराशा के बीच झूलती रही है। इस एशिया कप (Asia Cup) ने भी दिखा दिया कि पाकिस्तान को क्रिकेट खेलकर नहीं सुधारा जा सकता। जिया-उल-हक की दिल्ली यात्रा 1987 भारत-पाकिस्तान संबंधों का वह साल था, जब दोनों देश युद्ध की कगार पर पहुंच गए थे। भारत ने नवंबर 1986 से जनवरी 1987 तक राजस्थान में ऑपरेशन ब्रासस्टैक्स (Operation Brasstacks) नामक अपनी सबसे बड़ी सैन्य अभ्यास चलाया। यह अभ्यास परमाणु रणनीति का परीक्षण करने के लिए था, जिस...