किचन वेस्ट से घर में ऐसे बनाएं कम्पोस्ट खाद
How to make compost from kitchen waste : किचन से निकले वेस्ट यानी फल-सब्जियों के छीलके, सूखे पत्तों, बचे हुए खराब हो चुके खराब भोजन से भी टेरेस गार्डेन के लिए खाद तैयार की जा सकती है। uplive24.com पर जानिए घर में कम्पोस्ट बनाने का तरीका।
How to make compost from kitchen waste : आज दुनिया भर में खाने की भारी बर्बादी एक बड़ी समस्या बन चुकी है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार हर साल अरबों टन भोजन कूड़े में फेंक दिया जाता है। यह केवल भोजन की बर्बादी नहीं है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है। जब खाने का कचरा लैंडफिल में पहुंचता है, तो वहां ऑक्सीजन की कमी के कारण यह सड़ने लगता है और मीथेन गैस पैदा करता है। यह गैस कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में कई गुना अधिक खतरनाक मानी जाती है।
दिलचस्प बात यह है कि इस समस्या का एक बड़ा समाधान हमारे अपने घरों में छिपा हुआ है। किचन से निकलने वाले फल और सब्जियों के छिलके, चायपत्ती, कॉफी ग्राउंड्स और अन्य जैविक कचरे को फेंकने के बजाय खाद में बदला जा सकता है। यही प्रक्रिया होम कम्पोस्टिंग (Home Composting) कहलाती है।
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क्या है कम्पोस्टिंग और क्यों है यह जरूरी?
कम्पोस्टिंग प्रकृति का एक प्राकृतिक रीसाइक्लिंग सिस्टम है। इसमें सूक्ष्म जीव, बैक्टीरिया और फंगस जैविक कचरे को धीरे-धीरे तोड़कर पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देते हैं। यह खाद मिट्टी की गुणवत्ता सुधारती है, पौधों की वृद्धि बढ़ाती है और पानी को लंबे समय तक रोककर रखने में मदद करती है (How to make compost from kitchen waste)।
कई लोगों को लगता है कि कम्पोस्टिंग के लिए बड़ा बगीचा या खुली जगह चाहिए, लेकिन यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आज छोटे फ्लैट, अपार्टमेंट और बालकनी में भी आसानी से कम्पोस्टिंग की जा सकती है।
कम्पोस्टिंग के लिए किन चीजों की जरूरत होती है?
एक सफल कम्पोस्ट सिस्टम के लिए पांच चीजें सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
सबसे पहले होते हैं ग्रीन्स (Greens), यानी नाइट्रोजन से भरपूर पदार्थ। इनमें फल और सब्जियों के छिलके, चायपत्ती, कॉफी ग्राउंड्स और ताजे पौधों की कटाई शामिल होती है।
दूसरी तरफ होते हैं ब्राउन्स (Browns), यानी कार्बन से भरपूर पदार्थ। सूखे पत्ते, कागज के टुकड़े, गत्ता, भूसा और कोकोपीट इसी श्रेणी में आते हैं।
इसके अलावा उचित नमी, हवा का प्रवाह और छोटे-छोटे टुकड़ों में कटा हुआ जैविक कचरा भी जरूरी होता है। विशेषज्ञ आमतौर पर तीन भाग ब्राउन और एक भाग ग्रीन सामग्री का अनुपात रखने की सलाह देते हैं (How to make compost from kitchen waste)।
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घर में कम्पोस्टिंग शुरू करने का आसान तरीका (How to make compost from kitchen waste)
अगर आप पहली बार कम्पोस्टिंग शुरू करना चाहते हैं तो एक साधारण प्लास्टिक बाल्टी या मिट्टी के गमले से शुरुआत कर सकते हैं। कंटेनर के नीचे और किनारों पर छोटे-छोटे छेद बना दें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।
इसके बाद नीचे दो से तीन इंच मोटी परत सूखे पत्तों या कोकोपीट की बिछा दें। यह अतिरिक्त नमी को सोखने और सूक्ष्म जीवों को सक्रिय करने में मदद करती है।
अब रोजाना निकलने वाले किचन वेस्ट जैसे फल-सब्जियों के छिलके, चायपत्ती या कॉफी ग्राउंड्स इसमें डालें। हर बार कचरा डालने के बाद उसे सूखे पत्तों, कटे हुए कागज या कोकोपीट से पूरी तरह ढक दें। इससे दुर्गंध नहीं आती और कम्पोस्टिंग की प्रक्रिया तेज होती है (How to make compost from kitchen waste)।
कम्पोस्ट को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
कम्पोस्ट का सही संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि मिश्रण बहुत सूखा लगे तो थोड़ा पानी छिड़क दें। वहीं अगर यह ज्यादा गीला हो जाए तो सूखे पत्ते या कागज मिला दें।
हर पांच से सात दिन में लकड़ी की छड़ी या छोटे फावड़े की मदद से कम्पोस्ट को हल्का-सा पलटते रहें। इससे हवा का प्रवाह बना रहता है और सूक्ष्म जीव बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं (How to make compost from kitchen waste)।
सामान्य तौर पर चार से छह सप्ताह के भीतर कचरा गहरे भूरे रंग की मिट्टी जैसी खाद में बदलने लगता है। जब उसमें मिट्टी जैसी खुशबू आने लगे तो समझिए आपकी खाद तैयार है।
छोटे घरों और फ्लैट्स के लिए कम्पोस्टिंग के बेहतरीन विकल्प
वर्मीकम्पोस्टिंग (Vermicomposting)
यदि आपके पास जगह कम है तो केंचुओं की मदद से खाद बनाना एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसमें विशेष प्रकार के लाल केंचुए जैविक कचरे को तेजी से तोड़कर पोषक तत्वों से भरपूर खाद तैयार करते हैं।
अच्छी तरह संचालित वर्मी बिन से बदबू नहीं आती। इसकी गंध सामान्य मिट्टी जैसी होती है और इसे रसोई या बालकनी के किसी कोने में रखा जा सकता है (How to make compost from kitchen waste)।
बोकाशी कम्पोस्टिंग (Bokashi Composting)
जापान में विकसित यह तकनीक छोटे घरों के लिए काफी लोकप्रिय हो रही है। इसमें एयरटाइट बाल्टी और विशेष सूक्ष्म जीवों की मदद से भोजन के कचरे को फर्मेंट किया जाता है।
इस विधि की खास बात यह है कि इसमें मांस, डेयरी उत्पाद और छोटी हड्डियां भी प्रोसेस की जा सकती हैं, जिन्हें सामान्य कम्पोस्टिंग में डालने की सलाह नहीं दी जाती (How to make compost from kitchen waste)।
बालकनी कम्पोस्टिंग
अगर आपके घर में छोटी-सी बालकनी भी है तो आप कम्पोस्ट बिन या टम्बलर कम्पोस्टर का उपयोग कर सकते हैं। यह विकल्प उन लोगों के लिए अच्छा है जो अधिक मात्रा में किचन वेस्ट पैदा करते हैं और घर पर ही पूरी खाद तैयार करना चाहते हैं।
कम्पोस्टिंग में क्या नहीं डालना चाहिए?
कम्पोस्टिंग के दौरान कुछ चीजों से बचना जरूरी है। मांस, मछली, दूध से बने उत्पाद, तेल और बीमार पौधों को सामान्य कम्पोस्ट बिन में नहीं डालना चाहिए। ये धीरे-धीरे सड़ते हैं, दुर्गंध पैदा करते हैं और मक्खियों या अन्य कीटों को आकर्षित कर सकते हैं (How to make compost from kitchen waste)।
पर्यावरण और बागवानी दोनों के लिए फायदेमंद
होम कम्पोस्टिंग केवल कचरा कम करने का तरीका नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इससे लैंडफिल में जाने वाले जैविक कचरे की मात्रा घटती है, ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम होता है और पौधों के लिए प्राकृतिक खाद तैयार होती है (How to make compost from kitchen waste)।
यदि हर घर अपने किचन वेस्ट का एक हिस्सा भी कम्पोस्ट में बदलना शुरू कर दे, तो शहरों में कचरे का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है। साथ ही घर की बालकनी या बगीचे के पौधों को भी पोषक तत्वों से भरपूर प्राकृतिक खाद मिलती रहेगी।

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