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Mutual Fund : क्या म्यूचुअल फंड अब भी सही है?

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https://uplive24.com/is-mutual-fund-still-right-for-investment/ 2025 में अब तक 97% म्यूचुअल फंड्स (Mutual Fund) ने अपने निवेशकों को घाटा ही दिया है। सिर्फ 3% फंड्स ही ऐसे रहे जिनमें थोड़ा बहुत मुनाफा देखने को मिला। बाजार में जब लहरें उठती हैं, तो सिर्फ नावें ही नहीं, उम्मीदें भी डगमगाने लगती हैं। यही हाल इन दिनों म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के निवेशकों का है। एक तरफ टीवी और सोशल मीडिया पर लगातार यही गूंजता रहा, 'म्यूचुअल फंड सही है!' (Mutual Fund Sahi Hai), लेकिन मार्च 2025 के आंकड़ों ने जैसे इस भरोसे को हल्का झटका दे दिया हो। शेयर बाजार (Share Market) की गिरावट ने निवेशकों को घबरा दिया है और अब वे Mutual Funds (म्यूचुअल फंड्स) से भी दूरी बनाने लगे हैं। शेयर बाज़ार में आई गिरावट का सीधा असर म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) पर पड़ा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के मुताबिक, मार्च महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स (Equity Mutual Funds) में निवेश लगभग 14% घट गया। यानी जनवरी-फरवरी की तुलना में लोग अब थोड़ा सोच-समझकर पैसा लगा रहे हैं। जहां फरवरी में थीम और सेक्टर आधारित फंड...

Tariff : ट्रंप और शी के सपने में पिस रही दुनिया

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https://uplive24.com/the-world-is-suffering-due-to-the-tariff-war-between-us-and-china/ दुनिया के दो सबसे बड़े खिलाड़ी एक बार फिर आमने-सामने हैं, लेकिन इस बार युद्ध टैंक या मिसाइलों से नहीं, टैरिफ (Tariff) और व्यापार प्रतिबंधों से लड़ा जा रहा है। और मैदान केवल वॉशिंगटन या बीजिंग नहीं है, बल्कि हर वो देश है जो इनकी छाया में सांस लेता है, भारत भी। असर दिख भी रहा है। शेयर मार्केट (Share Market) लड़खड़ा रहा है। किसी बच्चे की तरह उसने संभलने की कोशिश की एक दिन, पर उसके कदम - सेंसेक्स और निफ्टी (Sensex and Nifty) साथ नहीं दे रहे। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की कलम फिर से चली है। इस बार उन्होंने चीनी सामानों पर 104% का टैरिफ लगा दिया है। इसे किसी औपचारिक घोषणा की तरह मत पढ़िए, यह तो जैसे किले पर जंग का झंडा गाड़ने जैसा है। जवाब में चीन ने भी कह दिया है, 'हम अंत तक लड़ेंगे, पर झुकेंगे नहीं।' अब लड़ाई सिर्फ व्यापार की नहीं रह गई, ये राष्ट्रीय सम्मान और प्रभुत्व की कहानी बन चुकी है। दो रास्तों की दो कहानियां 2024 में अमेरिका ने चीन से करीब $440 अरब का सामान मंगाया, जबकि चीन ने अमेरिका स...

Black Monday : ट्रंप के टैरिफ ने याद दिलाया शेयर बाजार का वह काला सोमवार

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https://uplive24.com/trumps-tariffs-remind-black-monday-of-share-market/ ट्रंप के टैरिफ वॉर (Trump Tariff) ने दुनिया को मंदी (#TrumpRecession) के दहाने पर खड़ा कर दिया है। निवेशकों को Black Monday याद आ रहा है। क्या आपने कभी ऐसा दिन देखा है, जब बाज़ार यूं ताश के पत्तों की तरह बिखर जाए? जब निवेशकों की आंखों के सामने उनकी कमाई मिट्टी हो जाए और किसी देश के नेता के एक फैसले से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा जाए? ठीक ऐसा ही हुआ है डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ (Liberation Day Tariffs) के बाद। सोमवार की सुबह जैसे ही सूरज निकला, एशिया के शेयर बाजारों (Share Markets) में हाहाकार मच गया। जापान से लेकर ताइवान, दक्षिण कोरिया, भारत और चीन तक हर जगह एक जैसी बेचैनी थी। सेंसेक्स (Sensex) लगभग चार हजार अंक लुढ़क गया, निफ्टी (Nifty) हजार अंक से ज्यादा टूटा और करोड़ों निवेशक स्तब्ध रह गए। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिनके एक फैसले ने यह भूचाल पैदा किया, वह निश्चिंत हैं। वह कह रहे हैं, 'कभी-कभी इलाज के लिए कड़वी दवा लेनी ही पड़ती है। यह एक आर्थिक क्रांति है, और हम इसे जीतेंगे।' पर क्या...

Tariff : अमेरिका पर 880 अरब डॉलर का पड़ेगा ट्रंप टैरिफ!

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https://uplive24.com/trumps-tariff-will-increase-inflation-in-america/ https://uplive24.com/ डोनाल्ड ट्रंप ने रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) के तहत तमाम व्यापारिक साझेदारों पर एक्स्ट्रा टैक्स लाद दिया है। लेकिन कहीं इसका खामियाजा अमेरिकी जनता को न भुगतना पड़ जाए? अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने हाल ही में कुछ ऐसे टैरिफ (Tariff) लगाने की घोषणा की है, जिनका असर सिर्फ विदेशी कंपनियों पर नहीं, बल्कि खुद अमेरिका की जनता और कारोबारियों पर भी पड़ सकता है। ये टैरिफ इतने बड़े स्तर पर लगाए गए हैं कि अगर लोग पहले की तरह ही विदेशी सामान खरीदते रहे, तो अमेरिकी लोगों को हर साल करीब 880 अरब डॉलर का बोझ उठाना पड़ सकता है। ये रकम अमेरिका की कुल अर्थव्यवस्था (GDP) का लगभग 2.9% है, जो 1942 के बाद अब तक की सबसे बड़ी टैक्स वृद्धि हो सकती है। क्या राष्ट्रपति को टैक्स बढ़ाने का अधिकार है? संविधान के अनुसार अमेरिका में टैक्स तय करने का अधिकार सिर्फ संसद (कांग्रेस) को है, राष्ट्रपति को नहीं। लेकिन पिछले कई दशकों में संसद ने कुछ मामलों में राष्ट्रपति को भी ये अधिकार दिए हैं, खा...

Shri Ram : श्रीराम के जन्म पर क्या कहता है इतिहास?

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https://uplive24.com/when-was-shri-ram-born-what-are-the-historical-facts/ आस्था संदेह से परे होती है और श्रीराम (Shri Ram) का नाम तो वैसे भी सारे संदेह मिटाने वाला है। रामनवमी पर देखते हैं कि धार्मिक के अलावा ऐतिहासिक संदर्भों में कहां-कब आए हैं भगवान राम। राम (Shri Ram) कौन थे? वह एक ऐतिहासिक पुरुष थे या ईश्वर के अवतार? क्या रामायण (Ramayan) की घटनाएं उसी रूप में घटित हुई थीं, जैसी हमें सुनाई जाती हैं? और सबसे अहम सवाल - भगवान राम (Shri Ram) का जन्म अयोध्या में कब हुआ था? ये ऐसे प्रश्न हैं जो सदियों से विद्वानों, आस्थावानों और इतिहासकारों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। अगर हम ऐतिहासिक तथ्यों की ओर रुख करें, तो राम (Shri Ram) के बारे में सबसे पुराने साक्ष्य पहली सदी के आसपास के मिलते हैं। महाराष्ट्र के सातवाहन शिलालेख में राम का उल्लेख एक देवता के रूप में मिलता है। यही नहीं, मध्य प्रदेश के भरहुत स्तूप और आंध्र प्रदेश के नागार्जुनकोंडा स्तूप में भी बौद्ध रामकथाओं का अंकन हुआ है।  ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी स्थल उत्तर भारत में नहीं, बल्कि भारत के मध्य और दक्षिणी हिस्सों ...

Ram katha : अनूठी राम कथा है उत्तराखंड का रम्माण

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https://uplive24.com/uttarakhands-ramman-is-a-unique-ram-katha/ रम्माण न सिर्फ एक लोकनृत्य है, बल्कि यह देवभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का जीता-जागता उदाहरण है। इसमें राम कथा (Ram katha) कहते हैं, रामनवमी (Ramnavmi) पर खास। उत्तराखंड (Uttarakhand) के पर्वतीय अंचलों में लोकजीवन, संस्कृति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यहां के धार्मिक आयोजन, मेले और पारंपरिक नृत्य सिर्फ मनोरंजन के साधन नहीं, बल्कि इनमें दैवीय शक्ति और गहरी आस्था भी निहित होती है। इन्हीं अनूठे आयोजनों में से एक है – रम्माण नृत्य (Ramman Dance), जो चमोली जनपद के पैनखंडा क्षेत्र में हर साल विशेष परंपरा के तहत आयोजित होता है। नृत्य के माध्यम से राम कथा (Ram katha) का मंचन रम्माण नृत्य, भगवान राम की लीलाओं को बिना किसी संवाद के, केवल नृत्य और अभिनय के ज़रिए प्रस्तुत करता है। इसे रामलीला (Ramlila) की मूक शैली भी कहा जा सकता है, जिसमें संवाद की जगह 'जागर' गायन और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल होती है। खास बात यह है कि रम्माण में कलाकार संवाद नहीं बोलते, बल्कि नृत...

US vs China : ट्रंप को पता ही नहीं, वह चीन का भला कर रहे!

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https://uplive24.com/china-benefits-from-trumps-tariff-policy/ डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका को फिर से महान बनाना चाहते हैं। उन्होंने चीन समेत कई देशों पर भार-भरकम टैरिफ (Trump Tariff) लगा दिया है। कहीं इससे अमेरिका को ही घाटा न हो जाए। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बार फिर अपने पुराने रंग में आ गए हैं। उन्होंने चीन (China) के सामानों पर भारी टैक्स (Tariffs) लगाकर वाशिंगटन से बीजिंग तक हलचल मचा दी है। जवाब में चीन ने भी अमेरिका से आयातित सामानों पर 34 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप चाहते हैं कि सस्ते चीनी सामान की बाढ़ को रोका जाए ताकि अमेरिका में बने सामान को बढ़ावा मिल सके। खासकर अमेरिका के छोटे कारोबारों को सस्ती चीनी वस्तुओं से नुकसान हो रहा था, जिसे ट्रंप अब रोकना चाहते हैं। इसी के चलते उन्होंने 'de minimis' नाम की नीति भी हटा दी, जिसमें 800 डॉलर से कम के चीनी सामान टैक्स से बच जाते थे। अब हर चीज पर टैक्स लगेगा। चीन बनाम अमेरिका (US vs China) की इस स्थिति से लगता है कि दुनिया एक नए ट्रेड वॉर (Trade War) की तरफ बढ़ रही है। पहली नजर में यह कदम चीन के लिए...